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Lucknow News: केजीएमयू के पांचों संगठन मंगलवार से हड़ताल पर
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केजीएमयू में सभी संगठनों की हुई साझा बैठक
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किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में मंगलवार से इलाज और बाकी सामान्य कार्य बुरी तरह से प्रभावित रहेगा। विश्वविद्यालय के शिक्षकों के साथ ही सभी पांचों संगठनों ने मंगलवार से हड़ताल की घोषणा की है। केजीएमयू के पांचों संगठनों के मुताबिक 9 जनवरी को कुलपति कार्यालय पर हंगामा-बवाल होने के बावजूद अभी तक इस मामले में एफआईआर न होना निराशाजनक है।
केजीएमयू शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो. केके सिंह ने बताया कि कुलपति कार्यालय पर हुए हंगामे और बाहरी लोगों के कब्जा करने के मामले में प्रॉक्टर की ओर से उसी दिन तहरीर दी गई थी। अभी तक इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। ऐसे में संस्थान के डॉक्टर, कर्मचारी, रेजिडेंट, नर्सिग एसोसिएशन और एससी-एसटी कार्मिक एसोसिएशन ने सोमवार सुबह बैठककी। बैठक में सभी अपनी सुरक्षा का मुद्दा उठाया। सभी का कहना था कि अगर कुलपति कार्यालय सुरक्षित नहीं है तो फिर सामान्य डॉक्टर और कर्मचारी कीस्थिति और भी खराब है। इसलिए जब तक एफआईआर नहीं होगी, केजीएमयू के सभी संगठन हड़ताल पर रहेंगे।
प्रभावित नहीं होगी इमरजेंसी सेवा
प्रो. केके सिंह के अनुसार हड़ताल के बावजूद इमरजेंसी सेवाएं प्रभावित नहीं होंगी। ओपीडी का संचालन नहीं होगा और अन्य सामान्य कामकाज नहीं होंगे। ट्रॉमा सेंटर के साथ ही इमरजेंसी वाले मरीजों का उपचार जारी रहेगा।
कुलपति की होगी मुख्यमंत्री से मुलाकात
केजीएमयू में हुए घटनाक्रम को देखते हुए सोमवार शाम कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेंगी। माना जा रहा है कि इस दौरान नौ जनवरी को हुए घटनाक्रम और परिसर में व्याप्त आक्रोश की जानकारी देंगी।
यह है मामला
केजीएमयू के पैथोलॉजी विभाग की महिला रेजिडेंट डॉक्टर ने एक साथी रेजिडेंट पर यौन शोषण और धर्मांतरण के प्रयास का आरोप लगाया है। इस मामले में विशाखा समिति की सिफारिश के बाद आरोपी रेजिडेंट का निलंबन किया जा चुका है। केजीएमयू प्रशासन इस समय रेजिडेंट डॉक्टर के मददगारों की पहचान के लिए विशेष समिति के माध्यम से जांच करवा रहा है। मामले में एफआईआर होने के बाद आरोपी की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। इस मामले कीशिकायत राज्य महिला आयोग के पास दर्ज कराई गई थी। आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने पूरे मामले में केजीएमयू प्रशासन पर अपराधियों को बचाने का आरोप लगाया है। नौ जनवरी को इसी मामले में उपाध्यक्ष केजीएमयू गईं थीं। इसके बाद वहां जमकर हंगामा और तोड़फोड़ हुई थी। इस पर केजीएमयू के डॉक्टर, कर्मचारी और अन्य संवर्ग आक्रोशित हैं। इसी मामले पर सोमवार को बैठक में हड़ताल पर सहमति बनी।
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केजीएमयू शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो. केके सिंह ने बताया कि कुलपति कार्यालय पर हुए हंगामे और बाहरी लोगों के कब्जा करने के मामले में प्रॉक्टर की ओर से उसी दिन तहरीर दी गई थी। अभी तक इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। ऐसे में संस्थान के डॉक्टर, कर्मचारी, रेजिडेंट, नर्सिग एसोसिएशन और एससी-एसटी कार्मिक एसोसिएशन ने सोमवार सुबह बैठककी। बैठक में सभी अपनी सुरक्षा का मुद्दा उठाया। सभी का कहना था कि अगर कुलपति कार्यालय सुरक्षित नहीं है तो फिर सामान्य डॉक्टर और कर्मचारी कीस्थिति और भी खराब है। इसलिए जब तक एफआईआर नहीं होगी, केजीएमयू के सभी संगठन हड़ताल पर रहेंगे।
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प्रभावित नहीं होगी इमरजेंसी सेवा
प्रो. केके सिंह के अनुसार हड़ताल के बावजूद इमरजेंसी सेवाएं प्रभावित नहीं होंगी। ओपीडी का संचालन नहीं होगा और अन्य सामान्य कामकाज नहीं होंगे। ट्रॉमा सेंटर के साथ ही इमरजेंसी वाले मरीजों का उपचार जारी रहेगा।
कुलपति की होगी मुख्यमंत्री से मुलाकात
केजीएमयू में हुए घटनाक्रम को देखते हुए सोमवार शाम कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेंगी। माना जा रहा है कि इस दौरान नौ जनवरी को हुए घटनाक्रम और परिसर में व्याप्त आक्रोश की जानकारी देंगी।
यह है मामला
केजीएमयू के पैथोलॉजी विभाग की महिला रेजिडेंट डॉक्टर ने एक साथी रेजिडेंट पर यौन शोषण और धर्मांतरण के प्रयास का आरोप लगाया है। इस मामले में विशाखा समिति की सिफारिश के बाद आरोपी रेजिडेंट का निलंबन किया जा चुका है। केजीएमयू प्रशासन इस समय रेजिडेंट डॉक्टर के मददगारों की पहचान के लिए विशेष समिति के माध्यम से जांच करवा रहा है। मामले में एफआईआर होने के बाद आरोपी की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। इस मामले कीशिकायत राज्य महिला आयोग के पास दर्ज कराई गई थी। आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने पूरे मामले में केजीएमयू प्रशासन पर अपराधियों को बचाने का आरोप लगाया है। नौ जनवरी को इसी मामले में उपाध्यक्ष केजीएमयू गईं थीं। इसके बाद वहां जमकर हंगामा और तोड़फोड़ हुई थी। इस पर केजीएमयू के डॉक्टर, कर्मचारी और अन्य संवर्ग आक्रोशित हैं। इसी मामले पर सोमवार को बैठक में हड़ताल पर सहमति बनी।