{"_id":"6a830ca7b0110a0e67029cd1","slug":"jpsc-jssc-student-protest-talks-cancelled-ranchi-students-angry-24-days-2026-08-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"JPSC-JSSC आंदोलन में बवाल: वार्ता के लिए पहुंचे छात्रों को करना पड़ा इंतजार; नहीं पहुंचे मंत्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
JPSC-JSSC आंदोलन में बवाल: वार्ता के लिए पहुंचे छात्रों को करना पड़ा इंतजार; नहीं पहुंचे मंत्री
Mon, 17 Aug 2026 06:59 PM IST
प्रतीक पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: प्रतीक पांडेय
Updated Mon, 17 Aug 2026 06:59 PM IST
सार
Jharkhand News: झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ छात्रों का आंदोलन सोमवार को 24वें दिन भी जारी रहा। सरकार के आमंत्रण पर छात्र प्रतिनिधिमंडल स्टेट गेस्ट हाउस पहुंचा, लेकिन मंत्रियों की टीम के नहीं पहुंचने से प्रस्तावित वार्ता नहीं हो सकी। इससे छात्रों में नाराजगी बढ़ गई और उन्होंने आंदोलन की आगे की रणनीति तय करने की बात कही।
विज्ञापन
आंदोलनरत छात्र
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ छात्रों का आंदोलन सोमवार को 24वें दिन भी जारी रहा। इस बीच छात्रों और सरकार के बीच प्रस्तावित वार्ता होते-होते नहीं हो सकी। सरकार की ओर से एक दिन पहले छात्रों को बातचीत के लिए आमंत्रित किए जाने के बाद आंदोलनरत छात्रों में उम्मीद जगी थी कि वार्ता के जरिए उनकी मांगों का कोई समाधान निकलेगा। छात्र प्रतिनिधिमंडल भी बातचीत के लिए तैयार होकर स्टेट गेस्ट हाउस पहुंचा, लेकिन सरकार की ओर से गठित मंत्रियों की टीम बैठक में नहीं पहुंची।
घंटों इंतजार के बाद बढ़ी नाराजगी
छात्र प्रतिनिधिमंडल काफी देर तक मंत्रियों का इंतजार करता रहा। बाद में वार्ता नहीं होने पर छात्रों में सरकार के प्रति नाराजगी बढ़ गई। छात्रों ने सवाल उठाया कि जब सरकार को बातचीत ही नहीं करनी थी तो उन्हें वार्ता के लिए आमंत्रित क्यों किया गया। उनका आरोप है कि सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही है और छात्रों के साथ यह रवैया आंदोलन को और उग्र कर सकता है।
अब आंदोलन की अगली रणनीति पर होगा मंथन
छात्र नेताओं ने कहा कि अब वे बैठक कर आंदोलन की आगे की रणनीति तय करेंगे। उनका कहना है कि लंबे समय से चल रहे आंदोलन के बावजूद यदि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता नहीं दिखाती है तो आगे आंदोलन को लेकर बड़ा फैसला लिया जा सकता है।
विज्ञापन
राहुल गांधी की चिट्ठी से बढ़ा राजनीतिक दबाव
जेपीएससी विवाद के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लिखे पत्र से भी मामला राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो गया है। राहुल गांधी ने छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेने और उनके समाधान की दिशा में पहल करने की बात कही है।
CM स्तर पर मंथन, लेकिन फैसले पर सस्पेंस
इसी बीच मुख्यमंत्री स्तर पर मंत्रियों के साथ मंथन की खबर से घटनाक्रम और महत्वपूर्ण हो गया है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि प्रोजेक्ट भवन में हुई बैठक में छात्रों की मांगों को लेकर कोई ठोस निर्णय लिया गया या नहीं। फिलहाल छात्रों की नजर सरकार की अगली पहल पर है।
24 दिन से आंदोलन, अब सरकार के अगले कदम पर नजर
सबसे बड़ा सवाल यही है कि प्रस्तावित वार्ता क्यों नहीं हो सकी और सरकार अब छात्रों से बातचीत के लिए क्या रास्ता अपनाएगी। यदि जल्द कोई ठोस पहल नहीं हुई तो 24 दिनों से जारी यह आंदोलन आगे और तेज हो सकता है।
विज्ञापन
घंटों इंतजार के बाद बढ़ी नाराजगी
छात्र प्रतिनिधिमंडल काफी देर तक मंत्रियों का इंतजार करता रहा। बाद में वार्ता नहीं होने पर छात्रों में सरकार के प्रति नाराजगी बढ़ गई। छात्रों ने सवाल उठाया कि जब सरकार को बातचीत ही नहीं करनी थी तो उन्हें वार्ता के लिए आमंत्रित क्यों किया गया। उनका आरोप है कि सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही है और छात्रों के साथ यह रवैया आंदोलन को और उग्र कर सकता है।
विज्ञापन
अब आंदोलन की अगली रणनीति पर होगा मंथन
छात्र नेताओं ने कहा कि अब वे बैठक कर आंदोलन की आगे की रणनीति तय करेंगे। उनका कहना है कि लंबे समय से चल रहे आंदोलन के बावजूद यदि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता नहीं दिखाती है तो आगे आंदोलन को लेकर बड़ा फैसला लिया जा सकता है।
विज्ञापन
राहुल गांधी की चिट्ठी से बढ़ा राजनीतिक दबाव
जेपीएससी विवाद के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लिखे पत्र से भी मामला राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो गया है। राहुल गांधी ने छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेने और उनके समाधान की दिशा में पहल करने की बात कही है।
CM स्तर पर मंथन, लेकिन फैसले पर सस्पेंस
इसी बीच मुख्यमंत्री स्तर पर मंत्रियों के साथ मंथन की खबर से घटनाक्रम और महत्वपूर्ण हो गया है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि प्रोजेक्ट भवन में हुई बैठक में छात्रों की मांगों को लेकर कोई ठोस निर्णय लिया गया या नहीं। फिलहाल छात्रों की नजर सरकार की अगली पहल पर है।
24 दिन से आंदोलन, अब सरकार के अगले कदम पर नजर
सबसे बड़ा सवाल यही है कि प्रस्तावित वार्ता क्यों नहीं हो सकी और सरकार अब छात्रों से बातचीत के लिए क्या रास्ता अपनाएगी। यदि जल्द कोई ठोस पहल नहीं हुई तो 24 दिनों से जारी यह आंदोलन आगे और तेज हो सकता है।