{"_id":"69c2faecda5a8de777048ec0","slug":"gas-shortages-weigh-on-childrens-stomachs-stoves-go-cold-in-300-schools-lucknow-news-c-13-1-vns1028-1660180-2026-03-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: बच्चों के पेट पर गैस किल्लत की आंच, 300 विद्यालयों में ठंडे पड़े चूल्हे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: बच्चों के पेट पर गैस किल्लत की आंच, 300 विद्यालयों में ठंडे पड़े चूल्हे
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : स्रोत : एआई
विज्ञापन
लखनऊ। गैस किल्लत की आंच से अब परिषदीय विद्यालयों में मिड डे मील के चूल्हे ठंडे पड़ गए हैं। प्रधानाध्यापकों के अनुसार, ज्यादातर स्कूलों में सिलिंडर खत्म हो चुके हैं। गैस एजेंसी वाले हर दिन दौड़ा रहे हैं लेकिन सिलिंडर नहीं दे रहे हैं। गैस न होने की वजह से स्कूल में बच्चों के लिए दोपहर का खाना नहीं बन रहा है। गरीब परिवारों से आने वाले इन बच्चों को विद्यालय में ही दोपहर का भोजन करने की आदत है। अब भोजन न मिलने की दशा में वह घर भाग जा रहे हैं। यह समस्या दिनों-दिन बढ़ती जा रही है। सिलिंडर के अभाव में करीब सात दिनों से बच्चों को दोपहर का खाना नहीं मिल पा रहा है।
राजधानी के माल और मलिहाबाद विकास क्षेत्र में करीब 315 परिषदीय विद्यालय हैं। इन विद्यालयों के परिसर में मिड डे मील योजना के तहत करीब 25,000 बच्चों के लिए खाना बनता है। एक पखवाड़े पूर्व शुरू हुई गैस सिलिंडर की किल्लत ने अब इन परिषदीय विद्यालयों में बच्चों के भोजन को भी प्रभावित किया है। गैस की समस्या शुरू होने पर जहां सिलिंडर चल रहे थे, वहां भोजन पकता रहा। जैसे-जैसे विद्यालयों में गैस खत्म होती गई, चूल्हे ठंडे पड़ गए। प्रधानाध्यापकों के अनुसार माल और मलिहाबाद के करीब 300 विद्यालयों में अब बच्चों को दोपहर का भोजन नहीं मिल पा रहा है। इससे करीब 22 हजार बच्चे प्रभावित हैं। 10-15 विद्यालय ही ऐसे हैं, जहां प्रधानाध्यापक, शिक्षक या प्रधान अपने घर से सिलिंडर लाकर जैसे-तैसे खाने का बंदोबस्त कर रहे हैं। यह व्यवस्था कब तक चल पाएगी, इसमें भी संदेह है।
केस-1 : 15 दिन से दौड़ा रहे हैं एजेंसी संचालक
परिषदीय विद्यालय गौसखेड़ा में करीब 50 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। परिसर में ही बच्चों के लिए खाना बनता है लेकिन गैस सिलिंडर खत्म होने की वजह से नियमित खाना बनाने में परेशानी हो रही है। शिक्षकों के अनुसार, गैस एजेंसी के संचालक बीते 15 दिनों से दौड़ा रहे हैं। अब तक गैस सिलिंडर नहीं मिल सका है।
केस-2 : दो दिन से नहीं बना बच्चों के लिए खाना
बाजार गांव परिषदीय विद्यालय में करीब 70 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। गैस सिलिंडर की कमी की वजह से दो दिनों तक खाना नहीं बना। सिलिंडर के लिए कई बार एजेंसी से संपर्क नहीं किया गया लेकिन व्यवस्था नहीं हो सकी। स्थानीय प्रधान ने भी प्रयास किया लेकिन वह भी सिलिंडर नहीं दिलवा सके।
केस-3 : पत्राचार के बाद भी नहीं मिला गैस सिलिंडर
मलिहाबाद परिषदीय विद्यालय में 120 छात्र-छात्राएं हैं। यहां पांच दिन से सिलिंडर नहीं है। एजेंसी संचालक बोल रहे हैं कि पहले शिक्षा अधिकारी से पत्र लिखवाकर लाइए कि एक महीने में कितने सिलिंडर की जरूरत है। उसके आधार पर ही सिलिंडर दिया जाएगा। यहां घर के सिलिंडर से जैसे-तैसे काम चल रहा है।
केस-4 : 75 विद्यार्थियों को सात दिन से नहीं मिला भोजन
माल परिषदीय विद्यालय में पढ़ने वाले 75 छात्र-छात्राओं के लिए पिछले सात दिनों से खाना नहीं बना। यहां पढ़ने वाले बच्चे स्कूल में भूखे रहते हैं। कुछ घर निकल जाते हैं। सिलिंडर की कमी की जानकारी शिक्षा अधिकारियों को दी जा चुकी है। इसके बाद भी सिलिंडर नहीं मिल सका है।
-- -- -
खंड शिक्षा अधिकारी से लिखवाएं पत्र
