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यूपी: प्रदेश के 70 लाख प्रीपेड मीटर किए जाएंगे पोस्टपेड, आयोग में दायर की गई याचिका; जानिए पूरा मामला

अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Wed, 08 Apr 2026 09:51 PM IST
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सार

Electricity system of UP: यूपी में बिना सहमति के लगाए गए प्रीपेड मीटर अब पोस्टपेड किए जाएंगे। इस संबंध में एक याचिका दायर की गई है। 

UP: 7 million prepaid meters in the state will be converted to postpaid, a petition has been filed with the c
यूपी में बिजली मीटर का मामला।
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विस्तार

 प्रदेश में बिना सहमति के 70 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं के स्मार्ट प्रीपेड मीटर को पोस्टपेड मोड में बदलने का मामला बुधवार को नियामक आयोग पहुंच गया है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने नियामक आयोग में याचिका दायर कर मांग की कि सभी कम्पनियों को निर्देशित किया जाए कि प्रीपेड को तत्काल पोस्टपेड में बदला जाए।

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उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने बुधवार को विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार तथा सदस्य संजय कुमार सिंह से मुलाकात कर लोकहित प्रस्ताव (याचिका) दाखिल किया। इसमें बताया कि केंद्र सरकार द्वारा विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 47 (5) के तहत उपभोक्ताओं को प्रीपेड एवं पोस्टपेड मीटर चुनने का विकल्प है।
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ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा लोकसभा में दिए गए स्पष्टीकरण तथा केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा 1 अप्रैल 2026 को जारी अधिसूचना में भी स्पष्ट है कि सिर्फ स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता है। प्रीपेड या पोस्ट पेड चुनना उपभोक्ता के ऊपर निर्भर करता है। इसलिए सभी बिजली कंपनियों एवं पावर कॉरपोरेशन को तत्काल निर्देश जारी किए जाएं कि बिना उपभोक्ताओं की सहमति के प्रीपेड मोड में परिवर्तित किए गए लगभग 70 लाख स्मार्ट मीटरों को तुरंत पोस्टपेड मोड में बदला जाए। परिषद का कहना है कि नई अधिसूचना के जारी होने के 8 दिन बाद भी उत्तर प्रदेश में नए कनेक्शनों पर प्रीपेड मीटर अनिवार्य किया जाना केंद्र सरकार के आदेशों की अवहेलना है।

सात दिन में आयोग ने मांगा जवाब

6 अप्रैल को केस्को कानपुर में सुनवाई के दौरान जबरन प्रीपेड मीटर लगाए जाने के मामले में विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 47(5) के उल्लंघन को लेकर अवमानना प्रस्ताव आयोग को सौंपा गया था। इस पर आयोग ने पावर कॉरपोरेशन एवं संबंधित कंपनी के प्रबंध निदेशक से 7 दिनों के भीतर रिपोर्ट मांगी है।

उपभोक्ता को मिलेगा अधिकार: वर्मा
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने प्रदेश के सभी बिजली उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे चिंतित न हों। परिषद का दावा है कि इस मुद्दे पर केंद्र स्तर पर स्पष्टता मिल चुकी है और जिन उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर बिना सहमति के प्रीपेड मोड में बदले गए हैं, उन्हें पुनः पोस्टपेड मोड में परिवर्तित कराया जाएगा।

परिषद ने यह भी कहा कि यदि समय रहते नियामक आयोग द्वारा बिजली कंपनियों को स्पष्ट निर्देश जारी नहीं किए गए, तो उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा और वे केंद्र सरकार द्वारा दिए गए अधिकारों का लाभ नहीं उठा पाएंगे।

प्रदेश की बिजली कंपनियों में बड़े पैमाने पर भारत सरकार केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा जारी अधिसूचना वी लोकसभा में ऊर्जा मंत्री द्वारा दिए गए बयान के बाद पूरे प्रदेश में उपभोक्ता बिजली दफ्तर पहुंच रहे हैं। पावर कारपोरेशन का आदेश न जारी होने की वजह से क्षेत्रीय अधिकारी उनका समाधान नहीं कर रहे हैं या पूरी तरह उपभोक्ताओं के अधिकारों का हनन है ऐसे में बिजली कंपनियों के खिलाफ सख्त कदम उठाया जाना जरूरी है।

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