आज विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस है। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य आत्महत्या के बढ़ते मामलों को रोकने का है। देश-दुनिया में रोजाना कई लोग आत्महत्या जैसा बड़ा कदम उठा लेते हैं। आत्महत्या के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए इसके शुरुआती लक्षणों का पता होना बहुत जरूरी होता है। आत्महत्या के शुरुआती लक्षणों का पता होने पर हम किसी की जान बचाने में सफल हो सकते हैं। आत्महत्या से जुड़ी अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए अमर उजाला ने हल्द्वानी की मनोचिकित्सक डॅाक्टर संगीता जोशी से बातचीत की। इस लेख के माध्यम से हम आपको बताते हैं कि डॅाक्टर संगीता जोशी का आत्महत्या के बारे में क्या कहना है...
World Suicide Prevention Day 2020: आत्महत्या जैसा खतरनाक कदम कोई अचानक नहीं उठाता...जानिए शुरुआती लक्षण
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आत्महत्या जैसा बड़ा कदम कोई भी अचानक नहीं उठाता है
- डॅाक्टर संगीता जोशी कहती हैं कि कोई भी व्यक्ति अचानक आत्महत्या जैसा बड़ा कदम नहीं उठाता है। आत्महत्या करने वाला व्यक्ति बहुत लंबे समय से सुसाइड करने के बारे में सोच रहा होता है। डॅाक्टर संगीता जोशी कहती हैं कि कुछ संकेतों से आसानी से पता चल सकता है कि व्यक्ति आत्महत्या जैसा बड़ा कदम उठा सकता है।
प्रिय व्यक्ति के निधन के कारण व्यक्ति आत्महत्या जैसा बड़ा कदम उठा सकता है
- डॅा संगीता जोशी कहती हैं कि किसी प्रिय व्यक्ति के निधन के कारण भी व्यक्ति आत्महत्या जैसा बड़ा कदम उठा सकता है। प्रिय व्यक्ति के निधन के कारण व्यक्ति अकेले रहने लगता है और अकेलेपन का शिकार हो जाता है। अकेलेपन का शिकार होने की वजह से व्यक्ति आत्महत्या जैसा बड़ा कदम उठा सकता है।
हमेशा दुखी रहने वाला व्यक्ति
- डॅा संगीता जोशी कहती हैं कि जो व्यक्ति हमेशा दुखी रहता है उसकी आत्महत्या करने की संभावनाएं अधिक रहती हैं। ऐसे लोगों से बात करते समय दुख और अवसाद के लक्षण आसानी से दिख सकते हैं। हमेशा दुखी रहने वाले लोग हमेशा नकारात्मक विचारों से घिरे रहते हैं।
सोशल मिडिया से दूरी बना लेते हैं आत्महत्या करने वाले लोग
- आत्महत्या करने वाला व्यक्ति सबसे दूरी बनाना शुरू करने लगता है। ऐसे व्यक्ति किसी भी समारोह, आयोजन में जाना भी पसंद नहीं करते हैं। डॅाक्टर संगीता जोशी कहती हैं कि आत्महत्या करने वाला व्यक्ति सोशल मीडिया से भी दूरी बनाने लगता है। हालांकि डॅाक्टर संगीता जोशी का ये भी कहना है कि सोशल मीडिया से दूरी बनाने के और भी कई कारण हो सकते हैं, जरूरी नहीं सोशल मीडिया से दूरी बनाने वाला हर व्यक्ति आत्महत्या जैसा बड़ा कदम उठाने वाला हो।