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राम मंदिर: एसआईटी ने चंपत राय सहित कई पदाधिकारियों से ली जानकारी, पुराने वीडियो फुटेज को लेकर उठे सवाल

सूरज शुक्ला, अमर उजाला लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Tue, 16 Jun 2026 09:13 PM IST
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सार

Ram Mandir donation theft: राम मंदिर चंदा विवाद को लेकर एसआईटी की जांच जारी है। मंगलवार को पूरे दिन एसआईटी की टीम जांच पड़ताल करती रही। 

Ram Temple: SIT takes information from Champat Rai and several officials, questions raised about old video foo
राम मंदिर चंदा विवाद। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार

राम मंदिर में दान राशि के कथित गबन मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) की दूसरे दिन भी तफ्तीश जारी रही। सात घंटे से अधिक समय तक टीम मंदिर परिसर में जांच करती रही। अब तक ट्रस्ट के पदाधिकारियों, पुजारियों, बैंक अधिकारियों समेत सौ से अधिक लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। संदिग्धों से भी सवाल-जवाब जारी हैं।



एसआईटी सोमवार को अयोध्या पहुंची थी और करीब साढ़े सात घंटे तक जांच-पड़ताल की थी। मंगलवार सुबह 11 बजे एसआईटी अध्यक्ष एवं मंडलायुक्त लखनऊ विजय विश्वास पंत, लखनऊ रेंज की आईजी किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन मंदिर परिसर पहुंचे और सीधे ट्रस्ट कार्यालय गए। उनके साथ जिले के अधिकारी भी मौजूद रहे। सूत्रों के मुताबिक एसआईटी ने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और गोपाल राव समेत अन्य पदाधिकारियों तथा उनसे जुड़े लोगों से जानकारी ली। इसके अलावा कर्मचारियों से भी लंबी पूछताछ की गई।

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मंदिर निर्माण से अब तक का लेखा-जोखा खंगाल रही एसआईटी

एसआईटी मंदिर निर्माण के बाद शुरू हुई दान प्रक्रिया की पूरी जानकारी जुटा रही है। दान किस प्रकार लिया जाता था, उसकी गिनती कैसे होती थी और उस समय वहां कौन-कौन लोग मौजूद रहते थे, इसकी पड़ताल की जा रही है। सूत्रों के अनुसार 40 से 50 लोगों के नाम सामने आए हैं, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है। एसआईटी यह भी देख रही है कि सुरक्षा व्यवस्था में कौन-कौन लोग तैनात थे और उनकी मौजूदगी में कथित रूप से रकम कैसे गायब हुई। इन सभी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। टीम ने पूरा लेखा-जोखा जुटा लिया है और सीसीटीवी फुटेज को अहम साक्ष्य माना जा रहा है।

फुटेज डिलीट हुए या नहीं, जांच जारी

मामले में ट्रस्ट के पूर्व पदाधिकारी महिपाल सिंह ने आरोप लगाया था कि आठ महीने के सीसीटीवी फुटेज डिलीट कर दिए गए थे। एसआईटी इस बिंदु पर गहन जांच कर रही है। मामले में सबसे अहम साक्ष्य सीसीटीवी फुटेज ही माने जा रहे हैं, जिनसे यह पता चल सकेगा कि कब, किसने और किस प्रकार कथित तौर पर रकम गायब की और मामला कैसे उजागर हुआ।

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ट्रस्ट के पदाधिकारियों के खिलाफ तहरीर

धर्मसेना भारत के प्रमुख संतोष दुबे ने श्रीराम जन्मभूमि परिसर के दानपात्रों से करोड़ों रुपये, सोने-चांदी के आभूषण और सिक्कों के कथित गबन का आरोप लगाते हुए कोतवाली नगर में तहरीर दी है। तहरीर में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय बंसल, अनिल मिश्रा, गोपाल राव और राममंदिर कार्यालय के कर्मचारी टिन्नू दुबे समेत अन्य लोगों के नाम शामिल किए गए हैं। संतोष दुबे का आरोप है कि श्रद्धालुओं द्वारा दानपात्रों में प्रतिदिन बड़ी मात्रा में नकदी, सोने-चांदी के आभूषण और सिक्के चढ़ाए जाते रहे हैं। तहरीर के अनुसार दानपात्रों से निकाली गई धनराशि और आभूषणों का सही लेखा-जोखा नहीं रखा गया तथा 200 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि और कीमती सामान का गबन किया गया। फिलहाल पुलिस ने इस मामले में कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की है। वहीं ट्रस्ट की ओर से भी आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। इसके अलावा यूपी युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष शरद शुक्ला व करणी सेना भी शिकायत की है लेकिन अब तक केस दर्ज नहीं किया गया है।

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