फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: Kanpur Expressway Project Director removed; toll collection suspended until repairs are completed.

UP: कानपुर एक्सप्रेसवे के प्रोजेक्ट डायरेक्टर हटाए गए, मरम्मत पूरी होने तक टोल वसूली पर रोक

Wed, 05 Aug 2026 05:28 PM IST
Akash Dwivedi डिजिटल डेस्क, लखनऊ
डिजिटल डेस्क, लखनऊ Published by: Akash Dwivedi Updated Wed, 05 Aug 2026 05:28 PM IST
सार

कानपुर एक्सप्रेसवे में तकनीकी खामियों और निर्माण संबंधी अनियमितताओं के बाद सरकार ने प्रोजेक्ट डायरेक्टर को हटाकर नए अधिकारी की नियुक्ति की है। मरम्मत कार्य पूरा होने तक टोल वसूली पर रोक लगा दी गई है। अब नए अधिकारी की निगरानी में सड़क को सुरक्षित और निर्धारित मानकों के अनुरूप तैयार किया जाएगा।

विज्ञापन
UP: Kanpur Expressway Project Director removed; toll collection suspended until repairs are completed.
कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर धंसाव (स्लिपेज) के मामले में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए निर्माण कंपनी, स्वतंत्र अभियंता और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। एनएचएआई ने निर्माण एजेंसी पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड को नॉन-परफॉर्मर घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे भविष्य में वह एनएचएआई की परियोजनाओं की निविदाओं में भाग लेने से अयोग्य हो सकती है।

विज्ञापन


एनएचएआई के अनुसार, 26 जुलाई 2026 को एक्सप्रेसवे के किमी-64 के पास सड़क धंसने की घटना सामने आई थी। इसके बाद तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कराया गया और तकनीकी जांच के साथ जिम्मेदार पक्षों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई।

विज्ञापन

पीएनसी इंफ्राटेक को कारण बताओ नोटिस

एनएचएआई ने कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी कर निष्पादन सुरक्षा (परफॉर्मेंस सिक्योरिटी) का दो प्रतिशत तक जुर्माना लगाने, जिम्मेदार अधिकारियों को तीन वर्ष तक डिबार करने और कंपनी की रेटिंग घटाने की कार्रवाई शुरू की है। साथ ही लगभग तीन करोड़ रुपये की लागत से क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत अपने खर्च पर कराने के निर्देश दिए गए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

 

अधिकारियों पर भी गिरी गाज

निर्माण एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक कुमार गुप्ता, स्वतंत्र अभियंता के टीम लीडर सुरेंद्र कुमार और रेजिडेंट इंजीनियर यतेंद्र कुमार को परियोजना से हटाकर दो वर्षों के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, एनएचएआई और एनएचआईडीसीएल की परियोजनाओं से प्रतिबंधित कर दिया गया है।

वहीं, वर्तमान परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा को उनके मूल विभाग में वापस भेज दिया गया है। पूर्व परियोजना निदेशक सौरभ चौरसिया और नकुल प्रकाश वर्मा के खिलाफ भी कथित लापरवाही के आरोप में आरोपपत्र जारी किए जा रहे हैं।

कंसल्टेंट कंपनी पर भी कार्रवाई

परियोजना की स्वतंत्र अभियंता संस्था थीम इंजीनियरिंग सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को भी भविष्य की एनएचएआई परियोजनाओं से डिबार करने के लिए नोटिस जारी किया गया है।

आईआईटी खड़गपुर की विशेषज्ञ समिति करेगी जांच

एनएचएआई ने पूरे एक्सप्रेसवे की सड़क की गुणवत्ता का आकलन लेजर प्रोफिलोमीटर तकनीक से कराने का निर्णय लिया है। साथ ही आईआईटी खड़गपुर के प्रोफेसर के. एस. रेड्डी के नेतृत्व में विशेषज्ञ समिति गठित की गई है, जो धंसाव के कारणों की विस्तृत जांच कर सुधारात्मक उपाय सुझाएगी।

मरम्मत तक टोल वसूली बंद

एनएचएआई ने स्पष्ट किया है कि एक्सप्रेसवे का सुधार कार्य पूरा होने तक टोल वसूली पूरी तरह स्थगित रहेगी। इस दौरान यात्रियों से कोई टोल नहीं लिया जाएगा और टोल राजस्व का नुकसान भी निर्माण कंपनी से ही वसूला जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed