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'लड़के ज्यादा लगा रहे झाड़ू-पोछा': योगी बोले- इंटरनेट पर अफवाह ज्यादा, इंटरव्यू में फॉलोवर्स नहीं पूछे जाएंगे

डिजिटल डेस्क, लखनऊ Published by: Akash Dwivedi Updated Mon, 01 Jun 2026 07:46 PM IST
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सार

Yogi Adityanath ने लोक भवन में विभिन्न बोर्डों के मेधावी छात्रों को सम्मानित करते हुए सोशल मीडिया के सीमित उपयोग की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सफलता मेहनत से मिलती है, फॉलोअर्स से नहीं। छात्रों को समाचार पत्र पढ़ने, लक्ष्य निर्धारित करने और रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ने का संदेश दिया।

'Boys Are Doing More Sweeping and Mopping': Yogi Says—"There Are Too Many Rumors on the Internet; Interviewers
सीएम योगी। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेधावी छात्र-छात्राओं से अपने अभिभावकों पर स्मार्टफोन के लिए अनावश्यक दबाव न डालने की अपील की है। उन्होंने कहा कि स्मार्टफोन का प्रयोग सही दिशा में कीजिए। डिजिटल लाइब्रेरी से जुड़िए, अपने पाठ्यक्रम से जुड़िए। समाचार पत्रों को नियमित पढ़ें। टीवी पर न्यूज देखिए, अन्य व्यर्थ कार्यक्रम न देखें।



सीएम सोमवार को लोक भवन में यूपी बोर्ड व संस्कृत शिक्षा परिषद के टॉप टेन, सीबीएसई व आईसीएसई बोर्ड के सर्वोच्च दस कुल 223 राज्य स्तरीय मेधावियों को एक-एक लाख रुपए का चेक, टैबलेट, मेडल व प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया। 
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इसके बाद छात्रों को संबोधित करते हुए सीएम ने छात्रों से सोशल मीडिया से दूरी बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि अधिकतम 10-15 मिनट तक ही सोशल मीडिया पर रहें। क्योंकि इसमें फंसे तो पूरा समय व्यर्थ हो जाएगा और परिणाम शून्य आएगा।
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छात्रों को सफलता का मंत्र देते हुए सीएम ने कहा कि सोशल मीडिया पर ज्यादातर कंटेंट अफवाहों और झूठ पर आधारित होते हैं। किसी प्रतियोगिता या इंटरव्यू में कोई आपसे आपके फॉलोअर्स की संख्या नहीं पूछेगा। सफलता का मार्ग परिश्रम से निकलता है, शॉर्टकट अपनाने से नहीं। 

छात्रों के अभिभावकों से भी सीएम ने बच्चों को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने की अपील की। कार्यक्रम में सीएम ने मेधावियों के साथ उनके अभिभावक व विद्यालय के प्रधानाचार्यों को भी सम्मानित किया।

इस अवसर पर माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी, महापौर सुषमा खर्कवाल, बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा, माध्यमिक शिक्षा विभाग की सचिव किंजल सिंह, महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी आदि उपस्थित थे।

 

'Boys Are Doing More Sweeping and Mopping': Yogi Says—"There Are Too Many Rumors on the Internet; Interviewers
सीएम योगी। - फोटो : अमर उजाला

छात्रों को परेशान करने के लिए न बनाएं पेपर

मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से कहा कि छात्रों का पसीना छुड़ाने के लिए परीक्षा के पेपर न बनाएं। छात्रों को परेशान न करें। उन्होंने कहा कि प्रश्न ऐसा हो कि छात्र थोड़े प्रयास से उसे हल कर सके। सीएम ने कहा कि नौ साल पहले बोर्ड परीक्षा में नकल होती थी। शिक्षक भर्ती नहीं होती थी। विद्यालय भी वैसे ही थे। छात्रों को पता था कि अंत में ठेका ही होना है तो मेहनत क्यों करे।

धर्म की स्थापना के लिए सुदर्शन की भी जरूरत

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने विद्या को केवल अक्षर ज्ञान तक सीमित नहीं रखा। हम ऐसी विद्या दें जो जीवन के हर क्षेत्र में मुक्ति का मार्ग साफ करे। चुनौतियों से लड़ने की प्रेरणा दे और समाज व राष्ट्र को आगे बढ़ाए। हमारे यहां श्रीराम भी थे और श्रीकृष्ण भी। 

मुरली की जरूरत मथुरा में थी, कभी सुदर्शन की जरूरत धर्म की स्थापना के लिए पड़ती है। तभी हम आगे बढ़ पाते हैं। दुनिया में भारत का सम्मान इसलिए था क्योंकि हमारे पास ज्ञान की सबसे बड़ी धरोहर थी। यह मेधावी सम्मान उसी कड़ी का हिस्सा है।

 

लड़के ज्यादा लगा रहे झाड़ू-पोछा

सीएम ने कहा कि इस राज्य स्तरीय परिणाम में कुल 223 विद्यार्थी हैं। इसमें छात्र 85, छात्राएं 138 हैं। छात्राएं मेरिट सूची में ज्यादा और छात्र कम आए हैं। हाईस्कूल में 115 में से 34 छात्र व 81 छात्राएं हैं। इंटर में 9 छात्र व 14 छात्राएं हैं। 

उन्होंने कहा कि छात्राएं ज्यादा मेहनत कर लेती हैं। ज्यादा अंक पाने की सामर्थ रखती हैं। उन्होंने मेरिट से छात्रों की संख्या कम होने पर तंज कसा कि लगता है अब लड़के झाड़ू-पोंछा, ज्यादा लगाने लगे हैं। सीएम ने कहा लड़के छात्राओं से प्रेरणा लें और अच्छे नंबर लाएं।

जहां भी अच्छा ज्ञान मिले, लेने के लिए तैयार रहें

सीएम ने कहा कि यह भ्रम कभी न पालिए कि मैं ही सही हूं, बाकी सब गलत। व्यक्ति असफल तभी होता है? जब वह अति आत्मविश्वास से भर जाता है। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम हो या जीवन, हर छोटी बात पर ध्यान दीजिए। यह उम्र सबसे उपयुक्त है अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित करने के लिए। जिस क्षेत्र में जाएं, उसका गहराई से अध्ययन करें।
 

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