Jharkhand: JPSC-JSSC विवाद पर सियासी संग्राम, BJP ने सरकार को घेरा; कांग्रेस बोली- बातचीत से निकलेगा हल
झारखंड में JPSC-JSSC और CGL परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है। इसी मुद्दे पर राज्य की सियासत भी गरमा गई है। BJP सांसद निशिकांत दुबे और प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने सरकार पर छात्रों की मांगों को लेकर गंभीरता नहीं दिखाने का आरोप लगाया और CBI जांच व परीक्षाएं रद्द करने की मांग का समर्थन किया।
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झारखंड में JPSC, JSSC और CGL परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच और गरमा गया है। छात्रों की मांगों को लेकर BJP और कांग्रेस के नेताओं ने अलग-अलग बयान दिए हैं। BJP सांसद निशिकांत दुबे ने छात्रों की मांगों को जायज बताते हुए सरकार पर निशाना साधा, जबकि BJP प्रवक्ता प्रातुल शाहदेव ने सरकार पर बातचीत में देरी का आरोप लगाया। वहीं, कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर ने सरकार की ओर से छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए बातचीत और सुधार की पहल का दावा किया।
निशिकांत दुबे बोले- छात्रों की मांगें जायज, गरीब बच्चों के साथ अन्याय
देवघर में छात्र आंदोलन को लेकर BJP सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि छात्र सड़कों पर हैं और उनकी मांगें जायज हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले सात वर्षों में JPSC, JSSC और CGL के तहत आयोजित विभिन्न परीक्षाओं में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के आरोप सामने आ रहे हैं। निशिकांत दुबे ने कहा कि गरीब परिवारों के बच्चे दिन-रात मेहनत कर परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन कथित अनियमितताओं के कारण उन्हें नौकरी नहीं मिल पाती। उन्होंने आरोप लगाया कि कई लोग मिलकर झारखंड के छात्रों के साथ अन्याय कर रहे हैं।
BJP सांसद ने अपने बयान में P. चिदंबरम और राहुल गांधी पर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता पूरे मामले को देख रही है और राज्य के लोग किसी की दया पर निर्भर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अगर देश के लोगों ने अंग्रेजों का सामना किया है तो किसी सरकार से डरने की जरूरत नहीं है और लोग अपने हक के लिए लड़ेंगे।
प्रातुल शाहदेव बोले- छात्रों से बातचीत पहले होनी चाहिए थी
रांची में BJP प्रवक्ता प्रातुल शाहदेव ने छात्रों और सरकार के बीच होने वाली प्रस्तावित बातचीत को लेकर कहा कि यह दौर पहले ही हो जाना चाहिए था। उन्होंने मुख्यमंत्री पर बातचीत में देरी करने का आरोप लगाया। प्रातुल शाहदेव ने आरोप लगाया कि इससे पहले छात्र आंदोलन के दौरान छात्रों पर पुलिस कार्रवाई हुई और उनके खिलाफ हत्या के प्रयास के मामले दर्ज किए गए। उन्होंने सवाल उठाया कि छात्रों की मांगों को लेकर स्थिति इस स्तर तक क्यों पहुंची।
BJP प्रवक्ता ने कहा कि छात्रों की प्रमुख मांगों में CBI जांच कराना, TDPL द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करना और आयोजित JSSC-CGL परीक्षाओं को रद्द करना शामिल है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार छात्रों की सभी मांगों को स्वीकार करेगी।
राजेश ठाकुर बोले- सरकार समाधान के लिए गंभीर, बातचीत से निकलेगा रास्ता
वहीं, कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस पर छात्रों को संबोधित करते हुए आश्वासन दिया था कि जरूरत के मुताबिक जांच कराई जाएगी और उनकी सभी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए लगातार संवाद जरूरी है। मुख्यमंत्री ने इस दिशा में निर्देश जारी किए हैं और उम्मीद है कि मंत्रियों का समूह छात्रों के साथ सकारात्मक और रचनात्मक बातचीत करेगा।
कांग्रेस ने छात्रों से सकारात्मक संवाद की अपील की
राजेश ठाकुर ने कहा कि सरकार को उम्मीद है कि छात्र भी सकारात्मक रुख अपनाएंगे और बातचीत के जरिए समाधान की दिशा में आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि किसी निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए दोनों पक्षों को एक-दूसरे के नजरिए को समझना होगा। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे छात्रों से अपील की कि हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक बातचीत को प्राथमिकता दें। साथ ही, उन्होंने लंबे आंदोलन की तैयारी के बीच छात्रों को अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह दी। राजेश ठाकुर ने कहा कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और छात्रों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा।