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पूर्वांचल एक्सप्रेसवे हादसा: दो शवों की हुई शिनाख्त, गर्भवती पत्नी को नहीं दी बेटे की मौत की सूचना

अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Wed, 25 Feb 2026 12:09 AM IST
सार

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हुए दर्दनाक हादसे में मृतकों की पहचान की जा रही है। वहीं, दो परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट गया है।

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Accident on Purvanchal Expressway: Two bodies were identified, both from Nepal and Bihar.
दुर्घटना के बाद का दृश्य। - फोटो : amar ujala

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर सोमवार को स्लीपर बस पलटने से पांच यात्रियों की मौत के मामले में मंगलवार को दो शवों की पहचान हो गई। इनकी शिनाख्त नेपाल के सरलाही, बहादुरपुर निवासी डिगन काथर (29) और बिहार के मुजफ्फरनगर निवासी लक्ष्मन के बेटे गोलू (06) के रूप में हुई है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए।



चालक के नशे की हालत में बस दौड़ाने से गोसाईंगंज के जौखंडी गांव के पास हुए हादसे में 66 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। मरने वालों में तीन बच्चे और दो पुरुष थे। सोमवार को तीन शवों की पहचान बिहार के वीरेंद्र (30), महेश की बेटी अंजली (08) और बेटे प्रियांशु के रूप में हुई थी।

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Accident on Purvanchal Expressway: Two bodies were identified, both from Nepal and Bihar.
- फोटो : amar ujala

इमरजेंसी गेट बंद कर जोखिम में डाली थी जान
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी आलोक कुमार यादव ने गोसाईंगंज थाने में तहरीर दी है। आरोप है कि चालक हादसे के बाद भाग निकला, जो नियमों के विपरित है। उसे घायलों की मदद करनी चाहिए थी। उधर, मालिक प्रदीप कुमार ने बस में अतिरिक्त सीटें लगाई थीं। इमरजेंसी गेट बंद कर यात्रियों की जान जोखिम में डाली गई। इसके साथ ही बस में क्षमता से अधिक सवारियां बैठाई गईं।

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Accident on Purvanchal Expressway: Two bodies were identified, both from Nepal and Bihar.
- फोटो : amar ujala
आरोप है कि चालक की लापरवाही से पांच लोगों की जान चली गई। इंस्पेक्टर डीके सिंह का कहना है कि यात्री सुलेखा की ओर से दर्ज कराई एफआईआर में इस शिकायत को शामिल किया जाएगा। विवेचना में आरोपियों के नाम बढ़ाए जाएंगे। आरोपी चालक सोमपाल को कोर्ट ने जेल भेज दिया।
Accident on Purvanchal Expressway: Two bodies were identified, both from Nepal and Bihar.
ट्रॉमा सेंटर में घायलों का इलाज हुआ। - फोटो : amar ujala

एनजीओ ने कराया बच्चों के शवों का अंतिम संस्कार
बस हादसे में तीन बच्चों की मौत से दो परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। हादसे में मारे गए मासूम गोलू के पिता लक्ष्मण मांझी ने बताया कि वह तीन माह से हरियाणा के अंबाला में पत्नी निभा व बच्चों के साथ रहकर मजदूरी करते थे। निभा आठ माह की गर्भवती हैं, जिनका डिलीवरी कराने के लिए वह घर जा रहे थे। निभा को नहीं पता है कि उसका बेटा गोलू अब इस दुनिया में नहीं है।

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- फोटो : amar ujala

लक्ष्मण ने बताया कि बड़ी मुश्किल से कुछ पैसे जुटाए थे, जो खर्च हो गए। साथियों से रुपयों की मांग की तो किसी ने मदद नहीं किया। गर्भवती पत्नी का इलाज चल रहा है, जिसकी हालत गंभीर है। मंगलवार को लक्ष्मण और उनकी बेटी राधा को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। उधर, हादसे में सुलेखा के दो बच्चों अंजलि और प्रियांशू की मौत से पिता महेश का रो-रोकर बुरा हाल है। हादसे की खबर पाकर प्रियांशु की मौसी चमचम ट्रेन से कुरुक्षेत्र से लखनऊ पहुंचीं। उन्होंने बताया कि लखनऊ आने के बाद पैसा खत्म हो गया है। रुपयों का इंतजाम कर वह भांजे भांजी का अंतिम संस्कार करेंगी। 

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