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बिजली महकमा : खुद लापरवाही में हटे थे, अब कर रहे लापरवाहों की जांच
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प्रतीकात्मक।
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लखनऊ। बिजली महकमे में लापरवाही का खेल इस कदर चल रहा है कि जो अफसर खुद ही लापरवाही में हटाए गए थे, उन्हें ही लापरवाहों की जांच की कमान सौंप दी गई है। बड़े जिम्मेदार जांच कराने से पहले अफसरों का इतिहास भी नहीं खंगालते। यही वजह कि जांच अधिकारी बने 40 दिन हो गए, मगर अब तक आरोपियों को आरोप पत्र नहीं दिए गए।
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम प्रबंधन ने अमौसी जोन में बिजली कनेक्शन देने में मनमानी और आवेदन निरस्त करने पर 24 फरवरी को सात अभियंताओं को निलंबित किया गया था। 25 फरवरी को इनकी जांच मुख्यालय में तैनात मुख्य अभियंता (मानव संशाधन व प्रशासन) राम प्रीत प्रसाद को सौंपी गई, मगर हैरानी तब हुई, जब राम प्रीत प्रसाद की पिछले कार्यकाल की फाइल खुली। अमौसी में अधीक्षण अभियंता मंडल चार में तैनाती के दौरान उन्हें सेस खंड दो के एक्सईएन, एसडीओ एफसीआई, जेई के साथ लखनऊ से हटाकर अलग-अलग जनपदों में संबद्ध किया गया था। एक निर्धन आवेदक को बिजली कनेक्शन देने में लापरवाही बरतने पर यह कार्रवाई की गई थी।
इन अभियंताओं की हो रही जांच
कलेक्शन इकाई के अधिशासी अभियंता नीरज कुमार, सहायक अभियंता अभिनव कुमार सिंह, अमित कुमार, प्रशांत गिरि, अवर अभियंता दिनेश कुमार, रवींद्र कुमार सिंह, दीपक पांडेय पर कार्रवाई हुई थी, जो अभी बरेली के मुख्य अभियंता जोन द्वितीय में संबद्ध हैं।
Iतीन सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट पर इंजीनियर निलंबित किए गए थे। समिति की रिपोर्ट के आधार पर अमौसी जोन के मुख्य अभियंता को आरोप पत्र तैयार करने हैं। उन्हें जांच रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। जब तैयार होकर आरोप पत्र आएंगे तो दे दिए जाएंगे। I
I- रामप्रीत प्रसाद, मुख्य अभियंता (मानव संशाधन व प्रशासन), मध्यांचल निगमI
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मध्यांचल विद्युत वितरण निगम प्रबंधन ने अमौसी जोन में बिजली कनेक्शन देने में मनमानी और आवेदन निरस्त करने पर 24 फरवरी को सात अभियंताओं को निलंबित किया गया था। 25 फरवरी को इनकी जांच मुख्यालय में तैनात मुख्य अभियंता (मानव संशाधन व प्रशासन) राम प्रीत प्रसाद को सौंपी गई, मगर हैरानी तब हुई, जब राम प्रीत प्रसाद की पिछले कार्यकाल की फाइल खुली। अमौसी में अधीक्षण अभियंता मंडल चार में तैनाती के दौरान उन्हें सेस खंड दो के एक्सईएन, एसडीओ एफसीआई, जेई के साथ लखनऊ से हटाकर अलग-अलग जनपदों में संबद्ध किया गया था। एक निर्धन आवेदक को बिजली कनेक्शन देने में लापरवाही बरतने पर यह कार्रवाई की गई थी।
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इन अभियंताओं की हो रही जांच
कलेक्शन इकाई के अधिशासी अभियंता नीरज कुमार, सहायक अभियंता अभिनव कुमार सिंह, अमित कुमार, प्रशांत गिरि, अवर अभियंता दिनेश कुमार, रवींद्र कुमार सिंह, दीपक पांडेय पर कार्रवाई हुई थी, जो अभी बरेली के मुख्य अभियंता जोन द्वितीय में संबद्ध हैं।
Iतीन सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट पर इंजीनियर निलंबित किए गए थे। समिति की रिपोर्ट के आधार पर अमौसी जोन के मुख्य अभियंता को आरोप पत्र तैयार करने हैं। उन्हें जांच रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। जब तैयार होकर आरोप पत्र आएंगे तो दे दिए जाएंगे। I
I- रामप्रीत प्रसाद, मुख्य अभियंता (मानव संशाधन व प्रशासन), मध्यांचल निगमI