यूपी: अखिलेश बोले- यूपी एमएलसी चुनाव में ‘ऑल आउट’ हो गई पार्टी, लखनऊ वाले दिल्ली वालों का फोन नहीं उठा रहे
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने विधान परिषद चुनाव के नतीजों को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने वाराणसी में हार का जिक्र करते हुए पार्टी को ऑल आउट बताया। साथ ही, सपा प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी को हराने की साजिश और शिक्षकों के उत्पीड़न के आरोप लगाए।
विस्तार
उत्तर प्रदेश में एमएलसी चुनाव के नतीजों को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर वाराणसी में हार को लेकर भाजपा पर तंज कसा और मतगणना में गड़बड़ी की साजिश का आरोप लगाया। अखिलेश यादव ने पोस्ट में लिखा, “वाराणसी में एमएलसी चुनाव में हार से हताश भाजपा की हालत खराब है। लखनऊ वाले दिल्ली वालों का फोन नहीं उठा रहे हैं। सच तो ये है कि भाजपा यूपी एमएलसी चुनाव में ऑल आउट हो गई है।”
वाराणसी में एमएलसी चुनाव में हार से हताश भाजपा की हालत ख़राब है। लखनऊ वाले दिल्ली वालों का फ़ोन नहीं उठा रहे हैं। सच तो ये है कि भाजपा यूपी एमएलसी चुनाव में ऑल आउट हो गई है।
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) October 28, 2026विज्ञापन
डॉ. संजयन त्रिपाठी को लेकर लगाए आरोप
अखिलेश यादव ने डॉ. संजयन त्रिपाठी को लेकर भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि सपा प्रत्याशी को हराने की साजिश सामने आ गई है। अपने पोस्ट में उन्होंने ‘हाता नहीं भाता’ का जिक्र करते हुए भाजपा पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि पार्टी वोट से नहीं, बल्कि खोट से जीतती है।
सपा अध्यक्ष ने डॉ. संजयन त्रिपाठी के कथित उत्पीड़न और उनके आंसुओं का जिक्र करते हुए कहा कि शिक्षक समाज इस घटना को नहीं भूलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासन में शिक्षकों को अपमान का सामना करना पड़ा है। साथ ही, शिक्षकों से चारा इकट्ठा करने जैसे काम करवाने के कथित षड्यंत्र का भी जिक्र किया।
शिक्षकों के साथ खड़े रहने की बात कही
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी डॉ. संजयन त्रिपाठी और उनके समाज के साथ कथित अन्याय व उत्पीड़न के खिलाफ खड़ी है और आगे भी खड़ी रहेगी। उनके बयान से एमएलसी चुनाव की मतगणना को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
हालांकि, मतगणना में गड़बड़ी और साजिश से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है। इस मामले में भाजपा और संबंधित चुनाव अधिकारियों की प्रतिक्रिया सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।