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Kanpur Kidney Racket: कानपुर किडनी रैकेट मामले में ईडी ने दर्ज किया मनी लॉड्रिंग का केस, मांगे दस्तावेज
Tue, 16 Jun 2026 10:54 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Tue, 16 Jun 2026 10:54 PM IST
सार
ईडी जल्द आरोपियों पर कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी में है। आरोपियों की संपत्तियों की जांच के लिए उपनिबंधक कार्यालयों को भी पत्र लिखा गया है। जांच में सामने आया कि किडनी की खरीद-फरोख्त का काम सिंडिकेट बनाकर हो रहा था।
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- फोटो : ED
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विस्तार
कानपुर के बहुचर्चित किडनी रैकेट कांड में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉड्रिंग का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ईडी के जोनल मुख्यालय ने कानपुर पुलिस कमिश्नरेट को पत्र लिखकर अब तक की जांच से जुड़े दस्तावेज और साक्ष्यों की जानकारी भी मांगी है। ईडी जल्द आरोपियों पर कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी में है। आरोपियों की संपत्तियों की जांच के लिए उपनिबंधक कार्यालयों को भी पत्र लिखा गया है।
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बता दें कि बीती 31 मार्च को रावतपुर थाने के दरोगा मुकेश कुमार ने इस मामले की एफआईआर दर्ज कराई थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि बिहार के बेगूसराय निवासी आयुष की किडनी मेरठ की पारुल तोमर को ट्रांसप्लांट हुई थी। पारुल को पनकी रोड के प्रिया अस्पताल और आयुष को कल्याणपुर के मेडलाइफ अस्पताल में रखा गया था। वहीं दक्षिण अफ्रीका की अरेबिका का भी आहूजा अस्पताल में ट्रांसप्लांट हुआ था।
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बीते वर्ष एक अन्य महिला का ट्रांसप्लांट कर कार से दिल्ली भेजा, जहां उसकी मौत हो गई। विवेचना से साफ हो गया कि किडनी की खरीद-फरोख्त का काम सिंडिकेट बनाकर हो रहा है। इसके बाद पुलिस ने डॉ. सुरजीत सिंह आहूजा, डॉ. प्रीती आहूजा, शिवम अग्रवाल, राजेश कुमार, राम प्रकाश कुशवाहा, नरेंद्र सिंह, कुलदीप सिंह राघव, राजेश कुमार तोमर को गिरफ्तार किया था। वहीं आरोपी मुदस्सर अली ने अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था। जांच में लखनऊ के डॉ. सैफुद्दीन, डॉ. कैफ, डॉ. अखिलेश तिवारी, हरदोई के डॉ. रोहित आदि के नाम भी सामने आए थे।