लखनऊ: दिवाली से पहले शुरू हो जाएगा शहर का सबसे ऊंचा फ्लाईओवर, 10 लाख की आबादी को मिलेगी राहत
एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि पक्का पुल (हर्डिंग ब्रिज) से डालीगंज रोटरी के बीच बना यह दो लेन का फ्लाईओवर 1.1 किलोमीटर लंबा है। रेलवे ब्रिज के ऊपर बने इस फ्लाईओवर की जमीन से ऊंचाई करीब 25 मीटर है। इसका ढांचा तैयार है।
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ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के तहत डालीगंज में बन रहा शहर का सबसे ऊंचा फ्लाईओवर दिवाली से पहले शुरू हो जाएगा। इससे डालीगंज से पक्का पुल तक महज दो मिनट में पहुंच जाएंगे। वहीं, बसंतकुंज से समतामूलक चौराहे तक का करीब 12 किलोमीटर का सफर 20 मिनट में पूरा हो जाएगा। यह फ्लाईओवर शुरू होने से करीब 10 लाख की आबादी को राहत मिलेगी।
एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने कॉरिडोर का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि पक्का पुल (हर्डिंग ब्रिज) से डालीगंज रोटरी के बीच बना यह दो लेन का फ्लाईओवर 1.1 किलोमीटर लंबा है। रेलवे ब्रिज के ऊपर बने इस फ्लाईओवर की जमीन से ऊंचाई करीब 25 मीटर है। इसका ढांचा तैयार है। डामरीकरण और स्ट्रीट लाइट लगवाने का काम करवाया जा रहा है।
इस महीने के अंत तक सभी काम पूरे कराकर दीपावली से पहले फ्लाईओवर चालू करने की योजना है। उम्मीद है कि रक्षामंत्री व सांसद राजनाथ सिंह इसका लोकार्पण करेंगे। इससे पहले रूट का भी उन्होंने ही लोकार्पण किया था। वीसी ने डालीगंज के फ्लाईओवर का निरीक्षण भी किया। इस दौरान पीआईयू के प्रभारी एके सिंह सेंगर, जोनल अधिकारी प्रभाकर सिंह, अधिशासी अभियंता अजीत कुमार एवं मनोज सागर मौजूद रहे।
इंटीग्रेटेड रोटरी से दौड़ेगा ट्रैफिक फ्लाईओवर पर चढ़ने-उतरने वाले ट्रैफिक को सुरक्षित और सुगम रास्ता देने के लिए इंटीग्रेटेड रोटरी बनाई जाएगी। टीले वाली मस्जिद के पास नई रोटरी बनाई जाएगी।
मरी माता मंदिर के पास पहले से बनी रोटरी को फिर से डिजाइन कर वाहनों के लिए चार लेन की जगह तैयार की जाएगी। इसकी डिजाइन आईआईटी बीएचयू व वीएनआईटी नागपुर की संयुक्त टीम से सर्वे कराकर तैयार कराई गई है।
पक्का पुल का पैदल यात्री करेंगे इस्तेमाल
प्रथमेश कुमार ने बताया कि सेतु निगम पक्का पुल के पास गोमती पर नया ब्रिज बना रहा है। इसके चालू होने से पुराने पक्का पुल पर वाहनों का प्रवेश बंद कर दिया जाएगा। इसे पैदल यात्रियों के लिए पेडेस्ट्रियन ब्रिज के रूप में इस्तेमाल में लाने का प्रस्ताव बनाया गया है।
अभी समतामूलक से डालीगंज तक चालू है रूट
गोमती के किनारे करीब 28 किलोमीटर के दायरे में बनाए जा रहे ग्रीन कॉरिडोर पर अभी गोमतीनगर के समतामूलक चौराहे और बसंतकुंज से पक्का पुल तक ही आवागमन चल रहा है। पक्का पुल से डालीगंज तक का रूट चालू नहीं है।