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Jharkhand: 28 जुलाई को 16 कुख्यात माओवादी करेंगे सामूहिक आत्मसमर्पण, 60 लाख का था इनाम

Mon, 27 Jul 2026 06:46 PM IST
राँची ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: राँची ब्यूरो Updated Mon, 27 Jul 2026 06:46 PM IST
सार

Jharkhand News: झारखंड में माओवादी विरोधी अभियान को बड़ी सफलता मिलने जा रही है। 28 जुलाई को 60 लाख रुपये के इनामी 16 कुख्यात माओवादी सामूहिक रूप से आत्मसमर्पण करेंगे। इनमें 15 लाख का इनामी रिजरीजनलनल कमांडर संतोष उर्फ गांधी समेत कई शीर्ष कमांडर शामिल हैं। पुलिस का मानना है कि यह आत्मसमर्पण माओवादी संगठन के लिए बड़ा झटका साबित होगा।
 

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16 notorious Maoists to surrender masse on July 28
फाइल फोटो - फोटो : पीटीआई

विस्तार

झारखंड में माओवादी उग्रवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को बड़ी सफलता मिलने जा रही है। पुलिस और सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई, जंगलों में चौतरफा घेराबंदी और राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के असर से माओवादी संगठन के सदस्य लगातार हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौट रहे हैं। इसी कड़ी में 28 जुलाई को 16 कुख्यात माओवादी सामूहिक रूप से आत्मसमर्पण कर हथियार डालेंगे।
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60 लाख के इनामी माओवादी छोड़ेंगे हिंसा का रास्ता
आत्मसमर्पण करने वाले इन 16 माओवादियों पर कुल 60 लाख रुपये का इनाम घोषित है। इनमें सबसे बड़ा नाम 15 लाख रुपये के इनामी रिजनल कमांडर संतोष उर्फ गांधी का है। उसके साथ संगठन के कई अन्य वरिष्ठ कैडर भी हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटेंगे। एक साथ इतने इनामी माओवादियों का आत्मसमर्पण सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है।
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जोनल कमांडर से लेकर एरिया कमांडर तक होंगे शामिल
जानकारी के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वालों में 10-10 लाख रुपये के इनामी तीन जोनल कमांडर, पांच-पांच लाख रुपये के इनामी तीन सब-जोनल कमांडर शामिल हैं। इसके अलावा छह एरिया कमांडर और संगठन के तीन निचले स्तर के दस्ता कैडर भी हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ेंगे।
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लगातार अभियान से कमजोर पड़ा माओवादी नेटवर्क
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के लगातार अभियान के कारण झारखंड के कई इलाकों में माओवादी संगठन का प्रभाव लगातार कमजोर हुआ है। जंगलों में चल रहे सर्च ऑपरेशन, सुरक्षा बलों की सघन कार्रवाई और संगठन पर बढ़ते दबाव के साथ राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति ने भी उग्रवादियों को हिंसा छोड़ने के लिए प्रेरित किया है।


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माओवादी संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा कदम
28 जुलाई को होने वाला यह सामूहिक आत्मसमर्पण झारखंड में माओवादी विरोधी अभियान के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि 60 लाख रुपये के इनामी 16 माओवादियों का एक साथ हथियार छोड़ना संगठन की कमजोर होती पकड़ का संकेत है। इससे अन्य सक्रिय माओवादियों को भी हिंसा का रास्ता छोड़कर लोकतांत्रिक व्यवस्था और सामाजिक मुख्यधारा से जुड़ने का संदेश मिलेगा।
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