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अग्निकांड : इमारत में नहीं थे धुआं निकालने के इंतजाम, दर्ज कराई गई एफआईआर में किया जिक्र
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Wed, 24 Jun 2026 11:31 AM IST
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सार
छानबीन में सामने आया है कि प्रतिष्ठान के मैनेजर, डायरेक्टर व उनके सहयोगियों ने फायर सेफ्टी की कोई व्यवस्था नहीं की थी। बिल्डिंग में आकस्मिक रूप से निकलने व प्रवेश का भी इंतजाम नहीं था। रिपोर्ट के मुताबिक बिल्डिंग में कोई ऐसी व्यवस्था नहीं की गई थी, जिससे धुंआ बाहर निकल सके।
लखनऊ अग्निकांड की एक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
लखनऊ के अलीगंज में सोमवार दोपहर जिस इमारत में अग्निकांड हुआ, उसमें धुआं निकलने का इंतजाम नहीं था। पुरनिया चौकी प्रभारी शुभम तिवारी की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर में इसका जिक्र है।
इसके मुताबिक अलीगंज सेक्टर डी कॉलोनी के निकट लालबत्ती पुरनिया चौराहा यूपीएससी भवन के पीछे मकान नंबर 2813 में आग लगी थी। इससे पूरे इमारत के अंदर व सभी कमरों में धुआं भर गया था। इस कारण दम घुटने से 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि नौ घायल हो गए। छानबीन में सामने आया है कि प्रतिष्ठान के मैनेजर, डायरेक्टर व उनके सहयोगियों ने फायर सेफ्टी की कोई व्यवस्था नहीं की थी। बिल्डिंग में आकस्मिक रूप से निकलने व प्रवेश का भी इंतजाम नहीं था।
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आने-जाने का मुख्य रास्ता एक ही था। बिजली की व्यवस्था अनियमित तरीके से थी। रिपोर्ट के मुताबिक बिल्डिंग में कोई ऐसी व्यवस्था नहीं की गई थी, जिससे धुंआ बाहर निकल सके। इमारत में असुरक्षित तरीके से अंदर ही एसी के आऊटर व अन्य बिजली के उपकरण लगे थे। सुरक्षा के उपाय नहीं होने से अग्निशमन कर्मियों व एनडीआरएफ ने किसी तरह दीवार को काटकर प्रवेश किया।
आरोपियों को पता था कि ऐसी आकस्मिक स्थिति में लोगों की जान जा सकती है। बावजूद इसके आरोपियों ने जानबूझकर लापरवाही की। अग्निकांड के दौरान आसपास के घरों व फ्लैटों में भी आग फैलने की संभावना थी। अगल-बगल के लोग भी काफी दहशत में थे।