यूपी: फ्लीट कार्ड के जरिये बड़ा फर्जीवाड़ा, 1.05 करोड़ का किया गबन; आईओसीएल के फील्ड ऑफिसर समेत दस पर एफआईआर
68,500 सहायक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने नियुक्ति की मांग को लेकर मंत्री ओम प्रकाश राजभर के आवास के बाहर प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों ने आरक्षण संबंधी विसंगतियां दूर करने और संशोधित चयन सूची जारी करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान पुलिस से धक्का-मुक्की हुई। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे करीब आठ साल से नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं।
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जीएस एक्सप्रेस प्रा. लि. के मुख्य वित्त अधिकारी डीएस सिंह ने कंपनी के कर्मी व आईओसीएल के फील्ड ऑफिसर समेत दस लोगों पर 1.05 करोड़ का गबन का आरोप लगाया है। डीसीपी पूर्वी डॉ. दीक्षा शर्मा के आदेश पर गोमती नगर पुलिस ने सोमवार को आरोपियों पर प्राथमिकी दर्ज की है।
दर्ज एफआईआर में मुख्य वित्त अधिकारी डीएस सिंह ने बताया कि उनकी कंपनी वर्ष 2020 से इंडियन ऑयल कारपोरेशन लि. के फ्लीट कार्ड के जरिये डीजल खरीदती है। फ्लीट कार्ड के संचालन और प्रबंधन की जिम्मेदारी उनकी कंपनी ने फैजुल्लागंज निवासी फरहान अहमद खान को दी थी। कुछ समय पहले कंपनी ने फ्लीट कार्ड से किए गए लेन-देन का ऑडिट कराया तो हैरान करने वाली बात सामने आई।
पता चला कि जनवरी 2024 से अक्तूबर 2025 तक कंपनी में करीब 90 लाख का गबन हुआ। जबकि सहयोगी कंपनी एबको इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा. लि. को 15 लाख का नुकसान पहुंचाया गया। आरोप है कि फरहान ने आईओसीएल के सरस्वती फिलिंग स्टेशन के कर्मचारी अंकुल कौशल, सुनील सिंह और चार अज्ञात कर्मचारियों की मिलीभगत के साथ कंपनी को नुकसान पहुंचाया है।
आरोप है कि इस गबन में पंप के प्रबंधक हरि शंकर पांडेय और आईओसीएल के फील्ड ऑफिसर विपुल प्रसाद भी शामिल हैं। मुख्य वित्त अधिकारी का आरोप है कि फरहान फ्लीट कार्ड का गलत इस्तेमाल करके पंप के प्रबंधक और कर्मचारियों से डीजल की जगह रकम लेता गया। बाद यह रकम फरहान की पत्नी को दी जाने लगी।
कंपनी के लेटरहेड का दुरुपयोग करने का भी आरोप
मुख्य वित्त अधिकारी ने बताया कि जब मामले की और गहराई से तफ्तीश की गई तो पता चला कि आरोपी फरहान ने 12 सितंबर 2024 को जीएस एक्सप्रेस प्रा. लि. के लेटर हेड का दुरुपयोग किया। लेटर हैड पर उसने पेट्रोल पंप से सीएनजी और ल्यूब्रिकेंट्स के लेनदेन का सत्यापन कर दिया।
जबकि कंपनी में सीएनजी और ल्यूब्रिकेंट्स का उपयोग तक नहीं होता था। गबन के मामले में जब आरोपी से पूछताछ की गई तो उसने अपना जुर्म स्वीकार लिया। उसने पूरी रकम कंपनी के लौटाने की बात कही। आरोप है कि बाद में वह मुकर गया और गाली-गलौज करने लगा। आरोपी धमकाने लगा। गबन की जांच अभी भी चल रही है।
इन पर हुई कार्रवाई
इंस्पेक्टर गोमतीनगर ब्रजेश चंद्र तिवारी ने बताया कि जांच में मामला सही पाए जाने पर फरहान, उसकी पत्नी, पेट्रोल पंप के कर्मचारी अंकुल कौशल, सुनील सिंह, चार अज्ञात, पंप के प्रबंधक हरि शंकर पांडेय और आईओसीएल के फील्ड ऑफिसर विपुल प्रसाद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की विवेचना शुरू की गई है। शिकायतकर्ता से गबन संबंधी दस्तावेज मांगे गए हैं। साक्ष्य संकलित होने और बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।