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Back Pain Treatment: दवा खाएं या योग करें? पीठ दर्द का सही इलाज क्या है

लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Shivani Awasthi Updated Mon, 02 Mar 2026 11:46 AM IST
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सार

Yoga For Back Pain: आपकी पीठ में दर्द रहता है तो इससे राहत पाने के लिए दवा ज्यादा असरदार है या योग, ये जानकर सही इलाज को अपनाएं। यहां योग और दवा दोनों का असर बताया जा रहा है।

Yoga Vs Medicine For Back Pain Treatment Peeth Dard Ka Ijal Yoga Ya Dawa
पीठ दर्द में योग या दवा, क्या असरदार - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार

दिनभर बैठे रहते हैं? दफ्तर में 8 घंटे लैपटाॅप के सामने बैठे बैठे बीत जाते हैं या घर पर आपके बच्चे वीडियो गेम और रील्स देखने के चक्कर में दिनभर मोबाइल में सिर झुकाए बैठे रहते हैं? फिर तो जरूर उनकी एक शिकायत रहती होगी... कि उनके पीठ में दर्द हो रहा है। गर्दन, पीठ या कमर का दर्द बैठी हुई जीवनशैली का परिणाम है। अब पीठ का दर्द एक आम समस्या बन चुकी है।

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लंबे समय तक लैपटॉप पर काम, गलत पॉश्चर, कम शारीरिक गतिविधि और तनाव ये सब पीठ दर्द के कारण हैं। कई लोग तुरंत दर्द की दवा लेते हैं। वहीं कुछ लोग योग का सहारा लेते हैं। लेकिन बड़ा सवाल यही है, क्या योग दवा से बेहतर है? या दोनों की भूमिका अलग है? 
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आइए जानते हैं पीठ दर्द में दवा और योग दोनों में से ज्यादा असरदार क्या होता है।

लोगों में बढ़ती पीठ दर्द की समस्या 

  • वैश्विक स्तर पर 60–80% लोग जीवन में कभी न कभी लोअर बैक पेन का अनुभव करते हैं।

  • दफ्तर में नौकरी करने वालों में क्रॉनिक बैक पेन की दर तेजी से बढ़ी है।

  • अधिकतर मामलों में दर्द मसल स्ट्रेन या खराब पॉश्चर से जुड़ा होता है, न कि गंभीर बीमारी से।

 


सवाल 1: पीठ दर्द में दवा कितना असर करती है?

जवाब: दर्द निवारक दवाएं सूजन कम करती हैं और दर्द के सिग्नल को अस्थायी रूप से दबाती हैं। दवा तेज दर्द में तुरंत राहत, सूजन में कमी और मूवमेंट आसान तो कर देती हैं लेकिन यह समस्या की जड़ को ठीक नहीं करती है। दवा के लंबे समय तक उपयोग से साइड इफेक्ट जैसे एसिडिटी, किडनी या लिवर पर असर हो सकता है। इसलिए डॉक्टर अक्सर इन्हें शॉर्ट टर्म सॉल्यूशन मानते हैं।


सवाल 2: क्या योग से पीठ दर्द कम होता है?

जवाब : योग मांसपेशियों को स्ट्रेच और मजबूत करता है, पॉश्चर सुधारता है और तनाव कम करता है जो पीठ दर्द के बड़े कारण हैं। कई क्लिनिकल स्टडीज़ में पाया गया कि 8-12 हफ्तों तक नियमित योग करने वालों में दर्द की तीव्रता में कमी आती है। मूवमेंट और फ्लेक्सिबिलिटी में सुधार होता है और दवाओं की जरूरत में कमी हो जाती है। योग का प्रभाव खासकर क्रॉनिक लोअर बैक पेन में देखा गया है।


सवाल 3: कौन-से योगासन पीठ दर्द में मददगार हैं?

  • भुजंगासन
  • मकरासन
  • बालासन
  • मार्जारी-बितिलासन (कैट-काउ)
  • सेतु बंधासन

ये आसन रीढ़ की हड्डी को सपोर्ट देने वाली मांसपेशियों को मजबूत करते हैं। ध्यान दें कि स्लिप डिस्क या गंभीर दर्द में डाॅक्टर की सलाह जरूरी है।


सवाल 4: क्या योग दवा की जगह ले सकता है?

जवाब:  यह आपकी स्थिति पर निर्भर करता है। अगर दर्द हल्का या क्रॉनिक है तो योग दीर्घकालिक समाधान हो सकता है। लेकिन अगर दर्द अचानक और तीव्र है तो पहले मेडिकल जांच और दवा जरूरी हो सकती है। नस दबने या चोट का मामला है तो सिर्फ योग पर्याप्त नहीं होगा।


योग बनाम दवा

पहलू दवा योग
राहत तुरंत धीरे-धीरे लेकिन स्थायी
साइड इफेक्ट संभव सही तरीके से करने पर कम
जड़ कारण का असर नहीं हां
मानसिक लाभ नहीं हां (तनाव कम करता है)

फिजियोथेरेपिस्ट और योग विशेषज्ञ मानते हैं कि योग और दवा विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हो सकते हैं। शुरुआती दर्द में दवा और लंबी अवधि में योग यह संतुलित रणनीति मानी जाती है।

 

 

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