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Prateek Yadav: रिकॉर्डिंग वायरल और POCSO एक्ट में फंसाने की धमकी, प्रतीक से मांगी गई थी चार करोड़ की रंगदारी

अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: Sharukh Khan Updated Thu, 14 May 2026 12:32 PM IST
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सार

समाजवादी पार्टी के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के पुत्र प्रतीक यादव को लेकर नई जानकारी सामने आई है। प्रतीक यादव से चार करोड़ की रंगदारी मांगी गई थी। उन्होंने गौतमपल्ली थाने में रियल एस्टेट कारोबारी, उसकी पत्नी और पिता के खिलाफ केस दर्ज कराया था।

Prateek Yadav Death A ransom of four crore rupees was demanded from Prateek Yadav
प्रतीक यादव की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव की मौत के बाद एक और जानकारी सामने आई है। प्रतीक यादव से पिछले वर्ष चार करोड़ रुपये की रंगदारी मांगे जाने का मामला सामने आया था। प्रतीक ने चिनहट के पूर्वांचल सिटी निवासी भू-व्यवसायी कृष्णानंद पांडेय, उनकी पत्नी वंदना पांडेय और पिता अशोक पांडेय के खिलाफ गौतमपल्ली थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने कारोबार में निवेश के नाम पर लाखों रुपये हड़पने का आरोप लगाया था।
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प्रतीक यादव का आरोप था कि रुपये वापस मांगने पर उन्हें लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के मामले में फंसाने और झूठी ध्वनि रिकॉर्डिंग प्रसारित करने की धमकी दी गई। समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे प्रतीक यादव विक्रमादित्य मार्ग स्थित आवास पर परिवार के साथ रहते थे।
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जुलाई 2025 में पुलिस को दी गई शिकायत में प्रतीक ने बताया कि वर्ष 2011-12 में उनकी मुलाकात कृष्णानंद पांडेय से हुई थी। कृष्णानंद लगातार उन्हें विभिन्न कारोबारी प्रस्ताव देते रहे। करीब दो-तीन वर्षों तक संपर्क में रहने के बाद प्रतीक उनकी बातों में आ गए। 

 

इसके बाद 25 मई 2015 को एक कंपनी बनाई गई, जिसमें कृष्णानंद पांडेय और यूएस विस्ट को निदेशक तथा प्रतीक यादव को प्रवर्तक बनाया गया। इसके बाद प्रतीक ने कंपनी में निवेश किया।
 

समस्याओं का हवाला देकर उधार भी मांगा
आरोप है कि कृष्णानंद पांडेय ने अपनी आर्थिक स्थिति और पारिवारिक समस्याओं का हवाला देकर प्रतीक से उधार भी लिया। प्राथमिकी के अनुसार, वर्ष 2020 में प्रतीक कोरोना संक्रमण की चपेट में आ गए थे। इसके बाद सितंबर 2022 में उनकी मां, अक्तूबर 2022 में पिता और नवंबर 2022 में मामा का निधन हो गया। मानसिक तनाव और बीमारी के कारण उनका इलाज मेदांता अस्पताल में चल रहा था।

 

प्रतीक का आरोप है कि इसी परिस्थिति का फायदा उठाकर कृष्णानंद पांडेय उनपर पैसे देने का दबाव बनाने लगे। इस कथित साजिश में उनकी पत्नी वंदना पांडेय और पिता अशोक कुमार पांडेय भी शामिल थे। जब प्रतीक ने लेनदेन का हिसाब मांगा, तो आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी। बाद में उन्हें लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम जैसे गंभीर मामलों में फंसाने की धमकी दी गई।
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