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केंद्रीय बजट: पशुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर विशेष फोकस, बढ़ेंगे पशु चिकित्सालय और डॉक्टर
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Sun, 01 Feb 2026 03:10 PM IST
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सार
Budget 2026: केंद्रीय बजट में देश के साथ यूपी के पशुओं का विशेष ध्यान रखा गया है। बजट में जानवरों के अस्पतालों और डॉक्टरों पर विशेष फोकस किया गया है।
केंद्रीय बजट से यूपी को लाभ।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
केंद्रीय बजट में किए गए प्रावधानों से प्रदेश के पशुधन की सेहत सुधार में इजाफा होगा। मनुष्यों की तरह ही पशुओं की जांच भी हो सकेगी। कॉलेज स्थापना से समय पर गर्भाधान की प्रक्रिया पूरी हो सकेगी। प्रदेश में अभी 2202 पशु चिकित्सालय, 267 पशु औषधालय हैं। इनमें करीब 30 फीसदी पद खाली हैं। क्योंकि प्रशिक्षति चिकित्सक व अन्य स्टाफ नहीं मिल पाते हैं।
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केंद्रीय बजट में पशुपालन क्षेत्र में शिक्षा और सेवाओं को बढ़ाने की रणनीति बनाई गई है। लोन-लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी स्कीम शुरू करने की घोषणा की गई है। इसके जरिए प्राइवेट वेटरनरी और पैरावेटरनरी कॉलेज, अस्पताल, डायग्नोस्टिक लैब और ब्रीडिंग फैसिलिटी शुरू होगी। इससे गांवों में पशुओं के इलाज के लिए पर्याप्त संख्या में डॉक्टर और अन्य स्टाफ मिल सकेंगे। पशुपालकों के सामने बड़ी समस्या पशुओं के गर्भाधान की है। इस समस्या का समाधान होगा तो दुग्ध उत्पादन भी बढ़ेगा।
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किसानों-पशुपालकों और ग्रामीणों के लिए बजट में क्या?
केंद्रीय बजट 2026
- फोटो : Amar Ujala
-वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में बताया कि किसानों-पशुपालकों और ग्रामीणों के लिए बजट में क्या-क्या योजनाएं हैं।
-छोटे और सीमांत किसानों की आय में इजाफा लाने पर जोर। तमाम मौकों के जरिए दिव्यांगों के सशक्तीकरण पर फोकस।
-मत्स्य पालन के लिए 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों का एकीकृत विकास किया जाएगा। तटीय क्षेत्रों में फिशरीज वैल्यू चेन मजबूत की जाएंगी।
-स्टार्टअप और महिलाओं की अगुवाई वाले समूह बाजार से जुड़ेंगे।
-पशुपालन क्षेत्र के लिए लोन-आधारित सब्सिडी कार्यक्रम शुरू होंगे।
-पुशधन उद्यमों का संवर्धन और आधुनिकीकरण होगा। पशुधन किसान उत्पादक संगठनों को बढ़ावा दिया जाएगा।
-तटीय इलाकों में नारियल, चंदन, काजू जैसी फसलों को सहायता दी जाएगी। नारियल उत्पादन में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए नारियल संवर्धन योजना लाई जाएगी।
-भारतीय काजू और कोको के लिए समर्पित कार्यक्रम लाए जाएंगे। इन्हें वैश्विक ब्रांड बनाने का काम किया जाएगा।
-भारतीय चंदन लकड़ी की गरिमा को पुनर्स्थापित करने के लिए राज्यों से सहयोग किया जाएगा।
-अखरोट, बादाम की पैदावार बढ़ाने के लिए भी विशेष कार्यक्रम शुरू होगा।
-एआई टूल- भारत-VISTAAR कार्यक्रम की शुरुआत होगी। यह बहुभाषी एआई टूल किसानों को बेहतर फैसले लेने में मदद करेगा, जिससे उनकी उत्पादकता बढ़ेगी।
-छोटे और सीमांत किसानों की आय में इजाफा लाने पर जोर। तमाम मौकों के जरिए दिव्यांगों के सशक्तीकरण पर फोकस।
-मत्स्य पालन के लिए 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों का एकीकृत विकास किया जाएगा। तटीय क्षेत्रों में फिशरीज वैल्यू चेन मजबूत की जाएंगी।
-स्टार्टअप और महिलाओं की अगुवाई वाले समूह बाजार से जुड़ेंगे।
-पशुपालन क्षेत्र के लिए लोन-आधारित सब्सिडी कार्यक्रम शुरू होंगे।
-पुशधन उद्यमों का संवर्धन और आधुनिकीकरण होगा। पशुधन किसान उत्पादक संगठनों को बढ़ावा दिया जाएगा।
-तटीय इलाकों में नारियल, चंदन, काजू जैसी फसलों को सहायता दी जाएगी। नारियल उत्पादन में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए नारियल संवर्धन योजना लाई जाएगी।
-भारतीय काजू और कोको के लिए समर्पित कार्यक्रम लाए जाएंगे। इन्हें वैश्विक ब्रांड बनाने का काम किया जाएगा।
-भारतीय चंदन लकड़ी की गरिमा को पुनर्स्थापित करने के लिए राज्यों से सहयोग किया जाएगा।
-अखरोट, बादाम की पैदावार बढ़ाने के लिए भी विशेष कार्यक्रम शुरू होगा।
-एआई टूल- भारत-VISTAAR कार्यक्रम की शुरुआत होगी। यह बहुभाषी एआई टूल किसानों को बेहतर फैसले लेने में मदद करेगा, जिससे उनकी उत्पादकता बढ़ेगी।
