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कौन थे फर्जी दानदाता?: डमी ट्रस्टी खोलेंगे जौहर ट्रस्ट की करतूतों की पोल; आजम खां और परिवार पर होंगे खुलासे
Mon, 28 Sep 2026 08:53 AM IST
Sharukh Khan
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: Sharukh Khan
Updated Mon, 28 Sep 2026 08:53 AM IST
सार
जौहर ट्रस्ट के पदाधिकारियों को ईडी ने इस हफ्ते तलब किया है, डमी ट्रस्टी जौहर ट्रस्ट की करतूतों की पोल खोलेंगे। पदाधिकारियों में शहरयार खान भी शामिल हैं। शहरयार खान ने बयान दिया था कि ट्रस्ट में वह महज डमी था।
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azam khan
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
पूर्व मंत्री आजम खां और उनके परिजनों की जौहर ट्रस्ट की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जांच में जल्द कुछ अहम खुलासे होंगे। ईडी ने इस सप्ताह ट्रस्ट के पदाधिकारियों को तलब किया है, जिनमें शहरयार खान समेत कई डमी ट्रस्टी भी शामिल हैं।
अब इनसे पूछताछ में जौहर ट्रस्ट की करतूतों का पता लगाया जाएगा। बता दें कि चौधरी शहरयार सलीम ने इससे पहले आयकर विभाग को दिए बयान में ट्रस्ट की गतिविधियों के बारे में कई खुलासे किए थे।
दरअसल, शहरयार खान ने बयान दिया था कि ट्रस्ट में वह महज डमी था। जौहर विश्वविद्यालय के कुलपति के चयन के लिए आयोजित बैठक में उनसे केवल दस्तखत लेकर जाने दिया गया था। ट्रस्ट के फैसलों में उनकी कोई भूमिका नहीं रहती थी।
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अब इनसे पूछताछ में जौहर ट्रस्ट की करतूतों का पता लगाया जाएगा। बता दें कि चौधरी शहरयार सलीम ने इससे पहले आयकर विभाग को दिए बयान में ट्रस्ट की गतिविधियों के बारे में कई खुलासे किए थे।
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दरअसल, शहरयार खान ने बयान दिया था कि ट्रस्ट में वह महज डमी था। जौहर विश्वविद्यालय के कुलपति के चयन के लिए आयोजित बैठक में उनसे केवल दस्तखत लेकर जाने दिया गया था। ट्रस्ट के फैसलों में उनकी कोई भूमिका नहीं रहती थी।
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ट्रस्ट को आजम खान और उनके परिवार के सदस्य ही कंट्रोल और मैनेज करते थे। जांच में यह भी सामने आया है कि रामपुर की कई निजी कंस्ट्रक्शन फर्मों को सरकारी ठेके दिलाए गए और बाद में सरकारी बजट का इस्तेमाल ट्रस्ट की संपत्तियां बनाने में हुआ।
आजम के परिजनों की भूमिका पर होगी पूछताछ
जौहर एसोसिएट्स और सीके एसोसिएट्स ने सरकारी अनुबंध से मिली करीब 86 करोड़ रुपये के सरकारी बजट का दुरुपयोग किया। अब ट्रस्ट के पदाधिकारियों से सरकारी विभागों के बजट का दुरुपयोग, सरकारी भूमि पर कब्जे, मस्जिद और सपा कार्यालय का निर्माण, फर्जी दानदाताओं के साथ खाते में जमा की गई करोड़ों रुपये की नगदी के बारे में गहनता से पूछताछ की जाएगी। साथ ही ट्रस्ट में शामिल आजम के परिजनों की भूमिका की गहनता से पूछताछ की जाएगी।
जौहर एसोसिएट्स और सीके एसोसिएट्स ने सरकारी अनुबंध से मिली करीब 86 करोड़ रुपये के सरकारी बजट का दुरुपयोग किया। अब ट्रस्ट के पदाधिकारियों से सरकारी विभागों के बजट का दुरुपयोग, सरकारी भूमि पर कब्जे, मस्जिद और सपा कार्यालय का निर्माण, फर्जी दानदाताओं के साथ खाते में जमा की गई करोड़ों रुपये की नगदी के बारे में गहनता से पूछताछ की जाएगी। साथ ही ट्रस्ट में शामिल आजम के परिजनों की भूमिका की गहनता से पूछताछ की जाएगी।
कई फर्मों की मिली जानकारी
वहीं दूसरी ओर आजम खां के मंत्री रहने के दौरान जल निगम के अधिकतर सरकारी ठेके पाने वाली एक दर्जन से अधिक फर्मों की जानकारी ईडी को मिल गई है। अब इन फर्मों के संचालकों को तलब किया जाना है, जिनमें एक मुख्य नाम आफताब का है।
वहीं दूसरी ओर आजम खां के मंत्री रहने के दौरान जल निगम के अधिकतर सरकारी ठेके पाने वाली एक दर्जन से अधिक फर्मों की जानकारी ईडी को मिल गई है। अब इन फर्मों के संचालकों को तलब किया जाना है, जिनमें एक मुख्य नाम आफताब का है।
आरोप है कि आफताब की कई फर्मों को ही प्रचार-प्रसार का अधिकांश कार्य दिया गया। अब ईडी यह पता लगाएगा कि इसके बदले में जौहर ट्रस्ट को कितना दान दिया गया था।
कौन थे फर्जी दानदाता
आयकर जांच में जौहर ट्रस्ट को दान देने वालों का पता नहीं चला था। इनमें लखनऊ की पिरामिड कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर्स, मुरादाबाद की सालार ओवरसीज लिमिटेड, दिल्ली की एआर एजूकेशन ट्रस्ट, नोएडा की अर्थ इंफ्राटेक, दिल्ली की रेमिगेट इंफ्रा डेवलपर्स, रॉयल इम्पोरिया इंफ्राटेक, मुरादाबाद की फैजा परवीन, बहराइच के मोहम्मद हसीब, रोबोट विनिमय प्राइवेट लिमिटेड, वंडर सप्लायर्स प्राइवेट लिमिटेड और ड्रीम ऑफ पर्ल रियलिटी एंड सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड आदि शामिल थे।
आयकर जांच में जौहर ट्रस्ट को दान देने वालों का पता नहीं चला था। इनमें लखनऊ की पिरामिड कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर्स, मुरादाबाद की सालार ओवरसीज लिमिटेड, दिल्ली की एआर एजूकेशन ट्रस्ट, नोएडा की अर्थ इंफ्राटेक, दिल्ली की रेमिगेट इंफ्रा डेवलपर्स, रॉयल इम्पोरिया इंफ्राटेक, मुरादाबाद की फैजा परवीन, बहराइच के मोहम्मद हसीब, रोबोट विनिमय प्राइवेट लिमिटेड, वंडर सप्लायर्स प्राइवेट लिमिटेड और ड्रीम ऑफ पर्ल रियलिटी एंड सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड आदि शामिल थे।