दुनिया में अपने खून के रिश्तों के बाद दोस्त एक ऐसा शख्स होता है जो शायद हर इंसान को प्रिय होता है। ऐसे में उस अजीज दोस्त को कोई भी खोना नहीं चाहता इसलिए जरुरी है की दोस्ती में जुड़े दोनों तरह के लोगों को एक दूसरे का ख्याल रखना चाहिए क्योंकि रिश्ता निभाना किसी एक का काम नहीं होता है। इस रिश्ते को समझना या उसे मजबूत बनाने के लिए प्रयास करना दोनों की ही जिम्मेदारी होती है। याद रखें कोई भी इंसान परफेक्ट नहीं है इसलिए उनके अच्छे और बुरी दोनों आदतों को समझने की कोशिश करें।
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फ्रेंडशिप में अगर दोस्त की ये आदतें जान ली तो मजबूत बनेगा रिश्ता
Mon, 06 May 2019 09:25 AM IST
पंखुड़ी सिंह
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
Published by: पंखुड़ी सिंह
Updated Mon, 06 May 2019 09:25 AM IST
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जिंदगी के हर मोड़ पर हर दिन अनजान लोगों से मुलाकात होती रहती है। इनमें से कुछ ऐसे होते हैं जो हमारे जीवन का हिस्सा बन जाते हैं और कुछ एक बार की मुलाकात के बाद भी अनजान रह जाते हैं। इसी तरह से दोस्त दो तरह से हमारे साथ हमकदम होते हैं। एक वह जहां हम जाते हैं जैसे कि ऑफिस, जिम, लाइब्रेरी वगैरह और दूसरा वहां जहां नए व्यक्ति हमसे मिलते हैं। इस तरह हमारे बीच एक विश्वास और पसंद-नापसंद का रिश्ता बन जाता है। ऐसे में जानिए कि किस तरह आप दोस्तों को अपने करीब ला सकते हैं।
नजरिए में बदलाव
दोस्ती की इमारत हमारी सोच की नींव पर खड़ी होती है। जब हम दूसरों को देखने के नजरिए में बदलाव लाते हैं तो दोस्तों को आकर्षित करने वाली चुंबक का रूप ले लेते हैं। जैसे ही हम दूसरों की अच्छी बातों पर ध्यान देने लगते हैं, हमें अच्छी प्रतिक्रियाएं भी मिलने लगती हैं।
दोस्ती की इमारत हमारी सोच की नींव पर खड़ी होती है। जब हम दूसरों को देखने के नजरिए में बदलाव लाते हैं तो दोस्तों को आकर्षित करने वाली चुंबक का रूप ले लेते हैं। जैसे ही हम दूसरों की अच्छी बातों पर ध्यान देने लगते हैं, हमें अच्छी प्रतिक्रियाएं भी मिलने लगती हैं।
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रिश्ते में पारदर्शिता
वह युवक-युवतियां जो ऑफिस या जिम जैसी जगह पर अपने किसी खास दोस्त के साथ ज्यादा वक्त बिताते हैं, वे अपने आचरण और व्यवहार में सतर्क रहें। ऐसा करके आप अपने दोस्त की ही मदद करेंगे। आप कोई ऐसी बात न करें कि उन्हें बुरा लगे। उनसे पारदर्शिता बनाए रखें।
वह युवक-युवतियां जो ऑफिस या जिम जैसी जगह पर अपने किसी खास दोस्त के साथ ज्यादा वक्त बिताते हैं, वे अपने आचरण और व्यवहार में सतर्क रहें। ऐसा करके आप अपने दोस्त की ही मदद करेंगे। आप कोई ऐसी बात न करें कि उन्हें बुरा लगे। उनसे पारदर्शिता बनाए रखें।
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स्पष्टवादिता
अगर आपको जरा भी आभास होता है कि आपका दोस्त आपको पसंद करने लगा है तभी उसे स्पष्ट कर दीजिए कि आप केवल दोस्त हैं। कभी ऐसा स्टेटमेंट मत दीजिए जिससे आपके दोस्त को कोई गलतफहमी हो कि आप उसे चाहते हैं। टीनएज में अक्सर इस तरह की गलतफहमी हो जाती है।
अगर आपको जरा भी आभास होता है कि आपका दोस्त आपको पसंद करने लगा है तभी उसे स्पष्ट कर दीजिए कि आप केवल दोस्त हैं। कभी ऐसा स्टेटमेंट मत दीजिए जिससे आपके दोस्त को कोई गलतफहमी हो कि आप उसे चाहते हैं। टीनएज में अक्सर इस तरह की गलतफहमी हो जाती है।