{"_id":"6aa20fb6961b53d30806bab6","slug":"mayawati-disapproves-of-ashok-siddhartha-attempt-to-gain-a-foothold-in-bsp-with-help-of-his-son-in-law-2026-09-10","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"यूपी: सियासत में जमने से पहले ही उखड़े अशोक के पांव, प्रचार से पोस्टर बॉय गायब; बसपा को ये तीन राज्य सबसे अहम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: सियासत में जमने से पहले ही उखड़े अशोक के पांव, प्रचार से पोस्टर बॉय गायब; बसपा को ये तीन राज्य सबसे अहम
Thu, 10 Sep 2026 07:59 AM IST
Sharukh Khan
अशोक मिश्रा, अमर उजाला, लखनऊ
अशोक मिश्रा, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Sharukh Khan
Updated Thu, 10 Sep 2026 07:59 AM IST
सार
पूर्व राज्यसभा सांसद और बसपा के नेशनल कोआर्डिनेटर रहे अशोक सिद्धार्थ के सियासत में जमने से पहले ही पांव उखड़ने लगे हैं। अशोक सक्रिय राजनीति से अलग नहीं होते तो इसका सीधा असर आकाश आनंद के राजनीतिक भविष्य पर पड़ना तय माना जा रहा है। दिल्ली विधान सभा चुनाव में अति सक्रियता से अशोक की बसपा नेतृत्व से तनातनी बढ़ गई थी। पदाधिकारियों पर कथित दबाव बनाने व चुनावी फैसलों में हस्तक्षेप से बसपा नेतृत्व नाराज हो गया था।
विज्ञापन
Mayawati
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बसपा में अपनी सियासी जमीन मजबूत करने की कोशिश में जुटे पूर्व राज्यसभा सांसद और पार्टी के नेशनल कोआर्डिनेटर रहे अशोक सिद्धार्थ को अब अपने ही बनाए सियासी चक्रव्यूह में फंसना पड़ रहा है। दामाद आकाश आनंद के सहारे पार्टी में अपना प्रभाव बढ़ाने की उनकी कोशिश बसपा सुप्रीमो मायावती को रास नहीं आई।
नतीजा यह कि सियासत में जमने से पहले ही उनके पांव उखड़ने लगे हैं। अब यदि अशोक सक्रिय राजनीति से अलग नहीं होते तो इसका सीधा असर आकाश आनंद के राजनीतिक भविष्य पर पड़ना तय माना जा रहा है।
विज्ञापन
नतीजा यह कि सियासत में जमने से पहले ही उनके पांव उखड़ने लगे हैं। अब यदि अशोक सक्रिय राजनीति से अलग नहीं होते तो इसका सीधा असर आकाश आनंद के राजनीतिक भविष्य पर पड़ना तय माना जा रहा है।
विज्ञापन
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, अशोक और हाईकमान के बीच खटास का सिलसिला पिछले वर्ष दिल्ली विधानसभा चुनाव से शुरू हुआ। दक्षिण भारत, केरल समेत कुछ राज्यों की जिम्मेदारी संभाल रहे अशोक हाईकमान की मंजूरी के बिना दिल्ली में टिकट वितरण में दखल देने पहुंच गए थे।
पदाधिकारियों पर कथित दबाव बनाने व चुनावी फैसलों में हस्तक्षेप से बसपा नेतृत्व नाराज हो गया। इसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की जमीन तैयार होने लगी।
कभी मायावती के करीबी माने जाने वाले अशोक को लेकर पार्टी में यह भी चर्चा है कि आकाश से उनकी बेटी की शादी के बाद उनका प्रभाव तेजी से बढ़ा और वह खुद को पार्टी में बेहद ताकतवर समझने लगे। मायावती ने ही आकाश और अशोक की बेटी का रिश्ता तय कराया था।
अशोक सिद्धार्थ लें संन्यास, तभी आकाश की वापसी : मायावती
बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद की जिम्मेदारियां बहाल करने के लिए शर्त रखी है। उन्होंने कहा कि अगर आकाश के ससुर अशोक सिद्धार्थ राजनीति से संन्यास लेते हैं तभी पार्टी आकाश की जिम्मेदारियां वापस करने पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद की जिम्मेदारियां बहाल करने के लिए शर्त रखी है। उन्होंने कहा कि अगर आकाश के ससुर अशोक सिद्धार्थ राजनीति से संन्यास लेते हैं तभी पार्टी आकाश की जिम्मेदारियां वापस करने पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी।
बसपा सुप्रीमो ने बुधवार को जारी अपने बयान में कहा कि पार्टी ने अशोक को कई बार सुधरने का मौका दिया, लेकिन उन्होंने पार्टी के मिशन से अधिक निजी एवं पारिवारिक स्वार्थ और महत्वाकांक्षा को महत्व दिया। इसका खामियाजा उनके दामाद आकाश को भुगतना पड़ा है। उन्होंने अपने स्वार्थ में आकाश और पार्टी मूवमेंट की भी परवाह नहीं की।
प्रचार से गायब हुए पोस्टर बॉय
अशोक के विवादों का असर अब आकाश आनंद पर भी दिखने लगा है। राष्ट्रीय संयोजक पद से हटाए जाने के बाद यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिए हो रही जनसभाओं के पोस्टरों से उनकी तस्वीर गायब हो रही है। उनकी जगह छोटे भाई और नवनियुक्त मुख्य सेक्टर प्रभारी ईशान आनंद को प्रमुखता मिल रही है।
अशोक के विवादों का असर अब आकाश आनंद पर भी दिखने लगा है। राष्ट्रीय संयोजक पद से हटाए जाने के बाद यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिए हो रही जनसभाओं के पोस्टरों से उनकी तस्वीर गायब हो रही है। उनकी जगह छोटे भाई और नवनियुक्त मुख्य सेक्टर प्रभारी ईशान आनंद को प्रमुखता मिल रही है।
आजमगढ़ की हालिया जनसभा के पोस्टरों में आकाश की तस्वीरें काटे जाने से उनके समर्थक नाराज हैं। कभी बसपा के 'पोस्टर बॉय' रहे आकाश के लिए यह बदलाव पार्टी के भीतर बदलते समीकरणों का बड़ा संकेत माना जा रहा है।
बसपा के लिए तीन राज्य सबसे अहम
बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि यूपी, उत्तराखंड व पंजाब में विधानसभा चुनाव नजदीक है। ये तीनों राज्य बसपा व बहुजन मूवमेंट के लिए विशेष हैं। इसे ध्यान में रखकर ही बसपा के सभी छोटे-बड़े कार्यकर्ता, पदाधिकारी, समर्थक एवं शुभचिंतक सत्ता प्राप्ति की मुहिम में डटे हैं।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि यूपी, उत्तराखंड व पंजाब में विधानसभा चुनाव नजदीक है। ये तीनों राज्य बसपा व बहुजन मूवमेंट के लिए विशेष हैं। इसे ध्यान में रखकर ही बसपा के सभी छोटे-बड़े कार्यकर्ता, पदाधिकारी, समर्थक एवं शुभचिंतक सत्ता प्राप्ति की मुहिम में डटे हैं।
उन्होंने बुधवार को जारी बयान में कहा, विरोधी पार्टियों तथा जातिवादी तत्वों आदि से बहुजन समाज और बसपा को आरक्षण आदि को लेकर उत्पन्न चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। दलित समाज के लोगों को निजी या पारिवारिक स्वार्थ में ऐसा कोई भी कार्य नहीं करना चाहिए जो इसमें बाधा बने और इतिहास उन्हें माफ नहीं कर पाए।