UP: भाजपा की हार पर अखिलेश यादव का तंज, बोले- भगवान को नचाने का अहंकार रखने वालों को भगवान ने ही नचा दिया
समाजवादी पार्टी प्रमुख ने चुनावी नतीजों के बाद भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए इसे जनता के गुस्से का परिणाम बताया। उन्होंने भ्रष्टाचार, महंगाई, बेरोजगारी और अन्य मुद्दों को हार की वजह बताया। साथ ही संगठनात्मक नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए विपक्ष की जीत को जनता का स्पष्ट संदेश बताया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए हालिया चुनावी नतीजों को जनता के आक्रोश का परिणाम बताया। उन्होंने X अकाउंट पर लिखा-"भगवान को नचाने का अहंकार रखने वालों को भगवान ने ही नचा दिया। अपने को भगवान से ऊपर समझने वालों को भगवान ने चलती गाड़ी से नीचे उतार दिया और उनके घमंड का बुखार भी उतार दिया।"
भाजपा की हार युवाओं की एकता और उनके अभिभावकों के गुस्से का संयुक्त परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में "वोट चोरी, पेपर चोरी, चढ़ावा-चंदा-दान चोरी, नौकरी चोरी, आरक्षण चोरी, कमीशनखोरी, पीडीए पर अत्याचार, घोर भ्रष्टाचार, महंगाई, मिलावट के सरकारीकरण और माताओं-बेटियों के अपमान" जैसे मुद्दों से जनता त्रस्त रही।
भगवान को नचाने का अहंकार रखनेवालों को भगवान ने ही नचा दिया। अपने को भगवान से ऊपर समझनेवालों को भगवान ने चलती गाड़ी से नीचे उतार दिया है और साथ ही उनके घमंड का बुख़ार भी।
विज्ञापन विज्ञापन
ये युवाओं की एकता और उनके अभिभावकों के आक्रोश का संयुक्त परिणाम है क्योंकि:
- ‘वोट चोरी’
- ‘पेपर चोरी’
-…
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) August 3, 2026
अपनी ही विधानसभा नहीं जिता पाए
उन्होंने कहा कि भाजपा ने जनता के विश्वास और आस्था तक को ठगने का काम किया है। अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि अब भाजपा के लोग भी अपने ही नेताओं का इस्तीफा मांगेंगे, क्योंकि जो अपनी ही विधानसभा नहीं जिता पाए, उनके भरोसे पार्टी आगे कैसे बढ़ेगी। यह हार उन लोगों की भी है जिन्होंने संगठन पर अपनी पसंद थोपकर नेतृत्व तय किया।
सपा प्रमुख ने भाजपा के संगठनात्मक नेतृत्व पर भी निशाना साधते हुए कहा कि "सबसे ज्यादा खुश वे लोग हैं जिन्हें पीडीए समाज से होने के बावजूद राष्ट्रीय स्तर का पद नहीं दिया गया।" उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि अब लोग पूछ रहे हैं, "5 बड़ा या 7?" साथ ही यह भी कहा कि जब राष्ट्रीय अध्यक्ष विधानसभा नहीं जिता पाए तो प्रदेश अध्यक्ष विधानसभा चुनाव कैसे जिताएंगे।
डबल इंजन की डबल हार
अखिलेश यादव ने इसे "डबल इंजन की डबल हार" करार देते हुए कहा कि भाजपा की सबसे सुरक्षित और परंपरागत सीटें भी अब उसे नहीं बचा पाएंगी। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में भाजपा के लिए टिकट लेने वाले उम्मीदवार भी ढूंढना मुश्किल हो जाएगा।
अंत में उन्होंने विजयी उम्मीदवारों को बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि वे जनता की अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे और संविधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता निभाएंगे। साथ ही उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, "लड्डू तो भाजपा के अंदर भी बंट रहे हैं।"