{"_id":"69d9f753c4f5a38a92092a69","slug":"minister-deepika-pandey-singh-inaugurated-various-development-schemes-and-reiterated-the-state-governments-commitment-towards-rural-development-ranchi-news-c-1-1-noi1475-4150827-2026-04-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ranchi: गोड्डा में विकास योजनाओं की सौगात, मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने उद्घाटन कर दोहराई सरकार की प्रतिबद्धता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ranchi: गोड्डा में विकास योजनाओं की सौगात, मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने उद्घाटन कर दोहराई सरकार की प्रतिबद्धता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: राँची ब्यूरो
Updated Sat, 11 Apr 2026 02:14 PM IST
विज्ञापन
सार
गोड्डा जिले के महगामा में ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कई योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास कर पंचायतों के समग्र विकास की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने बताया कि केंद्र से पंचायतों को 52 से 65 लाख रुपये तक का फंड मिलने से विकास कार्यों में तेजी आई है और लंबित योजनाएं पूरी हो रही हैं।
विकास योजनाओं का शिलान्यास करती मंत्री दीपिका पांडेय सिंह
विज्ञापन
विस्तार
झारखंड के गोड्डा जिले के महगामा में ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कई विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने पंचायतों के समग्र विकास को लेकर राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि गांवों के विकास में तेजी लाई जा रही है।
पंचायतों को बढ़ा बजट, विकास कार्यों में आई तेजी
मंत्री ने बताया कि बीते एक वर्ष में केंद्र सरकार से पंचायतों के लिए 52 से 65 लाख रुपये तक की राशि स्वीकृत कराई गई है। उन्होंने कहा कि पहले सीमित बजट के कारण कई योजनाएं अटकी रहती थीं, लेकिन अब बढ़े हुए फंड से छोटे-बड़े सभी विकास कार्य तेजी से पूरे हो रहे हैं और वर्षों से लंबित योजनाओं को भी पूरा किया जा रहा है।
मनरेगा को कमजोर करने की कोशिश का आरोप
दीपिका पांडेय सिंह ने मनरेगा योजना को लेकर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस योजना को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है और ऐसे हालात बनाए जा रहे हैं कि मजदूर खुद काम मांगने में हिचकिचाएं। इसके बावजूद राज्य सरकार मजदूरों के बकाया भुगतान के लिए केंद्र सरकार से लगातार प्रयास कर रही है।
मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध सरकार
मंत्री ने स्पष्ट किया कि मनरेगा केंद्र सरकार की योजना है, लेकिन मजदूरों के अधिकारों की रक्षा करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है और इसमें कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। मंत्री ने स्थानीय लोगों को भरोसा दिलाया कि क्षेत्र की सभी जरूरतों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जल्द ही पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
ये भी पढ़ें: खूंटी में 12 अप्रैल को उत्पाद सिपाही परीक्षा, 14 केंद्रों पर 4668 अभ्यर्थी होंगे शामिल
जल स्रोतों के विकास और नालों का जीर्णोद्धार
उन्होंने जानकारी दी कि लकड़मारा दह की खुदाई पूरी हो चुकी है और अन्य जल स्रोतों के विकास पर भी काम जारी है। पुराने नालों के जीर्णोद्धार से जल प्रवाह को फिर से सक्रिय किया जाएगा, जिससे सिंचाई व्यवस्था और बेहतर होगी।
सड़क निर्माण और कनेक्टिविटी पर जोर
मंत्री ने बताया कि जर्जर सड़कों के निर्माण और मरम्मत पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम हो सके और कनेक्टिविटी मजबूत हो। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य पंचायत स्तर पर समग्र और समावेशी विकास सुनिश्चित करना है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर बेहतर हो सके।
Trending Videos
पंचायतों को बढ़ा बजट, विकास कार्यों में आई तेजी
मंत्री ने बताया कि बीते एक वर्ष में केंद्र सरकार से पंचायतों के लिए 52 से 65 लाख रुपये तक की राशि स्वीकृत कराई गई है। उन्होंने कहा कि पहले सीमित बजट के कारण कई योजनाएं अटकी रहती थीं, लेकिन अब बढ़े हुए फंड से छोटे-बड़े सभी विकास कार्य तेजी से पूरे हो रहे हैं और वर्षों से लंबित योजनाओं को भी पूरा किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मनरेगा को कमजोर करने की कोशिश का आरोप
दीपिका पांडेय सिंह ने मनरेगा योजना को लेकर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस योजना को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है और ऐसे हालात बनाए जा रहे हैं कि मजदूर खुद काम मांगने में हिचकिचाएं। इसके बावजूद राज्य सरकार मजदूरों के बकाया भुगतान के लिए केंद्र सरकार से लगातार प्रयास कर रही है।
मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध सरकार
मंत्री ने स्पष्ट किया कि मनरेगा केंद्र सरकार की योजना है, लेकिन मजदूरों के अधिकारों की रक्षा करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है और इसमें कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। मंत्री ने स्थानीय लोगों को भरोसा दिलाया कि क्षेत्र की सभी जरूरतों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जल्द ही पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
ये भी पढ़ें: खूंटी में 12 अप्रैल को उत्पाद सिपाही परीक्षा, 14 केंद्रों पर 4668 अभ्यर्थी होंगे शामिल
जल स्रोतों के विकास और नालों का जीर्णोद्धार
उन्होंने जानकारी दी कि लकड़मारा दह की खुदाई पूरी हो चुकी है और अन्य जल स्रोतों के विकास पर भी काम जारी है। पुराने नालों के जीर्णोद्धार से जल प्रवाह को फिर से सक्रिय किया जाएगा, जिससे सिंचाई व्यवस्था और बेहतर होगी।
सड़क निर्माण और कनेक्टिविटी पर जोर
मंत्री ने बताया कि जर्जर सड़कों के निर्माण और मरम्मत पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम हो सके और कनेक्टिविटी मजबूत हो। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य पंचायत स्तर पर समग्र और समावेशी विकास सुनिश्चित करना है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर बेहतर हो सके।