माल और मलिहाबाद के परिषदीय विद्यालयों में सिलिंडर की कमी नहीं होगी। यदि किसी विद्यालय को सिलिंडर की जरूरत है तो वह क्षेत्र के खंड शिक्षा अधिकारी से पत्र लिखवा ले। पत्र के आधार पर एजेंसी से आसानी से सिलिंडर मिल जाएगा।
- विपिन कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।
-- --
बीएसए के पत्र पर सिलिंडर देंगी एजेंसियां
अक्षय पात्र और परिषदीय विद्यालयों को बेसिक शिक्षा अधिकारी के पत्र के आधार पर सिलिंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। इस संबंध में सभी गैस एजेंसियों को निर्देशित भी किया गया है। विद्यालयों को गैस सिलिंडर की कमी नहीं होने दी जाएगी।
-ज्योति गौतम, एडीएम (नागरिक आपूर्ति)
Trending Videos
राजधानी के माल और मलिहाबाद विकास क्षेत्र में करीब 315 परिषदीय विद्यालय हैं। इन विद्यालयों के परिसर में मिड डे मील योजना के तहत करीब 25,000 बच्चों के लिए खाना बनता है। एक पखवाड़े पूर्व शुरू हुई गैस सिलिंडर की किल्लत ने अब इन परिषदीय विद्यालयों में बच्चों के भोजन को भी प्रभावित किया है। गैस की समस्या शुरू होने पर जहां सिलिंडर चल रहे थे, वहां भोजन पकता रहा। जैसे-जैसे विद्यालयों में गैस खत्म होती गई, चूल्हे ठंडे पड़ गए। प्रधानाध्यापकों के अनुसार माल और मलिहाबाद के करीब 300 विद्यालयों में अब बच्चों को दोपहर का भोजन नहीं मिल पा रहा है। इससे करीब 22 हजार बच्चे प्रभावित हैं। 10-15 विद्यालय ही ऐसे हैं, जहां प्रधानाध्यापक, शिक्षक या प्रधान अपने घर से सिलिंडर लाकर जैसे-तैसे खाने का बंदोबस्त कर रहे हैं। यह व्यवस्था कब तक चल पाएगी, इसमें भी संदेह है।
विज्ञापन
विज्ञापन
केस-1 : 15 दिन से दौड़ा रहे हैं एजेंसी संचालक
परिषदीय विद्यालय गौसखेड़ा में करीब 50 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। परिसर में ही बच्चों के लिए खाना बनता है लेकिन गैस सिलिंडर खत्म होने की वजह से नियमित खाना बनाने में परेशानी हो रही है। शिक्षकों के अनुसार, गैस एजेंसी के संचालक बीते 15 दिनों से दौड़ा रहे हैं। अब तक गैस सिलिंडर नहीं मिल सका है।
केस-2 : दो दिन से नहीं बना बच्चों के लिए खाना
बाजार गांव परिषदीय विद्यालय में करीब 70 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। गैस सिलिंडर की कमी की वजह से दो दिनों तक खाना नहीं बना। सिलिंडर के लिए कई बार एजेंसी से संपर्क नहीं किया गया लेकिन व्यवस्था नहीं हो सकी। स्थानीय प्रधान ने भी प्रयास किया लेकिन वह भी सिलिंडर नहीं दिलवा सके।
केस-3 : पत्राचार के बाद भी नहीं मिला गैस सिलिंडर
मलिहाबाद परिषदीय विद्यालय में 120 छात्र-छात्राएं हैं। यहां पांच दिन से सिलिंडर नहीं है। एजेंसी संचालक बोल रहे हैं कि पहले शिक्षा अधिकारी से पत्र लिखवाकर लाइए कि एक महीने में कितने सिलिंडर की जरूरत है। उसके आधार पर ही सिलिंडर दिया जाएगा। यहां घर के सिलिंडर से जैसे-तैसे काम चल रहा है।
केस-4 : 75 विद्यार्थियों को सात दिन से नहीं मिला भोजन
माल परिषदीय विद्यालय में पढ़ने वाले 75 छात्र-छात्राओं के लिए पिछले सात दिनों से खाना नहीं बना। यहां पढ़ने वाले बच्चे स्कूल में भूखे रहते हैं। कुछ घर निकल जाते हैं। सिलिंडर की कमी की जानकारी शिक्षा अधिकारियों को दी जा चुकी है। इसके बाद भी सिलिंडर नहीं मिल सका है।
खंड शिक्षा अधिकारी से लिखवाएं पत्र
माल और मलिहाबाद के परिषदीय विद्यालयों में सिलिंडर की कमी नहीं होगी। यदि किसी विद्यालय को सिलिंडर की जरूरत है तो वह क्षेत्र के खंड शिक्षा अधिकारी से पत्र लिखवा ले। पत्र के आधार पर एजेंसी से आसानी से सिलिंडर मिल जाएगा।
- विपिन कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।
बीएसए के पत्र पर सिलिंडर देंगी एजेंसियां
अक्षय पात्र और परिषदीय विद्यालयों को बेसिक शिक्षा अधिकारी के पत्र के आधार पर सिलिंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। इस संबंध में सभी गैस एजेंसियों को निर्देशित भी किया गया है। विद्यालयों को गैस सिलिंडर की कमी नहीं होने दी जाएगी।
-ज्योति गौतम, एडीएम (नागरिक आपूर्ति)