यूपी: विजिलेंस के दो ट्रैप, आगरा में बिजली विभाग का जेई और बांदा में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का जेई गिरफ्तार
बांदा में विजिलेंस टीम ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जूनियर इंजीनियर सलमान को एक लाख रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। आरोप है कि ग्रेनाइट प्लांट संचालक से नोटिस पर कार्रवाई नहीं करने के बदले रकम मांगी गई थी। शिकायत की जांच के बाद विजिलेंस ने जाल बिछाकर आरोपी को रंगे हाथ पकड़ा।
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सतर्कता अधिष्ठान की टीमों ने सोमवार को दो जिलों में बड़ी कार्रवाई की। बांदा में क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया, जबकि आगरा में बिजली विभाग के अवर अभियंता (जेई) और एक निविदाकर्मी को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया। तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित थानों में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया।
आईजी विजिलेंस मंजिल सैनी के मुताबिक, झांसी सतर्कता अधिष्ठान की ट्रैप टीम ने बांदा के इंदिरा नगर स्थित क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्यालय में क्षेत्रीय अधिकारी सलमान को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। शिकायतकर्ता झांसी में केशर प्लांट का संचालन करता है।
उसके मुताबिक 18 जून 2026 को क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से बिना सर्वे किए उनको नोटिस भेजा गया था। इसके बाद अधिकारी ने उसे फोन कर मिलने को कहा। मुलाकात के दौरान नोटिस पर कार्रवाई नहीं करने के एवज में एक लाख रुपये मांगे गए। शिकायतकर्ता की शिकायत पर गोपनीय जांच कराई गई, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद ट्रैप टीम ने कार्रवाई की।
वहीं आगरा के शमसाबाद बिजली उपखंड कार्यालय में जेई विनेश यादव और ठेकेदार लोकेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया गया। शमसाबाद के मोहल्ला टोला निवासी अर्जुन ने नए मकान में बिजली कनेक्शन के लिए 24 अक्तूबर को आवेदन किया था। मौके का निरीक्षण होने के बाद कनेक्शन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए जेई से संपर्क करने को कहा गया। आरोप है कि जेई ने कनेक्शन पास कराने के एवज में 10 हजार रुपये मांगे। शिकायत के बाद सतर्कता अधिष्ठान ने जाल बिछाया और आरोपियों को रंगेहाथ पकड़ा।
यहां करें शिकायत
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत मांगे तो हेल्पलाइन नंबर 9454401866 पर शिकायत कर सकते हैं। अगर शिकायकर्ता जानकारी गोपनीय रखना चाहेगा तो गोपनयीता रखी जाएगी।