फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: Distance to the city will no longer hinder education; a digital gateway to knowledge has opened in the vil

यूपी: अब शहर की दूरी नहीं रोकेगी पढ़ाई, गांव में खुला ज्ञान का डिजिटल द्वार; पढ़िए सीएम योगी का पोस्ट

Mon, 05 Oct 2026 01:03 PM IST
Akash Dwivedi डिजिटल डेस्क, लखनऊ
डिजिटल डेस्क, लखनऊ Published by: Akash Dwivedi Updated Mon, 05 Oct 2026 01:03 PM IST
सार

बहराइच के खसहा मोहम्मदपुर गांव में डिजिटल लाइब्रेरी से विद्यार्थियों को किताबों, इंटरनेट और आधुनिक तकनीक की सुविधा गांव में ही मिल रही है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के साथ ई-लर्निंग का अवसर भी बढ़ा है। प्रदेश में डिजिटल शिक्षा के विस्तार से ग्रामीण युवाओं को बेहतर शैक्षिक संसाधन उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

विज्ञापन
UP: Distance to the city will no longer hinder education; a digital gateway to knowledge has opened in the vil
सीएम योगी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कभी गांव के किसी बच्चे को प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करनी होती थी तो बेहतर किताबों और संसाधनों के लिए शहर का रुख करना पड़ता था। आने-जाने में समय और पैसा दोनों खर्च होते थे। अब बहराइच के तेजवापुर ब्लॉक के खसहा मोहम्मदपुर गांव में डिजिटल लाइब्रेरी ने पढ़ाई के संसाधनों को घर के करीब पहुंचा दिया है। ग्राम पंचायत सचिवालय में तैयार की गई यह लाइब्रेरी परंपरागत अध्ययन को आधुनिक तकनीक से जोड़ रही है।

विज्ञापन


डिजिटल लाइब्रेरी में कंप्यूटर, प्रिंटर, हाईस्पीड इंटरनेट, वाई-फाई, स्मार्ट टीवी और सीसीटीवी जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़ी पुस्तकों के साथ नेशनल बुक ट्रस्ट का साहित्य भी यहां उपलब्ध कराया गया है। ऐसे में विद्यार्थियों और युवाओं को एक ही स्थान पर किताबों के साथ डिजिटल अध्ययन सामग्री भी मिल रही है।
विज्ञापन

 

शहर जाने में खर्च होने वाला समय अब पढ़ाई में

गांव में संसाधन उपलब्ध होने से बच्चों और युवाओं के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी आसान हुई है। यहां विद्यार्थी नियमित अध्ययन के साथ ई-लर्निंग से भी जुड़ रहे हैं। पहले पढ़ाई के लिए शहर जाने में जो समय और पैसा खर्च होता था, अब उसका इस्तेमाल पढ़ाई में किया जा रहा है।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2017 से पहले ई-लाइब्रेरी की पहुंच राज्य और जिला स्तर के करीब 76 स्थानों तक सीमित थी। अब डिजिटल लाइब्रेरी 57,600 ग्राम पंचायतों तक पहुंचने का दावा किया जा रहा है। डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए करीब 60 लाख युवाओं को स्मार्टफोन और टैबलेट उपलब्ध कराए जाने की बात भी कही गई है।

 

32 हजार से अधिक स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम

प्रदेश में डिजिटल शिक्षा के विस्तार के तहत 32 हजार से अधिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम और 15 हजार से अधिक विद्यालयों में आईसीटी लैब के माध्यम से पढ़ाई को तकनीक से जोड़ा गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को भी आधुनिक शैक्षिक संसाधनों तक पहुंच मिल रही है।

सरकार के अनुसार, वर्ष 2012-16 के दौरान पर्याप्त सरकारी निधि उपलब्ध होने के बावजूद 6.22 लाख बच्चों को पाठ्यपुस्तकें और 97 लाख बच्चों को यूनिफॉर्म नहीं मिल सकी थी। मौजूदा डिजिटल लाइब्रेरी पहल को गांवों में शिक्षा के संसाधन बढ़ाने की दिशा में बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।

खसहा मोहम्मदपुर की डिजिटल लाइब्रेरी इसी बदलाव की तस्वीर पेश करती है। ग्राम पंचायत सचिवालय अब प्रशासनिक सेवाओं के साथ-साथ ज्ञान, अध्ययन और तकनीक के केंद्र के रूप में भी विकसित हो रहे हैं। अभिभावकों को भी उम्मीद है कि बच्चों को आधुनिक शैक्षिक संसाधनों के लिए अब गांव से दूर नहीं जाना पड़ेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed