Triangle Pose Benefits in hindi: योग केवल शरीर को लचीला बनाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह संपूर्ण स्वास्थ्य का आधार है। उन्हीं प्रभावशाली आसनों में से एक है त्रिकोणासन जिसे अंग्रेजी में Triangle Pose कहते हैं। यह आसन शरीर को संतुलन, लचीलापन और मजबूती प्रदान करता है। नियमित अभ्यास से कमर, पेट और पैरों की चर्बी कम करने में भी मदद मिलती है।
Trikonasana Benefits: बिना जिम जाए फिट बनना है? अपनाएं त्रिकोणासन के अभ्यास का सही तरीका
Trikonasana Ke Fayde: त्रिकोणासन एक सरल लेकिन अत्यंत प्रभावी योगासन है। यह न केवल शरीर को सुडौल बनाता है बल्कि मानसिक शांति भी प्रदान करता है।
त्रिकोणासन करने की सही विधि
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सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं और पैरों के बीच लगभग 2 से 3 फीट की दूरी रखें।
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दोनों हाथों को कंधों की सीध में फैलाएं।
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अब दाएं पैर को 90 डिग्री बाहर की ओर मोड़ें और बाएं पैर को थोड़ा अंदर की ओर रखें।
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गहरी सांस लें और सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे दाईं ओर झुकें।
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दायां हाथ दाएं पैर, टखने या जमीन को छुए।
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बायां हाथ सीधा ऊपर की ओर रखें और नजरें ऊपर की ओर रखें।
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इस स्थिति में 20-30 सेकंड तक सामान्य सांस लेते रहें।
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धीरे-धीरे वापस खड़े हो जाएं और यही प्रक्रिया दूसरी ओर दोहराएं।
त्रिकोणासन के फायदे
1. पेट की चर्बी कम करने में सहायक
यह आसन पेट और कमर की मांसपेशियों पर खिंचाव डालता है, जिससे अतिरिक्त चर्बी कम करने में मदद मिलती है।
2. कमर दर्द में राहत
नियमित अभ्यास से रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है और कमर दर्द में आराम मिलता है।
3. पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है
यह आसन पेट के अंगों को सक्रिय करता है, जिससे गैस, कब्ज और अपच जैसी समस्याओं में लाभ मिलता है।
4. शरीर का संतुलन और लचीलापन बढ़ाता है
त्रिकोणासन पैरों, जांघों और कंधों को मजबूत बनाता है और शरीर में संतुलन बनाए रखने में मदद करता है।
5. तनाव और चिंता कम करता है
योगासन मानसिक शांति प्रदान करते हैं। त्रिकोणासन भी मन को शांत और एकाग्र बनाता है।
त्रिकोणासन करने का सही समय
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सुबह खाली पेट करना सबसे अच्छा होता है।
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यदि शाम को करें तो भोजन के कम से कम 4-5 घंटे बाद करें।
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रोजाना 5-10 मिनट अभ्यास पर्याप्त है।
त्रिकोणासन करते समय सावधानियां
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स्लिप डिस्क या गंभीर कमर दर्द वाले लोग डॉक्टर की सलाह लें।
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गर्दन में दर्द हो तो ऊपर देखने के बजाय सामने देखें।
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उच्च रक्तचाप या हृदय रोग वाले व्यक्ति सावधानी बरतें।
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झटके से नीचे न झुकें, धीरे-धीरे अभ्यास करें।
नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योग गुरु से संपर्क कर सकते हैं। गर्भावस्था में योग को लेकर डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें।
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