सब्सक्राइब करें

Himachal Budget Session: रोबोटिक सर्जरी पर विधानसभा में सवाल-जवाब, सरकार ने दी चरणबद्ध लागू करने की जानकारी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: Ankesh Dogra Updated Tue, 31 Mar 2026 01:17 PM IST
विज्ञापन
खास बातें

हिमाचल प्रदेश विधानसभा बजट सत्र के दूसरे चरण के 11वें दिन सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे से शुरू है।

himachal pradesh assembly budget session 2026 Question-and-Answer Session on Robotic Surgery in the Legislativ
सदन में संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विज्ञापन
Trending Videos

लाइव अपडेट

02:02 PM, 31-Mar-2026

विधानसभा में दूध भुगतान और डेयरी व्यवस्था पर चर्चा, सरकार ने अप्रैल तक भुगतान का दिया आश्वासन

शिमला में विधानसभा के दौरान सदस्य सतपाल सत्ती ने दूध की अदायगी को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि लोगों को दूध के पैसे समय पर नहीं मिल रहे हैं और 20 किलो से अधिक दूध का भुगतान नहीं किया जा रहा, जबकि यह बात सरकार की गारंटी में भी कही गई थी।

कैबिनेट मंत्री चंद कुमार ने जवाब देते हुए कहा कि जनवरी 2026 तक दूध का भुगतान कर दिया गया है, जबकि फरवरी और मार्च का भुगतान अप्रैल तक कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि दूध मापदंड के अनुसार लिया जा रहा है। कृषि मंत्री ने बताया कि पहले 583 सोसायटी थीं, जो अब बढ़कर 768 हो गई हैं। उन्होंने माना कि प्लांट में क्षमता के अनुसार काम नहीं हो पा रहा है, लेकिन अब दूध का पाउडर बनाने के बजाय घी बनाया जाएगा। विभाग का नया प्लांट जल्द बनने जा रहा है, जिसका उद्घाटन सितंबर तक करने का लक्ष्य है। ऊना और बिलासपुर में भी प्लांट स्थापित किए जाएंगे और कई नई सोसायटी रजिस्टर की गई हैं।

सदस्य अनिल शर्मा ने कहा कि यह स्पष्ट किया जाए कि कितनी सोसायटी दूध लेने के लिए तैयार हैं और रजिस्ट्रेशन की स्थिति क्या है। उन्होंने कहा कि कई जगह दूध को 5 घंटे तक रखना पड़ता है, जिससे वह खराब हो जाता है और इसका नुकसान सोसायटी को उठाना पड़ता है। उन्होंने चिलिंग स्टेशन खोलने की जरूरत बताई और पूछा कि बचा हुआ दूध किस तरह उपयोग में लाया जा रहा है, क्या उसे पाउडर बनाया जा रहा है, जबकि बाजार में मिल्क पाउडर की उपलब्धता भी कम है।

सदस्य चंद्रशेखर ने कहा कि यह योजना पिछले दो वर्षों में धरातल पर उतरी है और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने बताया कि उनके क्षेत्र में 30 सोसायटी रजिस्टर की गई हैं और जनता के बीच अच्छा संदेश गया है। उन्होंने कहा कि डगवार प्लांट की क्षमता करीब डेढ़ लाख लीटर है और निजी क्षेत्र को भी बढ़ावा दिया जाना चाहिए, ताकि युवाओं को रोजगार मिल सके। उन्होंने इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए क्रांतिकारी कदम बताया।

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार की गारंटी के तहत एक परिवार से 10 किलोलीटर दूध लेने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि डगवार प्लांट की क्षमता डेढ़ लाख लीटर है, जहां दूध, घी और अन्य उत्पाद तैयार किए जाएंगे। सरकार डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सस्ती दरों पर सुविधाएं देने को भी तैयार है। दत्तनगर में रोजाना लगभग 70 हजार लीटर दूध एकत्रित हो रहा है, जहां 25 पैसे सस्ता दूध दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इस क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा, हालांकि इसमें थोड़ा समय लगेगा। पांगी क्षेत्र में भी 20 हजार लीटर की क्षमता विकसित की जा रही है। उन्होंने कहा कि अभी हमारा दूध बाहर जा रहा है, लेकिन आने वाले समय में हिमाचल प्रदेश के दूध की गुणवत्ता और अच्छी होगी 

सदस्य लोकेन्द्र ने दत्तनगर की स्थिति उठाते हुए कहा कि वहां करीब एक लाख लीटर दूध एकत्रित हो रहा है, लेकिन कांटा (वजन मापने की व्यवस्था) नहीं होने के कारण सोसायटी को करीब 600 लीटर दूध का नुकसान हो रहा है।
01:16 PM, 31-Mar-2026

रोबोटिक सर्जरी पर विधानसभा में सवाल-जवाब, सरकार ने दी चरणबद्ध लागू करने की जानकारी

शिमला में विधानसभा के दौरान रोबोटिक सर्जरी को लेकर विधायकों राकेश जमवाल, केवल सिंह पठानिया व विपिन परमार ने सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि यह सुविधा कहां-कहां स्थापित की जाएगी और इसके लिए कितना स्टाफ तैनात किया जाएगा। रोबोटिक सर्जरी के जवाब में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बताया कि पहले इसका सर्वे किया गया और यह मशीन एक करोड़ 20 लाख रुपये सस्ती पड़ी।

उन्होंने कहा कि पांच साल तक इसका मेंटेनेंस किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आयुष्मान केंद्र सरकार की योजना है और हिमकेयर के तहत इस सुविधा को शामिल करने पर विचार किया जाएगा। एक लाख रुपये तक का इलाज हिमकेयर से संभव है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य सरकार की प्राथमिकता हैं और कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है, जिसमें गरीबों का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की सोच एम्स जैसी सुविधाएं उपलब्ध करवाने की है। आईजीएमसी में कई मशीनें 20-20 साल पुरानी हैं और इलाज पर 20-20 लाख रुपये तक खर्च हो जाता था। उन्होंने बताया कि 20 डॉक्टरों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। आम आदमी के लिए 70 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी, जबकि स्पेशल वार्ड लेने वालों को यह सुविधा नहीं मिलेगी। कर्मचारियों को पूरा रिइम्बर्समेंट मिलेगा।

वहीं नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर ने कहा कि इस सर्जरी पर करीब एक लाख रुपये खर्च आएगा, जिससे यह सुविधा केवल साधन संपन्न लोगों तक सीमित रह सकती है। उन्होंने कहा कि पांच स्थानों पर रोबोटिक सर्जरी लगाने की बात की जा रही है, लेकिन फिलहाल स्टाफ उपलब्ध नहीं है। उनका सुझाव था कि सरकार को पहले दो स्थानों से इसकी शुरुआत करनी चाहिए थी और स्टाफ को प्रशिक्षण देना चाहिए, ताकि सभी डॉक्टर प्रशिक्षित हो सकें। उन्होंने कहा कि दो मशीनों से भी यह कार्य प्रभावी ढंग से किया जा सकता था।
01:12 PM, 31-Mar-2026

Himachal Budget Session: रोबोटिक सर्जरी पर विधानसभा में सवाल-जवाब, सरकार ने दी चरणबद्ध लागू करने की जानकारी

हिमाचल प्रदेश विधानसभा बजट सत्र के दूसरे चरण के 11वें दिन सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे से शुरू है। विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रश्नकाल में विधायकों ने रोबोटिक सर्जरी को लेकर कई अहम सवालों पर जवाब मांगा है।
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed