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यूपी: यूं ही नहीं लाल-नीला संगम, बसपा के खिसकते जनाधार पर सपा की नजर; चुनाव को लेकर अखिलेश की ये है रणनीति
Thu, 10 Sep 2026 08:48 AM IST
Sharukh Khan
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: Sharukh Khan
Updated Thu, 10 Sep 2026 08:48 AM IST
सार
उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी के कमजोर होने के बाद दलित समुदाय विकल्प की तलाश में है। समाजवादी पार्टी की नजर भी इसी जनाधार पर है। छात्र विंग की ड्रेस के नीले रंग के प्रतीकात्मक इस्तेमाल से सपा दलित मतदाताओं को यह भरोसा दिलाने की कोशिश कर रही है कि समाजवादी मंच पर उन्हें वही सम्मान मिलेगा, जो बसपा के मंच से जुड़ा रहा है।
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akhilesh yadav
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
समाजवादी पार्टी ने अपनी छात्र विंग की ड्रेस का रंग नीला यूं ही नहीं किया है। राजनीतिक गलियारों में इसे महज संगठनात्मक बदलाव नहीं, बल्कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए सपा की रणनीतिक चाल माना जा रहा है।
आंबेडकरवादी मतदाताओं के बीच नीले रंग के भावनात्मक जुड़ाव को देखते हुए सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों की नजर इस वर्ग पर है। अखिलेश यादव की रणनीति भी इसी दिशा में आगे बढ़ती दिख रही है।
इसका मुख्य उद्देश्य सपा के 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले में 'डी' यानी दलित वर्ग की भागीदारी को केवल चुनावी नारा न रखकर जमीन पर उतारना है। विरोधी दल सपा पर दलितों को सांकेतिक महत्व देने का आरोप लगाते रहे हैं।
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आंबेडकरवादी मतदाताओं के बीच नीले रंग के भावनात्मक जुड़ाव को देखते हुए सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों की नजर इस वर्ग पर है। अखिलेश यादव की रणनीति भी इसी दिशा में आगे बढ़ती दिख रही है।
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इसका मुख्य उद्देश्य सपा के 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले में 'डी' यानी दलित वर्ग की भागीदारी को केवल चुनावी नारा न रखकर जमीन पर उतारना है। विरोधी दल सपा पर दलितों को सांकेतिक महत्व देने का आरोप लगाते रहे हैं।
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छात्र सभा की ड्रेस में नीले रंग को प्रमुखता देकर पार्टी दलित समाज की पहचान और विचारों से अपने जुड़ाव का संदेश दे रही है। उत्तर प्रदेश में बसपा के कमजोर होने के बाद दलित समुदाय विकल्प की तलाश में है और सपा की सीधी नजर इसी जनाधार पर है।
नीले रंग के प्रतीकात्मक इस्तेमाल से सपा दलित मतदाताओं को यह भरोसा दिलाने की कोशिश कर रही है कि समाजवादी मंच पर उन्हें वही सम्मान मिलेगा, जो बसपा के मंच से जुड़ा रहा है।
विश्वविद्यालय और कॉलेज राजनीति के जरिए युवा दलितों में पैठ बनाना सपा की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। इससे नए युवा कार्यकर्ता तैयार करने के साथ 'लाल-नीले' राजनीतिक और वैचारिक तालमेल की जमीन भी बन सकती है। अखिलेश बार-बार पीडीए को 'प्रेम, दया और अपनापन' बताते रहे हैं। अब देखना होगा कि यह रणनीति चुनावी सफलता में कितनी बदलती है।
अखिलेश यादव ने भाजपा को लोकतंत्र का दुश्मन बताया
बोले... भाजपा फैला रही है नफरत
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने भाजपा को लोकतंत्र का दुश्मन और बेईमानों का गिरोह बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक व्यवस्था को तहस-नहस कर नफरत फैला रही है। अखिलेश यादव ने जयप्रकाश नारायण को धोखा देने का आरोप लगाया।
बोले... भाजपा फैला रही है नफरत
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने भाजपा को लोकतंत्र का दुश्मन और बेईमानों का गिरोह बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक व्यवस्था को तहस-नहस कर नफरत फैला रही है। अखिलेश यादव ने जयप्रकाश नारायण को धोखा देने का आरोप लगाया।
समाजवादी सरकार के सिग्नेचर बिल्डिंग और जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर बेच दिए गए। भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी चरम पर है। प्लासियो मॉल, किसान बाजार और कन्नौज का काऊ मिल्क प्लांट सहित कई सरकारी चीजें बेची गईं।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा ने दस साल में उत्तर प्रदेश के विकास को बर्बाद किया है। हाईवे, एक्सप्रेसवे और जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार हुआ। उन्होंने भाजपा को किसान, नौजवान, मजदूर विरोधी बताया और महंगाई बढ़ाने का आरोप लगाया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनता के बीच रहने को कहा, 2027 में जीत का विश्वास जताया।
अखिलेश से मिले लोकदल अध्यक्ष सुनील सिंह
लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह ने बुधवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से लोहिया ट्रस्ट में मुलाकात की। दोनों नेताओं ने विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चा की। सुनील सिंह ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर बातचीत सकारात्मक रही है।
लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह ने बुधवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से लोहिया ट्रस्ट में मुलाकात की। दोनों नेताओं ने विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चा की। सुनील सिंह ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर बातचीत सकारात्मक रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसानों, युवाओं, मजदूरों और आम जनता के मुद्दे महत्त्वपूर्ण हैं। 2027 में प्रदेश की राजनीति को नई दिशा देने के लिए समान विचारधारा वाले लोगों और दलों के बीच संवाद जरूरी है।
पुस्तक का किया विमोचन
अखिलेश यादव ने पार्टी मुख्यालय में डॉ. लोहिया सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्हें विभिन्न पुस्तकें भेंट की गईं और एक पुस्तक का विमोचन भी हुआ। अयोध्या धाम के महंत रामदासजी महाराज (बालयोगी) ने अखिलेश यादव को 'सीइंग इक्वली' पुस्तक भेंट की।
अखिलेश यादव ने पार्टी मुख्यालय में डॉ. लोहिया सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्हें विभिन्न पुस्तकें भेंट की गईं और एक पुस्तक का विमोचन भी हुआ। अयोध्या धाम के महंत रामदासजी महाराज (बालयोगी) ने अखिलेश यादव को 'सीइंग इक्वली' पुस्तक भेंट की।
इस पुस्तक को अनंतानंद, राम बचन और सुनीता विश्वनाथ ने संपादित किया है। इतिहासविद राजमोहन गांधी ने इस पुस्तक की प्रशंसा की है। इसके अलावा पीडीए क्रांति का विमोचन किया।