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कोरोना संक्रमण से ठीक होने के बाद भी हो सकती है सांस संबंधी समस्या

Tue, 25 Aug 2020 09:40 AM IST
योगेश साहू अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: योगेश साहू Updated Tue, 25 Aug 2020 09:40 AM IST
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Respiratory Problems May Occur Even After Recovery From Coronavirus Infection
सांस संबंधी समस्या(File Photo) - फोटो : Social media

कोरोना वायरस के संक्रमण से ठीक होने के बाद लोग सांस संबंधी समस्याओं के सबसे ज्यादा शिकार हो रहे हैं। ऐसे लोगों के कोरोना से ठीक होने के बाद क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज और उच्च रक्तचाप समेत अन्य बीमारियों के प्रति अधिक संवेदनशील होने की संभावना है। शोधकर्ताओं ने यह खुलासा कोरोना से स्वस्थ हो चुके 2,900 से अधिक लोगों की जांच के बाद किया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जो लोग पहले से ही श्वसन तंत्र संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं, यदि वे कोरोना से संक्रमित हो जाते हैं तो उन्हें ठीक होने के बाद भी अतिरिक्त सतर्कता बरतने के साथ ही कोरोना से बचाव के लिए जारी दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करने की जरूरत है।

Respiratory Problems May Occur Even After Recovery From Coronavirus Infection
कोरोना वायरस जांच (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई
  • जर्नल ऑफ जनरल इंटरनल मेडिसिन के ताजा संस्करण में प्रकाशित यह रिपोर्ट देश के सर्वोच्च शोध संस्थान भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अध्ययन से बिलकुल उलट है। आईसीएमआर ने कहा था कि हालिया अध्ययन के बाद यह पाया गया है कि कोरोना संक्रमण के एक बार होने के बाद इसके फिर से होने का कोई सबूत नहीं मिला है।
Respiratory Problems May Occur Even After Recovery From Coronavirus Infection
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

हालांकि इस दावे के उलट न्यूयार्क के सबसे बड़े शैक्षणिक चिकित्सा संस्थान माउंट सिनाई हेल्थ सिस्टम के शोधकर्ताओं ने पाया कि सांस संबंधी परेशानियां ठीक होकर गए मरीजों में आम है और इसके चलते वह फिर से अस्पताल लौट रहे हैं। इसमें पाया गया अस्पताल से उपचार के बाद ठीक होकर लौटे 2,900 लोगों में लगभग 100 से ज्यादा रोगी यानी 3.5 फीसदी के करीब को आपातकालीन देखभाल के लिए चार से पांच दिन में वापस लौटना पड़ा। इसमें से 56 रोगियों को फिर से अस्पताल आने की जरूरत नहीं थी, जबकि बाकी को अस्पताल आना पड़ा। इतना ही नहीं कोरोना से ठीक होने के बाद यह रोगियों पर कई तरह की बीमारी के प्रति अधिक संवेदनशील हो गए थे। 

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Respiratory Problems May Occur Even After Recovery From Coronavirus Infection
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

मरीजों पर अस्पताल में भर्ती होने का पड़ता है मनोवैज्ञानिक असर

  • माउंट सिनाई के गिरीश नाडकर्णी ने कहा कि जो मरीज पूरी तरह से ठीक हो गए, उनकी तुलना में आने वाले मरीजों में क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज और उच्च रक्तचाप था। उन्होंने कहा कि इस अध्ययन से पता चलता है कि कई मरीजों में अस्पताल में भर्ती होने का मनोवैज्ञानिक असर पड़ता है और उनकी समस्याएं धीरे-धीरे सामने आती हैं। इससे हमें कोरोना मरीजों में दीर्घकालीन प्रभावों का अध्ययन करने में मदद मिल सकती है और उसके निष्कर्षों के आधार पर मरीजों का इलाज बेहतर तरीके से किया जा सकता है।
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Respiratory Problems May Occur Even After Recovery From Coronavirus Infection
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
दुश्वारियों और जोखिम कारकों को समझना अहम
  • माउंट सिनाई की ही डॉ. अनुराधा लाला के अनुसार कई जगहों पर कोरोना कम हो गया है और फिर कई जगहों पर पुनर्जीवित हो गया है। इस तरह, हमारे लिए अस्पताल में भर्ती होने के दौरान की दुश्वारियों और जोखिम कारकों को समझना महत्वपूर्ण है। हमें रोगियों को अच्छी तरह से और अस्पताल से बाहर कैसे रखा जाए, यह समझने के लिए अपना ध्यान उनके ठीक होने के बाद की स्थितियों पर केंद्रित करना चाहिए।
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