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यूपी: प्रदेश में पहुंचा आठवां वेतन आयोग, आठ लाख तक अधिकतम वेतन की मांग; क्या अब इतनी हो जाएगी सैलरी?

अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Wed, 24 Jun 2026 09:27 AM IST
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सार

8th Pay Commission: राजधानी में मंगलवार को 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के समक्ष विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने अपने सुझाव दिए। सबसे ज्यादा सुझाव अधिकतम वेतन को लेकर आए। 

UP: Eighth Pay Commission reaches state, demands maximum salary of 8 lakh rupees; will salaries now be this mu
आठवें वेतनमान के बाद इतनी होगी सैलरी। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार

राजधानी में मंगलवार को 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के समक्ष विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने अपने-अपने सुझाव रखते हुए वेतन, भत्तों, पेंशन और सेवा शर्तों में व्यापक बदलाव की मांग की। सबसे प्रमुख मांगों में वार्षिक वेतन वृद्धि 3 से 6 प्रतिशत तक करने, ड्यूटी के दौरान मृत्यु पर एक्स ग्रेशिया 25 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये करने, पुरानी पेंशन बहाल करने और न्यूनतम वेतन 60 हजार से 70,700 रुपये और अधिकतम वेतन 8,33,250 रुपये करने का प्रस्ताव रहा।



8वें केंद्रीय वेतन आयोग के प्रतिनिधिमंडल के दो दिवसीय उत्तर प्रदेश दौरे के दूसरे दिन मंगलवार को विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने आयोग के समक्ष विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ डिप्लोमा इंजीनियर्स, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल डायरेक्टोरेट ऑफ ऑर्डनेंस फैक्ट्री हॉस्पिटल एसोसिएशन तथा उत्तर प्रदेश आईएएस एसोसिएशन और रिटायर्ड आईएएस एसोसिएशन ने वेतन संरचना, भत्तों, पेंशन और सेवा शर्तों में व्यापक संशोधन की मांग उठाई।
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ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ डिप्लोमा इंजीनियर्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष एन.डी. द्विवेदी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने आयोग के समक्ष पक्ष रखा। फेडरेशन ने 3.93 फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम वेतन 70,700 रुपये तथा जूनियर इंजीनियरों का न्यूनतम वेतन 1.39 लाख रुपये करने की मांग की। साथ ही वार्षिक वेतन वृद्धि 6 प्रतिशत, लेवल-6, 7 और 8 तथा लेवल-9 और 10 के विलय, मकान किराया भत्ता 35 से 45 प्रतिशत तक करने और परिवहन भत्ता तीन गुना बढ़ाने का सुझाव दिया। ड्यूटी के दौरान मृत्यु पर एक्स ग्रेशिया 2 करोड़ रुपये, ग्रेच्युटी सीमा 75 लाख रुपये, 600 दिन का लीव एनकैशमेंट तथा पुरानी पेंशन बहाली की भी मांग की गई।
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 न्यूनतम वेतन 60 हजार रुपये, अधिकतम वेतन 8.33 लाख रुपये करने की मांग 

UP: Eighth Pay Commission reaches state, demands maximum salary of 8 lakh rupees; will salaries now be this mu
8वां वेतन आयोग - फोटो : अमर उजाला

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे.एन. तिवारी और महामंत्री अरुणा शुक्ला ने आयोग के समक्ष न्यूनतम वेतन 60 हजार रुपये, अधिकतम वेतन 8.33 लाख रुपये, 3.333 फिटमेंट फैक्टर तथा वार्षिक वेतन वृद्धि 5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा। परिषद ने 50 प्रतिशत महंगाई भत्ते को मूल वेतन में समाहित करने, प्रत्येक पांच वर्ष में पदोन्नति अथवा वित्तीय उन्नयन, पुरानी पेंशन बहाली, 70 वर्ष की आयु के बाद चरणबद्ध पेंशन वृद्धि और ग्रेच्युटी सीमा 50 लाख रुपये करने की मांग भी की।

कुशल श्रीवास्तव ने ऑर्डनेंस फैक्ट्री अस्पतालों के कर्मचारियों के एंट्री पे-लेवल में वृद्धि, विभिन्न भत्तों के पुनरीक्षण तथा सेवा संबंधी मांगें आयोग के समक्ष रखीं। एसोसिएशन के अनुसार आयोग ने अधिकांश प्रस्तावों पर सकारात्मक रुख दिखाया। फार्मेसी अधिकारियों के लिए प्रस्तावित नई वेतन संरचना को भी आयोग की संस्तुतियों में शामिल करने का आश्वासन दिया गया।

वहीं, उत्तर प्रदेश आईएएस एसोसिएशन और रिटायर्ड आईएएस एसोसिएशन की ओर से वरिष्ठ आईएएस अधिकारी देवेश चतुर्वेदी ने वेतन, भत्तों, चिकित्सा सुविधाओं, हाउस बिल्डिंग एडवांस, ग्रेच्युटी, पेंशन कम्यूटेशन तथा वरिष्ठ स्तरों पर वेतन प्रगति में सुधार की जरूरत पर जोर दिया।

यह हैं कर्मचारी संगठन की प्रमुख मांगे

  1. वार्षिक वेतन वृद्धि 5 से 6 प्रतिशत करने का प्रस्ताव (विभिन्न संगठनों की अलग-अलग मांग)। फिटमेंट फैक्टर 3.333 से 3.93 तक निर्धारित करने की मांग।
  2. न्यूनतम वेतन 60,000 से 70,700 रुपये तथा अधिकतम वेतन 8.33 लाख रुपये तक करने का प्रस्ताव।
  3. ड्यूटी के दौरान मृत्यु पर एक्स ग्रेशिया 25 लाख की जगह 2 करोड़ रुपये देने की मांग।
  4. पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल करने की मांग।
  5. ग्रेच्युटी सीमा 50 से 75 लाख रुपये तक बढ़ाने का प्रस्ताव।
  6. मकान किराया, परिवहन, शिक्षा, चिकित्सा, जोखिम और अन्य भत्तों में व्यापक संशोधन की मांग।
  7. प्रत्येक पांच वर्ष में पदोन्नति या वित्तीय उन्नयन तथा तकनीकी कर्मचारियों की वेतन विसंगतियां दूर करने का प्रस्ताव।
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