UP: केशव बोले- अखिलेश जाग जाएं, सार्वजनिक रूप से मांग लें माफी, विधेयक पास होता तो प्रदेश को मिलता ये लाभ
उत्तर प्रदेश में महिला आरक्षण को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। सत्ता पक्ष ने विपक्ष पर विरोध का आरोप लगाते हुए माफी की मांग की है। साथ ही दावा किया गया कि इस कानून से महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ेगा। विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठाकर आने वाले चुनावों को लेकर भी चेतावनी दी गई।
विस्तार
नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लोकसभा में पारित न कराने के विरोध में नारी सशक्तिकरण पर आहूत विशेष सत्र में विधान परिषद में नेता सदन केशव प्रसाद मौर्या ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव का समर्थन न कर सपा, कांग्रेस, टीएमसी और डीएमके ने महिला विरोधी चरित्र दिखाया है। उन्होंने कहाकि यदि ये पारित हो जाता तो यूपी संसद में यूपी के सांसदों की संख्या 80 की जगह 120 होती। प्रदेश विधानसभा में 403 की जगह 603 और विधान परिषद में 100 की जगह 150 सदस्य होते।
बृहस्पतिवार को विशेष चर्चा के दौरान सपा पर हमला बोलते हुए नेता सदन ने कहा कि यूपी को गाली देने वाली डीएमके के साथ सपा ने हाथ मिलाया। उन्होंने 2 जून 1995 को स्टेट गेस्ट हाउस कांड से लेकर लड़कों से गलती हो जाती है, जैसे बयानों पर सपा को घेरा।
सावित्री देवी कांड, आजम खान द्वारा दुष्कर्म के आरोपी को फोन कर छुड़वाने, बंदायू कांड से लेकर बुलंदशहर कांड तक में महिलाओं के साथ हुए अत्याचार की याद दिलाई और कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था कि महिलाओं को अधिकार देना नहीं बल्कि लौटाना है।
केशव ने कहा कि सपा ने संसद में अल्पसंख्यक महिलाओं आरक्षण की मांग की जबकि संविधान धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं देता। उन्होंने कहा कि सपा ने केवल मुस्लिमों की राजनीति की, उन्हें वोट बैंक बनाकर रखा इसीलिए मुस्लिमों की स्थिति जस की तस है। उन्होंने महिलाओं के लिए सरकार द्वारा लागू योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि हमारी सरकार में हिन्दू-मुस्लिम में भेद नहीं किया जाता।
सपा सदस्यों से सवाल किया कि क्या आपने पूजा पाल का सुहाग उजाड़ने वालों को संरक्षण नहीं दिया था? क्या आप आधी आबादी से टकराएंगे? फिर कहा कि सावित्री बाई फुले ने महिला अधिकार और सम्मान देने का काम किया।
केशव ने सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और डिंपल यादव का नाम लेते हुए कहा कि क्या केवल सैफई और गांधी परिवार की महिलाएं ही संसद जाएंगी। यदि सामान्य महिला को सदन भेजना है तो आरक्षण लाना ही होगा।
केशव बोले-अखिलेश यादव को समझाएं सपा विधायक
केशव प्रसाद मौर्य ने सपा सदस्यों से कहा कि अपने नेता अखिलेश यादव को समझाएं कि अभी भी जाग जाएं। नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक के विरोध पर सार्वजनिक रूप से माफी मांग लें। अन्यथा सपा भी सदन से गायब हो जाएगी।
महिला विरोधियों को 2027 में इसका लाभ नहीं बल्कि सजा मिलेगी क्योंकि इनका उद्देश्य महिलाओं, दलितों, पिछड़ों को उनका हक या आरक्षण दिलाना नहीं बल्कि सिर्फ ढोल बजाना है। इनके हित में काम करने वाली भाजपा हरियाणा, दिल्ली के बाद पश्चिम बंगाल में भी सरकार बनाने जा रही है। चार मई के बाद लोग अखिलेश यादव को खोजेंगे।
उन्होंने बताया कि प्रदेश की 57694 ग्राम पंचायतों में से 78 फीसदी यानी 44968 ने, 826 विकास खंड में से 81 फीसदी यानी 671 ने, 75 में 63 जिला पंचायतों ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में प्रस्ताव पास करके भेजा है। विपक्ष जाति जनगणना के नाम पर सिर्फ सस्ती लोकप्रियता पाने में लगा है।
