हम किस तरह की चीजों का रोजाना सेवन करते हैं, इसका सेहत पर सीधा असर होता है। स्वस्थ शरीर की नींव ही सही डाइट पर टिकी होती है, यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को पोषक तत्वों से भरपूर चीजों का सेवन करते रहने की सलाह देते हैं।
Diet Tips: हेल्दी रहने के लिए क्या फैट वाली चीजें खाना बिल्कुल बंद कर देना चाहिए? यहां जानिए जवाब
शरीर में कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं हेल्दी फैट पर निर्भर करती हैं। हालांकि वजन घटाने के चक्कर में लोगों ने तेल या घी को अपनी डाइट से लगभग खत्म कर दिया है। क्या ये सेहत के लिए ठीक है?
'जीरो-फैट' वाली डाइट
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, आज की जीवनशैली में लोगों की शारीरिक गतिविधि बहुत कम हो गई है। शरीर को फिट रखने के नाम पर दुनियाभर में 'जीरो फैट' का कॉन्सेप्ट चल रहा है।
वजन घटाने और खुद को तेल से बचाने की जंग में लोगों ने तेल या घी को अपनी आहार से लगभग खत्म कर दिया है। बाजार में भी 'लो-फैट' और 'जीरो-फैट' प्रोडक्ट का भी चलन शुरू हो चुका है, लेकिन असल में 'जीरो-फैट' की अवधारणा शरीर के बहुत हानिकारक है?
शरीर के लिए जरूरी है फैट
आहार विशेषज्ञ पूजा शर्मा कहती हैं, शरीर में कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं हेल्दी फैट पर निर्भर करती हैं। उदाहरण के लिए, विटामिन ए, डी, ई और के जैसे फैट-सॉल्युबल विटामिन्स के अवशोषण के लिए वसा जरूरी है। अगर डाइट में पूरी तरह से फैट बंद कर दिया जाए तो हार्मोन असंतुलन, त्वचा का रूखापन, थकान और पोषक तत्वों की कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
आयुर्वेद की मानें तो 'जीरो-फैट' की अवधारणा शरीर को सेहत नहीं, बल्कि बीमार कर रही है। अगर हम चिकनाई का इस्तेमाल कम करते हैं तो इसका असर मस्तिष्क और हमारी कोशिकाओं पर पड़ता है।
- फैट का काम सिर्फ ऊर्जा देना नहीं है, बल्कि कोशिकाओं को बनने में मदद करना भी है।
- हालांकि ध्यान देने वाली बात ये भी है कि हमारे लिए गुड फैट जरूरी है।
- देशी घी, कच्ची घानी का तेल (सरसों, नारियल या तिल), अखरोट, बादाम और अलसी के बीज, एवोकाडो और ऑलिव ऑयल से इसे प्राप्त किया जा सकता है।
पोषक तत्वों के अवशोषण के लिए भी फैट जरूरी
शरीर में कई ऐसे विटामिन होते हैं, जो वसा में घुलनशील होते हैं। ऐसे में बिना वसा के विटामिन ए, जी, ई और के का अवशोषण ठीक से नहीं हो पाता है। अगर आप वसा को अपने आहार में शामिल नहीं करेंगे तो विटामिन भी प्रभावित होंगे।
- आमतौर पर लोगों का मानना है कि वसा का काम सिर्फ ऊर्जा देना है, लेकिन यह सही नहीं है।
- गुड फैट, ओमेगा-3 फैटी एसिड, न्यूरॉन्स के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
- गुड फैट की कमी होने पर मस्तिष्क से जुड़े विकार हो सकते हैं। कम वसा खाने की वजह से अल्जाइमर और डिप्रेशन जैसी परेशानियां भी हो सकती हैं।
शरीर के दो सबसे जरूरी हॉर्मोन, टेस्टोस्टेरोन और एस्ट्रोजन को बनने के लिए भी वसा की जरूरत होती है। महिलाएं अगर गुड फैट लेना बंद कर देती हैं, तो उन्हें मासिक धर्म और प्रजनन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
क्या फैट को पूरी तरह बंद करना सही है?
डाइट से फैट को पूरी तरह खत्म करना सही नहीं है। हेल्दी फैट जैसे मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसैचुरेटेड फैट दिल की सेहत के लिए फायदेमंद माने जाते हैं। ये शरीर में गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में मदद करते हैं।
- वहीं ट्रांस फैट और अत्यधिक सैचुरेटेड फैट से बचना चाहिए क्योंकि ये हृदय रोग का जोखिम बढ़ा सकते हैं।
- विशेषज्ञों के अनुसार, कुल दैनिक कैलोरी का लगभग 20-35% हिस्सा हेल्दी फैट से आना चाहिए।
- डाइट में दालें, बीन्स, अंडे, दूध, दही, हरी सब्जियां, फल, नट्स और बीज शामिल करें।
- खाना पकाने के लिए सीमित मात्रा में हेल्दी तेल का उपयोग करें।
- प्रोसेस्ड और तले हुए खाद्य पदार्थों से दूरी बनाएं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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