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Bihar Vidhan Sabha Live: 5 किलो अनाज पर भिड़े अशोक चौधरी-सुनील सिंह; विधानसभा में ऑपरेशन लंगड़ा की जाति निकली
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: आदित्य आनंद
Updated Wed, 11 Feb 2026 04:15 PM IST
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खास बातें
Bihar News: विधानसभा में विपक्ष ने दलपतियों की बहाली का मुद्दा उठाया। इस पर पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने जवाब दिया। लेकिन, जवाब से विपक्ष संतुष्ट नहीं हो पाया। मामला बढ़ते देख सम्राट चौधरी और विजय चौधरी ने सरकार की ओर से जवाब दिया।
बिहार विधानसभा बजट सत्र।
- फोटो : अमर उजाला
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लाइव अपडेट
03:13 PM, 11-Feb-2026
इसके बाप मरेंगे तो वहीं पिंड देने जाएंगे न?
डॉ कुमुद वर्मा पटना-गया मार्ग बनने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को धन्यवाद दे रही थी। इस दौरान उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार प्रत्येक साल बोधगया जाते हैं और वहां पिंड देने वालों की व्यवस्था है, उसका निरीक्षण करते हैं। इस पर सुनील सिंह धीरे से चुटकी लेते हुए कहा कि इसके बाप मरेंगे तो वहीं पिंड देने जाएंगे न?02:26 PM, 11-Feb-2026
निशाना बहुत दूर था तो हंगामा बढ़ गया
अशोक चौधरी को मोर्चा संभालते देख राजद के विधान पार्षद सुनील कुमार सिंह उठ खड़े हुए। उन्होंने कहा कि पूरे कुआं में भांग डाला गया हो तो कोई क्या करे? उनका निशाना बहुत दूर था तो हंगामा बढ़ गया। अशोक चौधरी जवाब देने लगे तो फिर सुनील सिंह लगातार बोलने लगे। हालत यह हो गई कि कोई पक्ष शांत होने को तैयार नहीं था। तब सभापति ने पहल कर दोनों को शांत कराया।01:25 PM, 11-Feb-2026
Bihar Vidhan Parishad Live: मंत्री अशोक चौधरी बोल रहे थे तो सुनील सिंह क्या बोलने लगे?
उन्होंने कहा कि पांच किलो की जगह परिवारों को चार किलो अनाज मिल रहा है। इसपर मोहम्मद खालिद अनवर सामने आ गए। कहा कि मेरे यहां तो ऐसी शिकायत नहीं है। यह मैं दावा के साथ कह रहा हूं कि ऐसा कहीं नहीं है। दोनों में कहासुनी बढ़ी तो मंत्री अशोक चौधरी ने महेश्वर सिंह से इस बात का प्रमाण मांग दिया।01:09 PM, 11-Feb-2026
Bihar Vidhan Parishad Live: विधान परिषद में गड़बड़ी करने वालों पर कार्रवाई की मांग
बिहार विधान परिषद् में मंगलवार की तरह बुधवार को भी हंगामा रहा। इस बार 5 किलो अनाज पर मंत्री अशोक चौधरी और राजद सदस्य सुनील सिंह भिड़ गए। हुआ यूं कि स्थानीय प्राधिकार पूर्वी चंपारण से परिषद् में आने वाले महेश्वर सिंह ने गरीबों को मिलने वाले अनाज में घालमेल पर हंगामा शुरू कर दिया।12:35 PM, 11-Feb-2026
Bihar Budget Session Live: विधान परिषद में विपक्ष ने विजय सिन्हा से क्या सवाल पूछा?
बिहार विधान परिषद की कार्यवाही शुरू हुई। विपक्ष की एमएलसी शशि यादव ने कहा कि ठेका पर दैनिक भोगी को सरकार के द्वारा किए गए भुगतान का पूरा अंश नहीं मिल पाता है इसलिए उनको स्थायी कर्मी के रुप में उनको किया जाए। इस पर डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने कहा कि सुझाव अच्छा है। विचार किया जाएगा। वहीं एमएलसी अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा कि नगर आवास विभाग में 3200 योजनाएं स्वीकृत की गई, जिसमें 101 योजनाएं डुप्लीकेट में जिस अधिकारियों ने बिना जांच के स्वीकृत कर दी। उसके विरुद्ध क्या कार्रवाई की गई? जनता के पैसा की बर्बादी नहीं हो इसके लिए सरकार ध्यान दे। विजय सिन्हा ने कहा कि एक ही तरह के अलग अलग मामलों का अलग अलग परिणाम नहीं होंगे। ऐसा आदेश हमने अपने विभाग के सीओ को दिए हैं।12:12 PM, 11-Feb-2026
Bihar Budget Session Live: सम्राट के बाद विजय चौधरी ने दिया विपक्ष के सवाल का जवाब
