{"_id":"69f7b6da9653e11ff30ea0b7","slug":"foreign-students-trust-in-lu-grows-lucknow-news-c-13-1-lko1028-1721493-2026-05-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: लविवि पर बढ़ा विदेशी विद्यार्थियों का भरोसा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: लविवि पर बढ़ा विदेशी विद्यार्थियों का भरोसा
विज्ञापन
लखनऊ विश्वविद्यालय
विज्ञापन
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय सत्र 2026-27 में अंतरराष्ट्रीय शिक्षा के नक्शे पर तेजी से उभरता दिख रहा है। इस बार विदेशी छात्रों के आवेदनों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पिछले सत्र 2025-26 में लविवि में अलग-अलग पाठ्यक्रमों के लिए जहां 2,083 आवेदन मिले थे, वहीं इस वर्ष अब तक 3,421 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।
यानी इस सत्र में विदेशी छात्रों के आवेदन में सीधे-सीधे 64 फीसदी का इजाफा हुआ है। यह उछाल न सिर्फ विदेशी छात्रों की संख्या में बढ़ोतरी है, बल्कि विश्वविद्यालय की शिक्षा की गुणवत्ता के प्रति बढ़ते अंतरराष्ट्रीय विश्वास का भी प्रमाण है।
लविवि के प्रवक्ता प्रो. मुकुल श्रीवास्तव का कहना है कि सत्र शुरू होने में अभी दो माह शेष हैं, ऐसे में इस आंकड़े के और बढ़ने के संकेत हैं।
दूरदराज देशों से आ रहे छात्र
लविवि में इस बार आवेदन का दायरा खासा व्यापक हुआ है। हंगरी और पोलैंड जैसे यूरोपीय देशों के साथ-साथ नाइजीरिया, तंजानिया और बोत्सवाना जैसे अफ्रीकी देशों से भी बड़ी संख्या में विद्यार्थी आगे आए हैं। एशिया में बांग्लादेश, नेपाल और वियतनाम के विद्यार्थियों ने विशेष रुचि दिखाई है, जिनमें सबसे अधिक आवेदन बांग्लादेश से मिले हैं।
बीटेक में बढ़ा है विदेशी छात्रों का रुझान
लविवि में स्नातक स्तर के पाठ्यक्रमों में विदेशी विद्यार्थियों के कुल 2,552 आवेदन मिले, जिसमें सबसे ज्यादा रुझान बीटेक में दिखा। वहीं पीजी के लिए 595 आवेदन आए। पीजी पाठ्यक्रमों में एमकॉम और एमए प्रमुख विकल्प रहे, जबकि पीएचडी में 274 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
वर्जन
लविवि की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित शैक्षणिक माहौल की महक देश की सीमाओं को लांघ कर दुनियाभर में पहुंच रही है। लविवि अब एक बहुसांस्कृतिक परिसर में तब्दील हो रहा है।
- प्रो. जेपी. सैनी, कुलपति, लविवि
Trending Videos
यानी इस सत्र में विदेशी छात्रों के आवेदन में सीधे-सीधे 64 फीसदी का इजाफा हुआ है। यह उछाल न सिर्फ विदेशी छात्रों की संख्या में बढ़ोतरी है, बल्कि विश्वविद्यालय की शिक्षा की गुणवत्ता के प्रति बढ़ते अंतरराष्ट्रीय विश्वास का भी प्रमाण है।
विज्ञापन
विज्ञापन
लविवि के प्रवक्ता प्रो. मुकुल श्रीवास्तव का कहना है कि सत्र शुरू होने में अभी दो माह शेष हैं, ऐसे में इस आंकड़े के और बढ़ने के संकेत हैं।
दूरदराज देशों से आ रहे छात्र
लविवि में इस बार आवेदन का दायरा खासा व्यापक हुआ है। हंगरी और पोलैंड जैसे यूरोपीय देशों के साथ-साथ नाइजीरिया, तंजानिया और बोत्सवाना जैसे अफ्रीकी देशों से भी बड़ी संख्या में विद्यार्थी आगे आए हैं। एशिया में बांग्लादेश, नेपाल और वियतनाम के विद्यार्थियों ने विशेष रुचि दिखाई है, जिनमें सबसे अधिक आवेदन बांग्लादेश से मिले हैं।
बीटेक में बढ़ा है विदेशी छात्रों का रुझान
लविवि में स्नातक स्तर के पाठ्यक्रमों में विदेशी विद्यार्थियों के कुल 2,552 आवेदन मिले, जिसमें सबसे ज्यादा रुझान बीटेक में दिखा। वहीं पीजी के लिए 595 आवेदन आए। पीजी पाठ्यक्रमों में एमकॉम और एमए प्रमुख विकल्प रहे, जबकि पीएचडी में 274 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
वर्जन
लविवि की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित शैक्षणिक माहौल की महक देश की सीमाओं को लांघ कर दुनियाभर में पहुंच रही है। लविवि अब एक बहुसांस्कृतिक परिसर में तब्दील हो रहा है।
- प्रो. जेपी. सैनी, कुलपति, लविवि
