राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण: ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष से होगी पूछताछ, वित्तीय निगरानी से जुड़े होंगे सवाल; छह को बैठक
Ram Temple offering theft: राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जांच का दायरा अब बढ़ता जा रहा है। अब इस मामले की जांच अब कोषाध्यक्ष तक पहुंच गई है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच अब ट्रस्ट के शीर्ष पदाधिकारियों तक पहुंचती दिखाई दे रही है। सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां जल्द ही श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी से पूछताछ करेंगी। जांच का फोकस इस बात पर रहेगा कि ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष के रूप में दानराशि के प्रबंधन, वित्तीय निगरानी और जवाबदेही के संबंध में उनकी क्या भूमिका रही और उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किस प्रकार किया।
सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियां यह जानना चाहती हैं कि चढ़ावे की गणना, बैंक में जमा करने और पूरी वित्तीय प्रक्रिया की निगरानी किस तरह की जा रही थी। साथ ही यह भी पड़ताल की जाएगी कि व्यवस्था में कहीं कोई चूक हुई थी या नहीं और यदि हुई तो उसकी जवाबदेही किस स्तर पर तय होती है।
जांच का एक अहम आधार ट्रस्ट और बैंक के बीच दानराशि की गणना, जमा और प्रबंधन को लेकर हुआ एमओयू (समझौता पत्र) भी है। सूत्रों के अनुसार, इस समझौते पर कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी के भी हस्ताक्षर हैं। ऐसे में जांच टीम यह समझने का प्रयास करेगी कि एमओयू में निर्धारित दायित्वों का पालन पूरी तरह हुआ या नहीं तथा वित्तीय निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी थी।
6 जुलाई को होगी ट्रस्ट की अहम बैठक
इसी बीच, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक अब 11 जुलाई के बजाय 6 जुलाई को आयोजित होने की जानकारी सामने आई है। बैठक मणिराम दास की छावनी में ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास की अध्यक्षता में होगी। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर भी मंथन हो सकता है। इसके अलावा चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद मंदिर की व्यवस्थाओं, वित्तीय प्रणाली और आगे की कार्ययोजना पर भी चर्चा होने की संभावना है।
अनुकल्प मिश्रा हर मंगलवार करता था सुंदरकांड का पाठ
राम मंदिर के चढ़ावे में गड़बड़ी के मामले में पुलिस की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। विवेचना के क्रम में पुलिस ने आरोपी अनुकल्प मिश्रा से जुड़े लोगों से भी पूछताछ शुरू कर दी है। इसी सिलसिले में उसकी रिश्तेदार सुषमा मिश्रा से जानकारी ली गई।
पूछताछ के बाद सुषमा मिश्रा ने बातचीत में दावा किया कि अनुकल्प का स्वभाव शांत है और वह धार्मिक प्रवृत्ति का युवक है। उनके अनुसार वह नियमित पूजा-पाठ करता है तथा प्रत्येक मंगलवार सुंदरकांड का पाठ करता है। परिवार का कहना है कि अनुकल्प के खिलाफ लगे आरोपों से वह स्तब्ध हैं और उन्हें उसके किसी भी गलत गतिविधि में शामिल होने का विश्वास नहीं है।
परिजनों के मुताबिक अनुकल्प पढ़ाई के साथ कुछ समय पहले राम मंदिर से जुड़े कार्य में लगा था। इस प्रकरण के सामने आने के बाद परिवार मानसिक रूप से परेशान है और उन्हें उम्मीद है कि जांच में वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। उधर, पुलिस मामले में सभी पहलुओं की जांच कर रही है। साथ ही आरोपियों से जुड़े लोगों से लगातार पूछताछ की जा रही है।