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UP: "ब्राह्मणों के अपमान वाली फिल्म पर लगे प्रतिबंध", मायावती ने "घूसखोर पंडित" पर रोक लगाने की मांग की
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Fri, 06 Feb 2026 12:37 PM IST
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सार
Ghooskhor Pandat Title Controversy: बसपा सुप्रीमो मायावती ने फिल्म 'घूसखोर पंडित' पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि ब्राह्मणों का अपमान करना दुख व चिंता की बात है।
बसपा सुप्रीमो ने फिल्म पर रोक लगाने की मांग की।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने ब्राह्मणों के अपमान पर चिंता जताते हुए 'घूसखोर पंडित' फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है।
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बसपा सुप्रीमो ने शुक्रवार को जारी अपने बयान में कहा कि यह दुख व चिंता की बात है कि पिछले कुछ समय से अकेले यूपी में ही नहीं, बल्कि अब फिल्मों में भी 'पंडित' को घूसखोर बताकर पूरे देश में इनका अपमान और अनादर किया जा रहा है। इससे समूचे ब्राह्मण समाज में जबरदस्त रोष व्याप्त है। बसपा इसकी कड़े शब्दों में निंदा करती है। ऐसी जातिसूचक फिल्म पर केंद्र सरकार को तुरंत प्रतिबंध लगाना चाहिए।
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यह बड़े दुख व चिन्ता की बात है कि पिछले कुछ समय से अकेले यू.पी. में ही नहीं बल्कि अब तो फिल्मों में भी ’पंडत’ को घूसखोर आदि बताकर पूरे देश में जो इनका अपमान व अनादर किया जा रहा है तथा जिससे समूचे ब्राह्मण समाज में इस समय ज़बरदस्त रोष व्याप्त है, इसकी हमारी पार्टी भी कड़े शब्दों…
— Mayawati (@Mayawati) February 6, 2026
निर्देशक के खिलाफ एफआईआर दर्ज
इसके पहले, हजरतगंज कोतवाली में फिल्म घूसखोर पंडित के निर्देशक व उनकी टीम के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। निर्देशक के खिलाफ जातिगत भावनाएं आहत करने व सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने की कोशिश के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है।
लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया है कि समाज में सौहार्द बिगाड़ने और धार्मिक व जातिगत भावनाओं को आहत करने के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की गई है। फिल्म का शीर्षक एक विशेष जाति (ब्राह्मण) को लक्षित कर अपमानित करने के उद्देश्य से रखा गया है जिसे लेकर समाज में भारी रोष एवं आक्रोश व्याप्त है।
जारी किए गए बयान में कहा गया है कि ऐसा लगता है कि डायरेक्टर व उनकी टीम द्वारा समाज में वैमनस्यता फैलाने, शांति व्यवस्था भंग करने और सौहार्द बिगाड़ने के उद्देश्य से इस सामग्री को प्रकाशित किया गया है। किसी भी समुदाय की भावनाओं को आहत करने और शांति व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी
