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Jharkhand News: रांची में पानी पर हाहाकार, 53 वार्डों में संकट, टैंकर भी हुए फेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: राँची ब्यूरो
Updated Sat, 11 Apr 2026 02:08 PM IST
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सार
रांची में गर्मी बढ़ने के साथ ही पेयजल संकट गंभीर हो गया है। नगर निगम के 53 वार्डों में से कई ड्राई जोन में बदल चुके हैं और लोगों को पानी के लिए रोजाना संघर्ष करना पड़ रहा है।
शहरी क्षेत्रों में टैंकर से पानी की सप्लाई करते कर्मी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
झारखंड की राजधानी रांची में गर्मी बढ़ने के साथ ही पेयजल संकट गंभीर रूप लेता जा रहा है। शहर के कई इलाकों में पानी की भारी किल्लत से लोग परेशान हैं और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना भी मुश्किल हो गया है। रांची नगर निगम के 53 वार्डों में से अधिकांश क्षेत्रों में पानी की समस्या साफ तौर पर देखी जा रही है। कई वार्ड ऐसे हैं जो पूरी तरह ड्राई जोन में बदल चुके हैं, जिससे लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है।
टैंकर सप्लाई भी साबित हो रही नाकाफी
नगर निगम की ओर से टैंकर के जरिए पानी की सप्लाई की जा रही है, लेकिन यह व्यवस्था पर्याप्त नहीं है। टैंकर से मिलने वाला पानी केवल नहाने और घरेलू कामों के लिए ही उपयोग हो पा रहा है। पीने के पानी के लिए लोगों को बाजार से बोतलबंद पानी खरीदना पड़ रहा है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी पड़ रहा है।
नल-जल योजना अधूरी, नहीं मिल रही नियमित सप्लाई
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी नल-जल योजना अब तक पूरी तरह जमीन पर लागू नहीं हो पाई है। इसके चलते शहर के कई इलाकों में नलों से पानी नहीं आने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। टैंकरों की सीमित संख्या और अनियमित आपूर्ति ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। बढ़ती गर्मी के कारण जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है, जिसका सीधा असर जलापूर्ति पर पड़ रहा है। लोग घंटों पानी का इंतजार कर रहे हैं या फिर दूसरे विकल्प तलाशने को मजबूर हैं।
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'जल्द होगी बैठक'
इस मुद्दे पर मेयर रोशनी खलखो ने कहा कि जिन क्षेत्रों में पानी की समस्या है, वहां टैंकर के जरिए पानी पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि नल-जल योजना राज्य सरकार के अधीन है और इस पर जल्द ही बैठक कर ठोस निर्णय लिए जाएंगे। वार्ड 34 के निवासी उमाकांत महतो और मोहन कुमार सहित कई लोगों का कहना है कि हर साल गर्मी में यह समस्या गंभीर हो जाती है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि अस्थायी उपायों के बजाय दीर्घकालिक समाधान किया जाए, ताकि भविष्य में इस परेशानी से राहत मिल सके।
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टैंकर सप्लाई भी साबित हो रही नाकाफी
नगर निगम की ओर से टैंकर के जरिए पानी की सप्लाई की जा रही है, लेकिन यह व्यवस्था पर्याप्त नहीं है। टैंकर से मिलने वाला पानी केवल नहाने और घरेलू कामों के लिए ही उपयोग हो पा रहा है। पीने के पानी के लिए लोगों को बाजार से बोतलबंद पानी खरीदना पड़ रहा है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी पड़ रहा है।
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नल-जल योजना अधूरी, नहीं मिल रही नियमित सप्लाई
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी नल-जल योजना अब तक पूरी तरह जमीन पर लागू नहीं हो पाई है। इसके चलते शहर के कई इलाकों में नलों से पानी नहीं आने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। टैंकरों की सीमित संख्या और अनियमित आपूर्ति ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। बढ़ती गर्मी के कारण जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है, जिसका सीधा असर जलापूर्ति पर पड़ रहा है। लोग घंटों पानी का इंतजार कर रहे हैं या फिर दूसरे विकल्प तलाशने को मजबूर हैं।
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'जल्द होगी बैठक'
इस मुद्दे पर मेयर रोशनी खलखो ने कहा कि जिन क्षेत्रों में पानी की समस्या है, वहां टैंकर के जरिए पानी पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि नल-जल योजना राज्य सरकार के अधीन है और इस पर जल्द ही बैठक कर ठोस निर्णय लिए जाएंगे। वार्ड 34 के निवासी उमाकांत महतो और मोहन कुमार सहित कई लोगों का कहना है कि हर साल गर्मी में यह समस्या गंभीर हो जाती है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि अस्थायी उपायों के बजाय दीर्घकालिक समाधान किया जाए, ताकि भविष्य में इस परेशानी से राहत मिल सके।