डिप्टी सीएम की बात के बाद माले विधायक ने कोर्ट के आदेश का जिक्र किया। संदीप सौरभ ने कहा कि मैं पूरी कॉपी दे रहा हूं। इसमें दो दो कोर्ट का आदेश है। डीएम को विचार करने की बात ही नहीं कही है। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री ने इस मामले में हस्तक्षेप किया। उन्होंने सरकार की ओर से कहा कि कोर्ट ने जो आदेश दिया है वह भी आप पढ़ दीजिए। क्यों कि कोर्ट ने जो आदेश दिया है वह स्पष्ट है। कोर्ट ने जिलाधिकारी को 90 दिन के अंदर विचार कर निर्णय लेने का आदेश दिया। हमलोगों ने तो कोर्ट के ही निर्णय स्वागत किया। इसके बाद मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि उपमुख्यमंत्री ने सरकार के पक्ष को अच्छे से रखा। लेकिन, सरकार दलपतियों के प्रति संवेदना रखती है। पंचायत सचिव के पद पर उन्हें बहाल नहीं किया जा सकता है। दलपतियों ने लंबे समय तक समाज की सेवा की है। विभाग की कोई अन्य योजना आएगी और बहाली निकलेगी तो सरकार उनका ध्यान रखेगी।
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12:09 PM, 11-Feb-2026
Bihar Budget Session Live: सम्राट चौधरी उतरे दीपक प्रकाश के बचाव में
माले विधायक संदीप सौरभ पंचायती राज विभाग के मंत्री दीपक प्रकाश के जवाब से संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने फिर सवाल पूछा कि कोर्ट के निर्देश का पालन सरकार क्यों नहीं कर रही है? इसके बाद डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी अचानक खड़े हो गए। उन्होंने कहा कि मैं आपके सवाल का जवाब देता हूं। कहा कि कोर्ट के निर्णय का सरकार ने स्वागत किया। कोर्ट ने विचार करने का निर्देश दिया था। इसके बाद जिलाधिकारी ने बैठक की। विचार किया और इसके बाद निर्णय लिया। इतनी सी ही बात है। इसमें कोई संशय नहीं है।11:50 AM, 11-Feb-2026
Bihar Budget Session Live: पंचायती राज मंत्री ने क्या जवाब दिया?
पंचायती राज विभाग के मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि माले विधायक के सवाल का जवाब देते हुए इस मामले को समझने के लिए थोड़ा इतिहास के पन्नों को पलटना होगा। दलपति 1950-60 से दलपति सेवा देते आए हैं। वह ग्रामीण क्षेत्र में आपातकालीन सेवा, छोटे अपराध के नियंत्रण पर अपनी सेवा देते आए हैं। 1993-94 में जब परिसीमन हुआ तो अविभाजित बिहार में पंचायतों की संख्या बढ़ गई थी। उस वक्त बढ़े हुए पंचायतों में दलपतियों की बहाली भी हुई। उस वक्त पंचायत सेवक के 531 रिक्त पद उस वक्त थे। इसमें से 351 पदों पर दलपतियों की बहाली हुई थी। इसके बाद 2011 में बिहार ग्राम पंचायत सचिव नियुक्ति की नियमावली आ गई। इसी के आधार पर वर्तमान में बहाली हो रही है। इनकी बहाली बिहार एसएससी के जरिए होती है। इस कारण दलपतियों की बहाली न्यायपूर्ण नहीं लगता। क्यों नियमावली आ गई है। माले विधायक का प्रश्न पटना जिला से है। 1990 के दशक का आप आधार बनाएंगे तो उस वक्त परिसीमन के बाद पद घट गए थे। 13 से कम हाे गए थे। इसलिए अब इस बहाली का कोई औचित्य नहीं है। कोर्ट के आदेश पर बहुत टीका टिप्पणी करना मुनासिब नहीं होगा। दलपतियों को पंचायत सेवक के पदों पर बहाल किया जा रहा था तो उस वक्त पदों की संख्या घटी थी।
11:45 AM, 11-Feb-2026
Bihar Budget Session Live: भाकपा माले उठाया दलपतियों की बहाली का मुद्दा
भाकपा माले के विधायक संदीप सौरभ ने कहा कि मैंने पटना के 18 दलपतियों को पंचायत सचिव के रिक्त पद पर नियुक्त करने का मामला पूछा था। सरकार ने जब जवाब दिया लेकिन मैं इससे अंसतुष्ट हूं। 1990 के बाद से दलपतियों को पंचायत सचिव के पद पर बहाल करना शुरू किया गया। लेकिन, पटना के 18 दलपतियों को अब तक यह मौका नहीं मिला। जब पटना के यह 18 दलपति हाईकोर्ट में गए तों वहां से निर्देश दिया गया कि पटना जिले में पंचायत सचिव के 111 पद खाली हैं। इन पदों पर सरकार 90 दिनों के अंदर दलपतियों की बहाली करे। सरकार ने कहा कि कोर्ट के आदेश के आलोक में डीएम के नेतृत्व में बैठक हुई। इसमें सर्वसम्मित इसे इसे खारिज कर दिया गया। संदीप सौरभ ने पूछा कि क्या कोर्ट के ऑर्डर को डीएम को खारिज करने का अधिकार है। संदीप सौरभ ने पंचायत राज विभाग के मंत्री दीपक प्रकाश से यह सवाल पूछा।11:27 AM, 11-Feb-2026