सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Lifestyle ›   Health & Fitness ›   Rising CO₂ levels health risk reflected in human blood changing chemistry of our bodies

Alert: ग्लोबल वार्मिंग के साथ हेल्थ वार्निंग, इतिहास में पहली बार co₂ का स्तर सबसे ज्यादा; जानिए इसके खतरे

हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Abhilash Srivastava Updated Thu, 12 Mar 2026 12:43 PM IST
विज्ञापन
सार

 इंसान ऐसे माहौल में विकसित हुए, जिसमें कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) की मात्रा लगभग 200-300 पार्ट्स प्रति मिलियन (ppm) थी। समय के साथ यह आंकड़ा 420 ppm से ऊपर पहुंच गया है, ये हमारी प्रजाति के इतिहास में किसी भी समय से ज्यादा है। इसका सेहत पर क्या असर हो सकता है?

Rising CO₂ levels health risk reflected in human blood changing chemistry of our bodies
बढ़ता CO2 कितना खतरनाक? - फोटो : Amarujala.com
विज्ञापन

विस्तार

शरीर को स्वस्थ रखने और सभी अंगों के ठीक तरीके से काम करते रहने के लिए जरूरी है कि ऑक्सीजन युक्त खून का संचार निरंतर होता रहे। इसके लिए हमारे फेफड़े 24 घंटे सातों दिनों लगातार काम करते रहते हैं। हालांकि जिस तरह से पर्यावरण में प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है, इससे वायुमंडल में मौजूद गैसों का संतुलन भी प्रभावित हो रहा है। नतीजतन सेहत को लेकर चिंताएं भी बढ़ती जा रही हैं।

Trending Videos


जीवन का बेसिक साइंस है- हम सांस के जरिए ऑक्सीजन लेते हैं और कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ते हैं। यही हमारे अस्तित्व का आधार है। हालांकि पिछले एक दशक में कई रिपोर्ट्स में चिंता जताई जाती रही है कि वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) का स्तर बढ़ रहा है। ये स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए हानिकारक हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


बढ़ता कार्बन डाइऑक्साइड वैश्विक जलवायु परिवर्तन को तो बढ़ावा देता ही है साथ ही इससे कई तरह के स्वास्थ्य जोखिम भी हो सकते हैं, जिसको लेकर सावधान रहने की जरूरत है। इसी से संबंधित एक हालिया रिपोर्ट में शोधकर्ताओं ने बताया है कि CO2 का बढ़ता स्तर इंसानी खून में भी दिखाई देने लगा है। 

Rising CO₂ levels health risk reflected in human blood changing chemistry of our bodies
कार्बन डाई ऑक्साइड और बढ़ता प्रदूषण - फोटो : freepik.com

वातावरण में बढ़ता कार्बन डाइऑक्साइड

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं,  इंसान ऐसे माहौल में विकसित हुए जिसमें कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) की मात्रा लगभग 200-300 पार्ट्स प्रति मिलियन (ppm) थी। समय के साथ यह आंकड़ा 420 ppm से ऊपर पहुंच गया है, ये हमारी प्रजाति के इतिहास में किसी भी समय से ज्यादा है।

हम जानते हैं कि कार्बन डाइऑक्साइड की अतिरिक्त मात्रा जलवायु परिवर्तन में योगदान दे रही है, पर क्या आप जानते हैं कि यह हमारे शरीर की केमिस्ट्री को भी बदल रहा है? 


अध्ययन में क्या पता चला?

