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Lucknow News: जुबिली इंटर कॉलेज में 14 करोड़ से बनेगी हाई-टेक टाटा ड्रीम लैब

Mon, 20 Jul 2026 12:15 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 20 Jul 2026 12:15 AM IST
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A high-tech Tata Dream Lab will be built at Jubilee Inter College at a cost of 14 crore.
रविशंकर गुप्ता
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लखनऊ। सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी अब केवल किताबों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मशीन लर्निंग, कोडिंग और थ्री-डी डिजाइन जैसी भविष्य की तकनीकों में भी दक्ष बनेंगे। राजधानी के राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज में राज्य सरकार और टाटा के साझा प्रयास से 14 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से हाई-टेक टाटा ड्रीम लैब स्थापित की जा रही है। यह लैब सरकारी विद्यालयों में तकनीकी शिक्षा और नवाचार का नया केंद्र बनेगी, जहां छात्र ''रटकर पढ़ने'' के बजाय ''करके सीखने'' की अवधारणा के साथ आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।
लैब में विद्यार्थी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग को केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं रखेंगे, बल्कि एआई स्टूडियो और अत्याधुनिक कंप्यूटरों के माध्यम से इनका व्यावहारिक प्रशिक्षण लेंगे। उन्हें कोडिंग, सेंसर आधारित तकनीक, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), ऑटोमेशन मॉडल और लाइव प्रोजेक्ट तैयार करने का अवसर मिलेगा। थ्री-डी प्रिंटर और आधुनिक सॉफ्टवेयर की मदद से स्कूल स्तर पर ही डिजाइन और विनिर्माण की उन्नत तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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लैब की स्थापना के लिए कॉलेज का एक पूरा भवन खाली करा लिया गया है। प्रधानाचार्य के अनुसार, लगभग एक माह में यह हाई-टेक लैब तैयार हो जाएगी। उनका दावा है कि सरकारी विद्यालय में इस स्तर की सुविधा पहली बार विकसित की जा रही है। शहर के 54 अन्य राजकीय विद्यालयों के विद्यार्थी भी यहां आकर प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। (संवाद)
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तकनीकी शिक्षा से खुलेंगे नए कॅरिअर के रास्ते

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और स्किल इंडिया मिशन के अनुरूप तैयार की जा रही इस परियोजना से विद्यार्थी इंटरमीडिएट तक पहुंचते-पहुंचते तकनीकी रूप से दक्ष हो जाएंगे। इससे उनके लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन प्रौद्योगिकी, डाटा साइंस और अन्य उभरते तकनीकी क्षेत्रों में कॅरिअर के नए अवसर खुलेंगे। अब तक बड़े इंजीनियरिंग संस्थानों और निजी स्कूलों तक सीमित जीपीयू वर्कस्टेशन और महंगे उपकरण सरकारी विद्यालय के विद्यार्थियों को भी उपलब्ध होंगे।

कोट

इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों के बच्चों को भविष्य का इनोवेटर और लीडर बनाना है। ये लैब्स पूरी तरह हाई-टेक उपकरणों से लैस होंगी और जल्द ही छात्र इनमें व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करना शुरू करेंगे।


- डॉ. प्रदीप कुमार सिंह, संयुक्त शिक्षा निदेशक, लखनऊ मंडल

कोट.

विभागीय पहल से यह प्रदेश का पहला ऐसा स्टूडियो लैब होगा, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित अत्याधुनिक तकनीकी सुविधाएं मौजूद होंगी। यह विद्यार्थियों के लिए विज्ञान, तकनीकी और नवाचार का नया मार्ग प्रशस्त करेगा। इसकी स्थापना में करीब एक माह का समय लगेगा और लगभग 14 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित है।

- सुमित श्रीवास्तव, प्रधानाचार्य, राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज

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राजकीय लैब वाली खबर का जोड़
ये सुविधाएं होंगी लैब में

- लैब में कुल 100 कंप्यूटर होंगे।
- पांच बड़े कमरे हैं, जिसमें पहले चरण में 10 थ्रीडी प्रिंटर होंगे।

- एक बैच में 125 विद्यार्थी शामिल होंगे।
- प्रशिक्षण का माड्यूल टाटा के प्रतिनिधि व सांइस के शिक्षकों की मौजूदगी में तैयार होगा।

- इसके लिए छात्रों को अलग से प्रमाणपत्र भी मिलेगा।
- शहर के सभी राजकीय कॉलेज कनेक्ट होंगे।

इन विषयों से जुड़े उपकरण होंगे लैब में

- इलेक्ट्रॉनिक्स और माइक्रोकंट्रोलर (दिमाग और सर्किट) रोबोट के लिए।
- हर प्रकार के सेंसर्स इनपुट डिवाइस।

- मोटर्स और मैकेनिकल पार्ट्स।
- आधुनिक निर्माण और प्रोटोटाइपिंग उपकरण।

- डिजिटल और कंप्यूटिंग उपकरण।
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