अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत का मामला लगातार उलझता जा रहा है। इस मामले की जांच कर रही सीबीआई के पास सुशांत सिंह की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फॉरेसिंक जांच रिपोर्ट आ गई है। हालांकि दिक्कत ये है कि सीबीआई के फॉरेसिंक विशेषज्ञों को जांच के लिए 20 फीसदी बचे हुए विसरा के नमूने पर ही निर्भर रहना होगा, क्योंकि विसरा के करीब 80 फीसदी नमूने पहले ही जांच में इस्तेमाल कर लिए गए हैं। अब सीबीआई की टीम सुशांत के विसरा रिपोर्ट का अध्ययन करेगी। आइए जानते हैं आखिर ये विसरा है क्या, ये क्यों किया जाता है, इसका फायदा क्या है। क्या इससे मौत का कारणों का पता लगाया जा सकता है?
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क्या विसरा जांच से खुलेगा सुशांत की मौत का राज? जानिए क्या है ये और क्यों किया जाता है इसे
Wed, 26 Aug 2020 01:50 PM IST
सोनू शर्मा
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Wed, 26 Aug 2020 01:50 PM IST
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Sushant Singh Rajput Viscera report
- फोटो : Facebook/Sushant singh rajput/Pixabay
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- फोटो : Pixabay
क्या है विसरा?
- किसी व्यक्ति की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए मृतक के शरीर के कुछ आंतरिक अंगों को सुरक्षित रख लिया जाता है, जैसे कि- फेफड़ा, किडनी, आंत, खून और पेशाब के कुछ नमूने। इसे ही विसरा कहते हैं। विसरा का रासायनिक परीक्षण करने के बाद ही मौत की वजह स्पष्ट हो पाती है। इसकी जांच फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री में होती है।
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क्या हर मरने वाले का रखा जाता है विसरा नमूना?
- नहीं, किसी व्यक्ति का शव देखने पर ऐसा लगे कि उसकी मौत संदिग्ध तरीके से हुई है या उसे जहर देकर मारने की आशंका होती है तो उसका विसरा नमूना सुरक्षित रख लिया जाता है, ताकि उस व्यक्ति की मौत के कारणों का पता लगाया जा सके।
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कितनी मात्रा में रखा जाता है विसरा नमूना?
- लिवर आधा किलो से कम नहीं
- सभी तरफ से किडनी का आधा भाग
- जहर के मामले में हड्डी और नाखूनों के कुछ भाग
- 100 ग्राम खून
- 100 ग्राम पेशाब
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किन मामलों में होती है विसरा की जांच?
- आमतौर पर सड़क दुर्घटना या गोली मारकर की गई हत्या के मामले में विसरा जांच की जरूरत नहीं पड़ती है, लेकिन अगर शव देखने के बाद मौत संदिग्ध लगे तो विसरा की जांच की जाती है।
- मृतक का शव नीला पड़ गया हो या मुंह से झाग आदि के निकलने के निशान हों तो जहर की संभावना इनकार नहीं किया जा सकता है। ऐसे मामलों में पोस्टमॉर्टम के बाद शव से विसरा का नमूना लेकर उसे सुरक्षित रख लिया जाता है।