योग केवल शरीर को लचीला बनाने का अभ्यास नहीं, बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य का विज्ञान है। इन्हीं प्रभावी आसनों में से एक है बद्धकोणासन, जिसे अंग्रेजी में Butterfly Pose भी कहा जाता है। यह आसन विशेष रूप से कमर, जांघों और पेल्विक एरिया के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है।
Butterfly Pose Benefits: पेट, कमर और पीरियड्स दर्द में राहत चाहिए? करें यह आसन
Baddha Konasana Ke Fayde: रोज 5 मिनट का अभ्यास आपके स्वास्थ्य में बड़ा बदलाव ला सकता है। आइए जानते हैं बद्धकोणासन के फायदे और इसे करने का सही तरीका।
बद्धकोणासन क्या है?
‘बद्ध’ का अर्थ है बंधा हुआ, कोण यानी एंगल और आसन यानी बैठने की मुद्रा। इस आसन में पैरों को सामने जोड़कर तितली की तरह हिलाया जाता है, इसलिए इसे तितली आसन भी कहा जाता है
सावधानियां
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अगर घुटने या कमर में गंभीर दर्द हो तो डॉक्टर की सलाह लें।
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अचानक जोर न लगाएं।
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रीढ़ को झुकाकर न बैठें।
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शुरुआत में कम समय के लिए करें।
बद्धकोणासन के प्रमुख फायदे
जांघ और कमर में लचीलापन
यह आसन जांघों, हिप्स और ग्रोइन मसल्स को स्ट्रेच करता है, जिससे शरीर अधिक लचीला बनता है।
पेल्विक क्षेत्र में रक्त संचार बेहतर
पेल्विक हिस्से में ब्लड सर्कुलेशन सुधारता है, जिससे प्रजनन स्वास्थ्य को लाभ मिलता है।
पीरियड्स के दर्द में राहत
महिलाओं के लिए यह आसन खास तौर पर उपयोगी है। नियमित अभ्यास से मासिक धर्म से जुड़ी असुविधा कम हो सकती है।
पाचन तंत्र मजबूत
यह पेट के अंगों को सक्रिय करता है और कब्ज जैसी समस्याओं में सहायक हो सकता है।
तनाव और थकान कम
धीरे-धीरे सांस लेते हुए अभ्यास करने से मन शांत होता है और मानसिक तनाव घटता है।
गर्भावस्था में सहायक
गर्भावस्था के दौरान यह आसन पेल्विक मसल्स को मजबूत करने में मदद कर सकता है लेकिन ध्यान रखें कि सिर्फ विशेषज्ञ की सलाह पर ही अभ्यास करें।
बद्धकोणासन करने का सही तरीका
चरण 1- फर्श पर योगा मैट बिछाकर सीधे बैठ जाएं। रीढ़ सीधी रखें।
चरण 2- दोनों पैरों को सामने फैलाएं, फिर घुटनों को मोड़कर पैरों के तलवों को आपस में मिलाएं।
चरण 3- दोनों हाथों से पैरों को पकड़ें और एड़ियों को शरीर के जितना करीब ला सकें, लाएं।
चरण 4- अब घुटनों को धीरे-धीरे ऊपर-नीचे तितली के पंखों की तरह हिलाएं।
चरण 5- 30 सेकंड से 2 मिनट तक अभ्यास करें। सामान्य सांस लेते रहें।
नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योग गुरु से संपर्क कर सकते हैं। गर्भावस्था में योग को लेकर डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें।
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