Jharkhand: JPSC-JSSC गड़बड़ी पर छात्रों का अल्टीमेटम, 18 तक फैसला नहीं तो 20 अगस्त को CM आवास का घेराव
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन 24वें दिन भी जारी है। छात्र JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने और कथित गड़बड़ियों की CBI जांच की मांग पर कायम हैं। सरकार ने छात्रों को बातचीत के लिए बुलाया है।
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झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन सोमवार को 24वें दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारी छात्रों ने JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने और कथित गड़बड़ियों की CBI जांच कराने की मांग दोहराई है। छात्र नेताओं ने कहा है कि यदि 18 अगस्त तक उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ, तो 20 अगस्त को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास का घेराव किया जाएगा। इसी बीच राज्य सरकार ने छात्रों से बातचीत की पहल की है।
सरकार से बातचीत को लेकर छात्रों ने रखा अपना रुख
देवेंद्र नाथ महतो गुट के छात्र नेता रामअवतार महतो ने कहा कि यदि सरकार मंगलवार को दोपहर 2 बजे बातचीत के लिए बुलाती है, तो सबसे पहले छात्र नेताओं को इस संबंध में विचार करना होगा। उन्होंने कहा कि देवेंद्र नाथ महतो ने शुरुआत से ही छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया है और 25 तारीख से शुरू हुए सत्याग्रह में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
रामअवतार महतो ने बताया कि देवेंद्र नाथ महतो फिलहाल सदर अस्पताल में भर्ती हैं। छात्रों की योजना है कि मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे अस्पताल जाकर उनके स्वास्थ्य की स्थिति की जानकारी ली जाए। यदि उनकी तबीयत स्थिर रहती है तो उन्हें सुबह 11 बजे तक अस्पताल से लाकर आंदोलन स्थल पर पहुंचाया जाएगा। इसके बाद छात्र नेता तय दिशानिर्देश के अनुसार आगे की रणनीति बनाएंगे। उन्होंने कहा कि यदि दोपहर 2 बजे सरकार के साथ बैठक होती है तो देवेंद्र नाथ महतो और अन्य छात्र नेताओं को शामिल करते हुए एक प्रतिनिधिमंडल बातचीत के लिए जाएगा और सरकार के सामने छात्रों का पक्ष रखा जाएगा।
देवेंद्र नाथ महतो ने कही ये बात
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा, “कल मेरा ब्लड प्रेशर काफी कम हो गया था। कल दवाइयों का भी असर नहीं हो रहा था। सिर भारी लग रहा था। हालांकि, रात में सोने के बाद अब मुझे बेहतर महसूस हो रहा है।” आज छात्र प्रदर्शनकारियों और झारखंड सरकार के बीच होने वाली बातचीत को लेकर उन्होंने कहा, “सरकार को इन वार्ताओं के जरिए छात्रों को संतुष्ट करना चाहिए। हम ऐसी शिक्षा व्यवस्था चाहते हैं, जिससे आज स्कूलों में पढ़ रहे छात्रों को भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान परेशानियों का सामना न करना पड़े। उन्हें पेपर लीक या परीक्षा में अनियमितताओं जैसी समस्याओं से न जूझना पड़े। मुझे आज होने वाली बातचीत से उम्मीद है। लेकिन अगर सरकार हमारी उम्मीदों के मुताबिक मांगें पूरी नहीं करती है, तो हमारा आंदोलन जारी रहेगा।”
24वें दिन भी जारी रहा छात्रों का आंदोलन
प्रदर्शनकारी छात्र आलोक मेहता ने कहा कि सोमवार को आंदोलन का 24वां दिन है। उन्होंने कहा कि शुरुआत से ही छात्रों का रुख स्पष्ट रहा है कि वे अपनी मांगों को शांतिपूर्ण बातचीत के जरिए पूरा कराना चाहते हैं।
आलोक मेहता ने कहा कि मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि शांति वार्ता शुरू करने के लिए पहुंचे हैं और छात्रों से बैठकर समस्याओं का समाधान करने की बात कही जा रही है। उन्होंने कहा कि आज सरकार के साथ बातचीत होगी और यदि छात्रों की सभी मांगें स्वीकार कर ली जाती हैं तो वे इसे मानने के लिए तैयार हैं।
मांगें नहीं मानी गईं तो जारी रहेगा आंदोलन
आलोक मेहता ने कहा कि यदि सरकार छात्रों की मांगें स्वीकार नहीं करती है तो आंदोलन की आगे की रणनीति के अनुसार कदम उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि 18 अगस्त तक उनकी मांगें पूरी हो जाती हैं तो यह छात्रों के लिए बड़ी उपलब्धि होगी और वे मुख्यमंत्री को धन्यवाद देंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर 18 अगस्त तक मांगों पर कोई समाधान नहीं निकलता है तो 20 अगस्त के लिए पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा।
CBI जांच और JSSC-CGL रद्द करने की मांग
छात्रों का आंदोलन झारखंड की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के आरोपों को लेकर चल रहा है। आंदोलनकारी छात्र कथित गड़बड़ियों की CBI जांच और JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने की मांग पर कायम हैं। सरकार और छात्रों के बीच प्रस्तावित बातचीत को आंदोलन के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, छात्रों ने स्पष्ट किया है कि उनकी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की रणनीति तैयार है।