फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Have you heard? The story of 'seeking a gallantry award, only to have one's true colors exposed'—plus tales of

सुना है क्या: 'मांगा गैलेंट्री, खुली पोल...' की कहानी, साथ ही 'भेदी निपटे, पेंशन का इम्तिहान के किस्से

Sat, 24 Oct 2026 11:17 AM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला, लखनऊ
अमर उजाला, लखनऊ Published by: Akash Dwivedi Updated Sat, 24 Oct 2026 11:17 AM IST
सार

यूपी के राजनीतिक गलियारे और प्रशासन में तमाम ऐसे किस्से हैं, जो हैं तो उनके अंदरखाने के... लेकिन, चाहे-अनचाहे बाहर आ ही जाते हैं। ऐसे किस्सों को आप अमर उजाला के "सुना है क्या" सीरीज में पढ़ सकते हैं। तो आइए पढ़ते हैं इस बार क्या है खास...
 

विज्ञापन
Have you heard? The story of 'seeking a gallantry award, only to have one's true colors exposed'—plus tales of
सुना है क्या/suna hai kya - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

यूपी के राजनीतिक गलियारे और प्रशासनिक गलियों में आज तीन किस्से काफी चर्चा में रहे। चाहे-अनचाहे आखिर ये बाहर आ ही जाते हैं। इन्हें रोकने की हर कोशिश नाकाम होती है। आज की कड़ी में 'मांगा गैलेंट्री, खुली पोल...' की कहानी। इसके अलावा 'भेदी निपटे, 'सर' बाकी' और 'पेंशन का इम्तिहान' के किस्से भी चर्चा में रहे। आगे पढ़ें, नई कानाफूसी...

विज्ञापन



 

Trending Videos

मांगा गैलेंट्री, खुली पोल

एक आईपीएस अधिकारी को गैलेंट्री अवार्ड के लिए प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया। सबको उम्मीद थी कि आईपीएस का काम इतना अच्छा है कि उन्हें तो यह अवार्ड मिल ही जाएगा। लेकिन, चर्चा है कि जवाब में फाइल पर जो लिखा गया, उससे सब हैरत में पड़ गए। उच्च स्तर से लिखा गया कि आईपीएस अधिकारी अपना समानांतर वसूली तंत्र चलाते हैं। उनके नाम पर विचार किए बिना ही फाइल डंप कर दी गई। अब यह प्रकरण नौकरशाही में खूब चर्चा में है।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

भेदी निपटे, 'सर' बाकी

राजधानी में एक हाईप्रोफाइल मामले की जांच की आंच में कई अफसर झुलस गए। उन पर गाज गिराए जाने के पीछे की कहानी बेहद दिलचस्प है। दरअसल कार्रवाई की वजह अफसरों की लापरवाही व नाकामी नहीं बल्कि एक 'सर' के जिक्र वाली कॉल रिकॉर्डिंग वायरल होना बताई जा रही है।

इन 'सर' के चक्कर में बहुतों का सिर चकरा गया। आईएएस-आईपीएस से लेकर सिपाही तक इसे लेकर कानाफूसी करने में जुट गए। इसके बाद खोजा जाने लगा कि आखिर भेदी कौन है? जिन पर शक गहराया उनको निपटा दिया गया। कुछ निपटने बाकी हैं। सबकी नजरें अब इस पर है कि 'सर' का आगे क्या होता है।

 

विज्ञापन

पेंशन का इम्तिहान

सुना है कि प्रदेश के युवाओं से जुड़े एक विभाग में नौकरी से रिटायर होना ही काफी नहीं, पेंशन पाने के लिए भी पापड़ बेलने पड़ते हैं। पिछले दिनों रिटायर हुए एक अधिकारी की अगले ही महीने पेंशन रुक गई। 30 साल से ज्यादा सेवा के बाद शासन के चक्कर लगाने पड़े। तीन महीने की गुहार के बाद अब पेंशन बहाल होने की उम्मीद जगी है। इस घटनाक्रम ने बाकी अधिकारियों की चिंता भी बढ़ा दी है। साहब, नौकरी में तीन दशक गुजार दिए, अब पेंशन के लिए नई पारी क्यों।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed