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Lucknow News: श्रद्धा और उसकी बहन से मुलाकात के लिए करीबियों के नाम और मोबाइल नंबर का इंतजार
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शिवा। फाइल फोटो
लखनऊ। शिवा हत्याकांड में जिला जेल में बंद श्रद्धा दुबे और उसकी बहन रश्मि दुबे से मुलाकात के लिए जेल प्रशासन को करीबियों के नाम और मोबाइल नंबर का इंतजार है। जेल प्रशासन ने श्रद्धा, रश्मि और चालक तनवीर उर्फ दानिश से मिलने आने वाले परिजनों व परिचितों के 10 नाम और पीसीओ से बातचीत के लिए परिवार के दो मोबाइल नंबर मांगे हैं। ऐसा संवेदनशील बंदियों के लिए किया जाता है। शनिवार शाम तक तीनों ने यह जानकारी उपलब्ध नहीं कराई थी।
जेलर ऋत्विक प्रियदर्शी ने बताया कि नाम और मोबाइल नंबर मिलने के बाद पुलिस से सत्यापन कराया जाएगा। इसके बाद ऑनलाइन पंजीकरण, आधार कार्ड की छायाप्रति और फोटो खिंचवाने की प्रक्रिया पूरी होने पर मुलाकात की अनुमति दी जाएगी।
जेल प्रशासन के अनुसार, श्रद्धा और रश्मि महिला बैरक में अन्य बंदियों के साथ बातचीत करते हुए दिन बिता रही हैं। शिवा हत्याकांड के बारे में पूछे जाने पर श्रद्धा ने खुद को बेकसूर बताया। उसने किसी विशेष सुविधा या अन्य मांग की जानकारी भी नहीं दी। जेल सूत्रों के मुताबिक, श्रद्धा शनिवार सुबह करीब छह बजे बंदियों की गिनती के समय उठी। नाश्ते में उबले चने, आलू और चाय ली। दोपहर में आलू-मूली की सब्जी, अरहर की दाल, रोटी और चावल खाया। शाम को चाय-बिस्कुट और रात में उड़द व चने की दाल, लौकी की सब्जी और रोटी खाई। दोपहर में कुछ देर आराम करने के बाद उसने बहन के साथ चाय-बिस्कुट लिया और अन्य बंदियों के साथ बैरक के बाहर टहली। इसके बाद वापस बैरक में चली गई। बता दें कि पुलिस ने बृहस्पतिवार रात करीब 8:30 बजे श्रद्धा, रश्मि और तनवीर उर्फ दानिश को जिला जेल में दाखिल कराया था।
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जेलर ऋत्विक प्रियदर्शी ने बताया कि नाम और मोबाइल नंबर मिलने के बाद पुलिस से सत्यापन कराया जाएगा। इसके बाद ऑनलाइन पंजीकरण, आधार कार्ड की छायाप्रति और फोटो खिंचवाने की प्रक्रिया पूरी होने पर मुलाकात की अनुमति दी जाएगी।
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जेल प्रशासन के अनुसार, श्रद्धा और रश्मि महिला बैरक में अन्य बंदियों के साथ बातचीत करते हुए दिन बिता रही हैं। शिवा हत्याकांड के बारे में पूछे जाने पर श्रद्धा ने खुद को बेकसूर बताया। उसने किसी विशेष सुविधा या अन्य मांग की जानकारी भी नहीं दी। जेल सूत्रों के मुताबिक, श्रद्धा शनिवार सुबह करीब छह बजे बंदियों की गिनती के समय उठी। नाश्ते में उबले चने, आलू और चाय ली। दोपहर में आलू-मूली की सब्जी, अरहर की दाल, रोटी और चावल खाया। शाम को चाय-बिस्कुट और रात में उड़द व चने की दाल, लौकी की सब्जी और रोटी खाई। दोपहर में कुछ देर आराम करने के बाद उसने बहन के साथ चाय-बिस्कुट लिया और अन्य बंदियों के साथ बैरक के बाहर टहली। इसके बाद वापस बैरक में चली गई। बता दें कि पुलिस ने बृहस्पतिवार रात करीब 8:30 बजे श्रद्धा, रश्मि और तनवीर उर्फ दानिश को जिला जेल में दाखिल कराया था।
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