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यूपी का 'धनकुबेर': 'सोने-चांदी की ईंट' वाले एआरटीओ को लेकर एक और नया खुलासा; अब यहां मिली करोड़ों की जमीन
Sun, 12 Jul 2026 03:30 PM IST
Sharukh Khan
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: Sharukh Khan
Updated Sun, 12 Jul 2026 03:30 PM IST
सार
रिटायर्ड एआरटीओ ललित की बीकेटी और मोहनलालगंज में करोड़ों की जमीन मिली है। विजिलेंस ने जमीन खरीद के दस्तावेज खंगाले हैं। भुगतान के स्रोत की पड़ताल जारी है। विजिलेंस की रिपोर्ट मिलने के बाद आयकर विभाग ने भी जांच तेज कर दी है।
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Retired ARTO lalit kumar
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
आय से अधिक संपत्ति के मामले में घिरे सेवानिवृत्त सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) ललित कुमार की जांच में नया खुलासा हुआ है। विजिलेंस की पड़ताल में लखनऊ के बक्शी का तालाब (बीकेटी) और मोहनलालगंज क्षेत्र में उनकी खरीदी करोड़ों रुपये की कृषि भूमि का पता चला है।
अब जांच एजेंसी ने जमीन से जुड़े दस्तावेज जुटाकर खरीद के स्रोत, भुगतान के तरीके और वास्तविक स्वामित्व की गहन जांच शुरू कर दी है। वहीं, उनके पासपोर्ट जब्तीकरण की कार्रवाई भी शुरू हो गई है।
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अब जांच एजेंसी ने जमीन से जुड़े दस्तावेज जुटाकर खरीद के स्रोत, भुगतान के तरीके और वास्तविक स्वामित्व की गहन जांच शुरू कर दी है। वहीं, उनके पासपोर्ट जब्तीकरण की कार्रवाई भी शुरू हो गई है।
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सूत्रों के मुताबिक, बीकेटी में बड़े पैमाने पर खरीदी गई कृषि भूमि की बाजार कीमत करोड़ों में है। जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि जमीन की खरीद सीधे ललित के नाम हुई या किसी अन्य व्यक्ति या रिश्तेदार के माध्यम से निवेश किया गया। जमीन खरीद में इस्तेमाल धन का स्रोत भी जांच के दायरे में है।
इसके लिए राजस्व और पंजीकरण विभाग के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। बीकेटी की जमीन के अलावा लखनऊ और अन्य जिलों में भी ललित से जुड़ी चल और अचल संपत्तियों का ब्योरा जुटाया जा रहा है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि सेवा अवधि के दौरान अर्जित आय के मुकाबले कितनी संपत्ति बनाई गई और उसमें वैध आय का कितना हिस्सा है।
आयकर की भी जांच तेज
विजिलेंस की रिपोर्ट मिलने के बाद आयकर विभाग ने भी जांच तेज कर दी है। विभाग ललित के आयकर रिटर्न (आईटीआर), वेतन, घोषित संपत्तियों और अन्य आय स्रोतों का मिलान करेगा। यदि घोषित आय और बरामद संपत्तियों में अंतर मिलता है तो कर चोरी और अघोषित आय के मामले में अलग कार्रवाई की जाएगी।
विजिलेंस की रिपोर्ट मिलने के बाद आयकर विभाग ने भी जांच तेज कर दी है। विभाग ललित के आयकर रिटर्न (आईटीआर), वेतन, घोषित संपत्तियों और अन्य आय स्रोतों का मिलान करेगा। यदि घोषित आय और बरामद संपत्तियों में अंतर मिलता है तो कर चोरी और अघोषित आय के मामले में अलग कार्रवाई की जाएगी।
यह है पूरा मामला
आय से अधिक संपत्ति के मामले में रिटायर्ड सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) ललित कुमार के लखनऊ के अलीगंज स्थित आवास पर विजिलेंस छापे में काली कमाई का खुलासा हुआ है।
आय से अधिक संपत्ति के मामले में रिटायर्ड सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) ललित कुमार के लखनऊ के अलीगंज स्थित आवास पर विजिलेंस छापे में काली कमाई का खुलासा हुआ है।
छापे में पैकेट में छिपाकर रखे 1.62 करोड़ रुपये नकद, करीब 20 करोड़ के सोने चांदी के 22 किलो बिस्किट व आभूषण, 13 करोड़ रुपये से अधिक की अचल संपत्तियों के दस्तावेज और करोड़ों के अन्य निवेश के साक्ष्य मिले। शुरुआती आकलन में बरामद संपत्तियों का कुल मूल्य करीब 35 करोड़ रुपये है।
मूलरूप से रायबरेली के नूर मार्केट के रहने वाले आगरा के तत्कालीन एआरटीओ ललित वर्तमान में लखनऊ में रहते हैं। आईजी विजिलेंस मंजिल सैनी ने बताया कि ललित के खिलाफ परिवहन आयुक्त द्वारा वर्ष 2020 में की गई शिकायत के बाद भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एसीओ) के कानपुर सेक्टर ने जांच की थी।
जांच में ललित की आय सभी वैध स्रोतों से करीब 93 लाख रुपये की मिली थी जबकि संपत्तियों को खरीदने एवं भरण पोषण में 1.62 करोड़ रुपये खर्च करने की पुष्टि हुई थी। एसीओ ने 11 जून 2024 को कानपुर सेक्टर के थाने में ललित पर एफआईआर दर्ज की थी जिसकी विवेचना शासन ने विजिलेंस को सौंपी थी।
विजिलेंस ने अदालत से सर्च वारंट लेकर मंगलवार को उनके अलीगंज स्थित चंद्रलोक कॉलोनी के आवास पर पुलिस बल की मौजूदगी में छानबीन की। छापे की कार्रवाई बुधवार सुबह पूरी हुई। डीजीपी राजीव कृष्ण ने टीम में शामिल अधिकारियों व कर्मचारियों को एक लाख रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।
दो तिजोरियों में मिले जेवरात
छापे में ललित के घर पर कई लॉकर व ज्वैलर्स द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली दो तिजोरियां मिली हैं जिसमें नकदी, सोने-चांदी के बिस्किट और जेवरात बरामद हुए। इसके अलावा टोयोटा इनोवा, हुंडई आई-20 कार, रिवॉल्वर, विभिन्न बैंकों, पोस्ट ऑफिस, म्यूचुअल फंड, फिक्स डिपॉजिट आदि में करीब एक करोड़ से भी अधिक के निवेश के सुबूत मिले।
छापे में ललित के घर पर कई लॉकर व ज्वैलर्स द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली दो तिजोरियां मिली हैं जिसमें नकदी, सोने-चांदी के बिस्किट और जेवरात बरामद हुए। इसके अलावा टोयोटा इनोवा, हुंडई आई-20 कार, रिवॉल्वर, विभिन्न बैंकों, पोस्ट ऑफिस, म्यूचुअल फंड, फिक्स डिपॉजिट आदि में करीब एक करोड़ से भी अधिक के निवेश के सुबूत मिले।