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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   The story of the Vivek Tiwari murder case: Eyewitness reveals the truth, says the shot was fired the moment th

विवेक तिवारी हत्याकांड की कहानी: चश्मदीद ने बयां की सच्चाई, बोले- उस रात बाइक से एसयूवी टकराते ही चली थी गोली

Fri, 18 Sep 2026 01:13 PM IST
Akash Dwivedi डिजिटल डेस्क, लखनऊ
डिजिटल डेस्क, लखनऊ Published by: Akash Dwivedi Updated Fri, 18 Sep 2026 01:13 PM IST
सार

विवेक तिवारी हत्याकांड में चश्मदीद ने बताया कि पुलिस की बाइक एसयूवी से टकराने के बाद गोली चली थी। अदालत ने बर्खास्त सिपाही प्रशांत चौधरी को गैर इरादतन हत्या का दोषी और संदीप कुमार को बरी किया। मामले में मजिस्ट्रियल जांच, एसआईटी जांच और लंबी कानूनी प्रक्रिया हुई।

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The story of the Vivek Tiwari murder case: Eyewitness reveals the truth, says the shot was fired the moment th
विवेक तिवारी हत्याकांड। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

एप्पल कंपनी के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी की हत्या में आरोपी बर्खास्त सिपाही प्रशांत चौधरी को अदालत ने गैर इरादतन हत्या का दोषी करार दिया। उधर, घटना के वक्त साथ मौजूद आरोपी सिपाही संदीप कुमार को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया। सत्र न्यायाधीश के इस फैसले से विवेक की पत्नी कल्पना संतुष्ट नहीं हैं।

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भाई विष्णु के साथ कोर्ट में मौजूद कल्पना ने कहा कि आठ साल तक लड़ाई लड़ने के बाद भी उन्हें न्याय नहीं मिला। बच्चों को क्या जवाब दूंगी कि ऐसा फैसला आया है। कल्पना ने फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करने की बात कही है।
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चश्मदीद ने बताई थी आपबीती

सना ने बताया था कि विवेक तिवारी की हत्या के बाद उनकी एसयूवी का तकनीकी निरीक्षण किया गया था। इस दौरान सामने आया था कि वाहन की रफ्तार 60 किलोमीटर से अधिक थी। गोली लगने के बाद भी विवेक एसयूवी लेकर भागे थे। हालांकि, शहीद पथ अंडरपास के पास एसयूवी अनियंत्रित होकर खंभे से टकरा गई थी। वाहन में मौजूद सहकर्मी व चश्मदीद सना ने भी कहा था कि विवेक जान बचाने के लिए गाड़ी लेकर भाग रहे थे।

वारदात के बाद विवेक को अस्पताल ले जाने में काफी वक्त लगा था। लोहिया अस्पताल में उन्हें देर रात 02:05 बजे भर्ती कराया गया। अस्पताल के रजिस्टर में मौत का समय 02:25 बजे दर्ज है। डॉक्टरों ने 20 मिनट तक विवेक का इलाज किया, लेकिन उन्हें बचा नहीं सके थे।

विवेक रात करीब 12:30 बजे उन्हें घर छोड़ने जा रहे थे। इसी दौरान दो पुलिसकर्मी पहुंचे और उन्हें जबरन रोकने लगे। एक ने एसयूवी पर डंडा भी मारा। इससे सना घबरा गईं। पुलिसकर्मियों ने अपनी बाइक एसयूवी के सामने लगा दी। विवेक ने किनारे से कट मारकर निकलने की कोशिश की। इस प्रयास में बाइक एसयूवी से टकरा गई थी। इसके बाद दो मीटर की दूरी से एक पुलिसकर्मी ने गोली चला दी। वारदात के बाद पुलिसवाले सना को कैसरबाग थाने लेकर चले गए थे। काफी देर बाद उन्हें गोमतीनगर थाना ले जाया गया था।

बर्खास्त सिपाही गैर इरादतन हत्या का दोषी करार

कल्पना ने कहा कि उम्मीद थी कि दोनों आरोपियों को कम से कम आजीवन कारावास की सजा होगी। मेरे साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने दोनों फैसलों पर सवाल उठाया। कहा, हत्या के मामले में प्रशांत को गैर इरादतन हत्या का दोषी बताया गया और उसके साथ मौजूद संदीप को बरी कर दिया गया। आखिर जब प्रशांत गोली चला रहा था तो संदीप ने क्या किया। उसने कोई कदम क्यों नहीं उठाया। कल्पना ने कहा कि जब तक न्याय नहीं मिलता वह लड़ाई जारी रखेंगी।

 

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विवेक हत्याकांड। - फोटो : अमर उजाला

बिना आर्म्स ट्रेनिंग के प्रशांत को दी गई थी पिस्तौल

मामले की मजिस्ट्रीयल जांच में प्रशांत चौधरी को ही मुख्य आरोपी बताया गया था। रिपोर्ट में सामने आया था कि उसे बिना आर्म्स ट्रेनिंग के ही पिस्तौल जारी कर दी गई थी। इस पर भी गंभीर सवाल खड़े हुए थे। तत्कालीन अपर नगर मजिस्ट्रेट सलिल कुमार पटेल को हत्याकांड की जांच 29 सितंबर को सौंपी गई थी। 

15 फरवरी को उन्होंने डीएम को कुल 15 पन्नों की रिपोर्ट सौंपी। इसमें कल्पना, घटना की चश्मदीद सना, दोनों आरोपियों और मौके पर सबसे पहले पहुंचने वाले पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज किए गए थे। रिपोर्ट में तब भी यही कहा गया था कि हत्या किसी साजिश के तहत नहीं की गई थी। प्रशांत ने बयान में कहा था कि उसे पिस्टल चलाने का प्रशिक्षण नहीं मिला था।

 



 

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एसआईटी ने की थी जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन ने एसआईटी को प्रकरण की जांच सौंपी थी। लंबे समय तक पड़ताल के बाद एसआईटी ने आरोपपत्र दाखिल किया था। जेल में बंद संदीप को कुछ समय बाद जमानत मिल गई थी। बृहस्पतिवार को फैसला आते ही कोर्ट में मौजूद प्रशांत और संदीप बिलख पड़े। उधर, कल्पना की भी आंखें भर आईं। वह मायूस होकर भाई के साथ कोर्ट से निकल गईं।

विवेक तिवारी हत्याकांड की पूरी टाइम लाइन

28 सितंबर 2018 : रात करीब 1:30 बजे विवेक तिवारी की गोली मारकर हत्या।
29 सितंबर : आरोपियों प्रशांत और संदीप के खिलाफ हत्या की एफआईआर।
01 अक्तूबर : विवेक की पत्नी कल्पना ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। अखिलेश यादव भी मिले।
02 अक्तूबर : एसआईटी ने क्राइम सीन रीक्रिएट किया।
04 अक्तूबर: चश्मदीद सना का बयान दर्ज।
05 अक्तूबर: गोमतीनगर थाना प्रभारी को हटाया गया।
19 दिसंबर: पुलिस ने प्रशांत चौधरी और संदीप कुमार के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया।
17 सितंबर 2026: अदालत ने आरोपी सिपाही प्रशांत चौधरी को दोषी ठहराया। सिपाही संदीप कुमार बरी।

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