इस खतरनाक ट्रेंड को समझने के लिए विशेषज्ञों की टीम ने दुनिया के सबसे बड़े स्वास्थ्य डेटासेट में से पिछले दो दशकों की जानकारी का अध्ययन किया। इसके आधार पर जो बाते समझ आई हैं वो काफी डराने वाली हो सकती हैं।
 

  • शोधकर्ताओं ने यूएस नेशनल हेल्थ एंड न्यूट्रिशन एग्जामिनेशन सर्व (NHANES) के ब्लड केमिस्ट्री डेटा का विश्लेषण किया। 
  • इस सर्वे में 1999 से 2020 के बीच हर दो साल में लगभग 7,000 अमेरिकियों के सैंपल लिए गए थे। 
  • शोधकर्ताओं ने इसमें तीन मार्करों-  कार्बन डाइऑक्साइड, कैल्शियम और फॉस्फोरस पर गौर किया। 
  • इसमें पाया गया कि CO₂ मुख्य रूप से खून में बाइकार्बोनेट (HCO₃-) के रूप में मौजूद रहता है। जब CO₂ खून में प्रवेश करता है, तो यह बाइकार्बोनेट में बदल जाता है। 
  • यह प्रक्रिया लाल रक्त कोशिकाओं के अंदर होती है,और इससे हाइड्रोजन आयन भी बनते हैं।

Rising CO₂ levels health risk reflected in human blood changing chemistry of our bodies
खून में बढ़ता CO₂ का स्तर - फोटो : Adobe Stock Photo

खून के एसिडिक होने का खतरा 

जब थोड़े समय के लिए CO₂ का स्तर बढ़ जाता है, तो इससे खून ज्यादा एसिडिक हो सकता है और खून में बाइकार्बोनेट का स्तर थोड़ा बढ़ जाता है।

अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो किडनी पेशाब के जरिए निकलने वाले बाइकार्बोनेट की मात्रा को कम कर देती है और ज्यादा बाइकार्बोनेट बनाती हैं। इसका कुल असर यह होता है कि खून में बाइकार्बोनेट का स्तर बढ़ जाता है, जिससे लगातार बनी रहने वाली एसिडिक स्थिति से का मुकाबला किया जा सके।

Rising CO₂ levels health risk reflected in human blood changing chemistry of our bodies
सेहत पर होने वाले दुष्प्रभाव - फोटो : Adobe Stock Images

सेहत पर क्या हो सकता है इसका असर

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, इस अध्ययन का यह मतलब ये नहीं है कि जब वातावरण में CO₂ का स्तर एक निश्चित सीमा तक पहुंच जाएगा, तो लोग अचानक बीमार पड़ने लगेंगे। हालांकि डेटा से जो संकेत मिल रहा है, वह ध्यान देने लायक है।

CO₂ का बढ़ता स्तर ब्लड केमिस्ट्री में धीरे-धीरे बदलाव ला रही है। हमें वातावरण की बनावट पर भी पारंपरिक जलवायु संकेतकों के साथ-साथ नजर रखी जानी चाहिए। यह लंबे समय में लोगों की सेहत पर असर डालने वाला एक संभावित कारक हो सकता है।



हाइपरकार्बिया का असर

खून में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ने को हाइपरकैपनिया या हाइपरकार्बिया कहते हैं। इसकी वजह से रेस्पिरेटरी एसिडोसिस हो जाता है, जिससे खून बहुत ज्यादा एसिडिक हो जाता है। इसके लक्षणों में तेज सिरदर्द, सांस लेने में दिक्कत, चक्कर आने, भ्रम, पैनिक अटैक जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। 
 

  • गंभीर मामलों में अगर इलाज न किया जाए तो मरीज कोमा में भी जा सकता है या उसकी मौत भी हो सकती है।
  • CO2 की मात्रा बढ़ने से दिमाग की नसें फैल (सेरेब्रल वैसोडाइलेशन) जाती हैं, जिससे दिमाग में खून का दबाव बढ़ जाता है। इसकी वजह से तेज सिरदर्द और चक्कर आने लगते हैं।
  • CO2 का लेवल ज्यादा होने पर चक्कर आना, भ्रम, सुस्ती और डिप्रेशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।




-------------------------
स्रोत:
Rising CO₂ levels are reflected in human blood. Scientists don’t know what it means


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed