Ranchi: उच्च शिक्षा में जातीय भेदभाव के खिलाफ विरोध प्रदर्शन, छात्रों ने किया देशव्यापी आंदोलन का एलान
Ranchi: झारखंड और देश के उच्च शिक्षण संस्थानों में जातीय भेदभाव और उत्पीड़न के खिलाफ छात्रों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों ने 13 फरवरी को अखिल भारतीय विरोध दिवस मनाने का एलान किया है। इस दिन देशभर के 100 से अधिक विश्वविद्यालय परिसरों में प्रदर्शन और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
विस्तार
उच्च शिक्षण संस्थानों में व्याप्त जातीय भेदभाव और उत्पीड़न के खिलाफ संघर्ष को तेज करते हुए छात्र संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों ने 13 फरवरी को अखिल भारतीय विरोध दिवस मनाने का निर्णय लिया है। इसके तहत देशभर के 100 से अधिक विश्वविद्यालय परिसरों में एक साथ प्रदर्शन किए जाएंगे। यह निर्णय “अखिल भारतीय समता मंच” के बैनर तले लिया गया है, जिसका गठन 8 फरवरी को दिल्ली में किया गया था।
मंडल समिति का गठन
इसी क्रम में झारखंड के विभिन्न छात्र संगठनों की एक महत्वपूर्ण बैठक श्याम प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय, रांची स्थित जैकब हॉल में आयोजित की गई। बैठक में राज्य में आंदोलन की रूपरेखा, कार्यक्रम और रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के दौरान पांच सदस्यीय अध्यक्ष मंडल समिति का गठन किया गया, जिसमें दयाराम, संजना मेहता, बबलू मंडल, ऐतेशाम प्रवीण और शहनवाज हुसैन को शामिल किया गया।
13 फरवरी को प्रदर्शन का एलान
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 13 फरवरी को रांची सहित झारखंड के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में 'अखिल भारतीय विरोध दिवस' के तहत प्रदर्शन, सभाएं और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके माध्यम से विश्वविद्यालय परिसरों में दलित, आदिवासी, पिछड़े और अल्पसंख्यक छात्रों के साथ हो रहे संस्थागत भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई जाएगी।
ये भी पढ़ें: 'भ्रष्टाचार दबाने के लिए फाइलों को बंधक बना रही है सरकार', बाबूलाल मरांडी का हेमंत सोरेन सरकार पर हमला
यूजीसी रेगुलेशन–2026 लागू करना आवश्यक
वक्ताओं ने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में सामाजिक न्याय और समानता सुनिश्चित करने के लिए यूजीसी रेगुलेशन–2026 को प्रभावी रूप से लागू करना और रोहित एक्ट को कानून का दर्जा देना आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन प्रावधानों के अभाव में हाशिए पर खड़े वर्गों के छात्रों को लगातार मानसिक, शैक्षणिक और सामाजिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। बैठक में आदिवासी छात्र संगठन, AISA, CRJD, AISF, छात्र राजद, MSF और मूलवासी विद्यार्थी संघ के प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी की, जबकि NSUI, JCM और SFI सहित अन्य छात्र संगठनों ने आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.