यूपी: सितंबर के पहले ही दिन प्रदेश में रिकॉर्ड बारिश, टूटा 125 साल पुराना रिकॉर्ड; इन जिलों के लिए अलर्ट जारी
Weather in UP: मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले तीन से चार दिन दक्षिणी उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। पूर्वी और दक्षिणी जिलों में अच्छी बारिश हो सकती है।
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अगस्त में हुई जोरदार बारिश ने उत्तर प्रदेश में कई पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए। प्रदेश में साल 2018 के बाद यह 21वीं सदी का सबसे अधिक बारिश वाला अगस्त रहा। पूरे प्रदेश में सामान्य 235.5 मिमी के मुकाबले 291.3 मिमी बारिश हुई। प्रयागराज में अगस्त के दौरान 631.6 मिमी और बांदा में 646 मिमी बारिश दर्ज हुई। इन दोनों जिलों में वर्ष 1901 से अब तक अगस्त में इतनी बारिश कभी दर्ज नहीं की गई।
बंगाल की खाड़ी के सात सिस्टम बने बारिश की बड़ी वजह
क्षेत्रीय माैसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बने सात निम्न दबाव क्षेत्रों ने अगस्त में मानसून को लगातार सक्रिय रखा। प्रदेश में अगस्त के दौरान सामान्य 235.5 मिमी के मुकाबले 291.3 मिमी बारिश दर्ज की गई। इससे पहले वर्ष 2018 में अगस्त में 293.1 मिमी बारिश हुई थी।
इधर, मंगलवार को दक्षिणी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश हुई। प्रतापगढ़ में सर्वाधिक 147 मिमी और सोनभद्र में 140 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने बुधवार के लिए यूपी के 21 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले तीन से चार दिन दक्षिणी उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। पूर्वी और दक्षिणी जिलों में अच्छी बारिश हो सकती है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश और मध्यांचल में बारिश की रफ्तार धीरे-धीरे कम होने लगेगी।
सितंबर में पश्चिम में कम, दक्षिण-पूर्व में ज्यादा बारिश के आसार
सितंबर के मासिक पूर्वानुमान में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश की संभावना जताई गई है। दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश में सामान्य से अधिक, जबकि मध्य और दक्षिणी हिस्सों में सामान्य बारिश हो सकती है। हालांकि, सितंबर में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है।
इन जिलों में है भारी बारिश का येलो अलर्ट
बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, सोनभद्र, मिर्जापुर, कानपुर देहात, कानपुर नगर, रायबरेली, मथुरा, हाथरस, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर व आस पास के क्षेत्र।
यहां है गरज चमक के साथ वज्रपात की आशंका
सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, संभल, बदायूं, जालोन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर व आस पास के क्षेत्र।
सितंबर के पहले ही दिन बारिश से सराबोर हुई राजधानी
राजधानी में सितंबर की शुरुआत जोरदार बारिश के साथ हुई। मंगलवार को सुबह से ही शहर के ज्यादातर इलाकों में घने काले बादल छाए रहे। सुबह करीब नौ बजे बारिश शुरू हुई, जो 11 बजे तक चलती रही। इससे दफ्तर और अन्य कामों से निकलने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
दोपहर बाद एक बार फिर बादल सक्रिय हुए और तेज बारिश शुरू हो गई। देर शाम करीब दो घंटे तक हुई जोरदार बारिश से शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया। सड़कों पर पानी भरने से वाहन चालकों और राहगीरों को दिक्कत का सामना करना पड़ा।रिमझिम बारिश का सिलसिला देर रात तक चलता रहा।
शाम तक लखनऊ के चिनहट में 59 मिमी, 1090 चौराहे पर 54 मिमी और राजभवन क्षेत्र में 45.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। बारिश के बाद अधिकतम तापमान में गिरावट आई और मौसम में ठंडक महसूस की गई।
अगस्त में सामान्य से 64 फीसदी अधिक हुई बारिश
इधर मौसम विभाग ने लखनऊ में अगस्त में हुई बारिश के आंकड़े भी जारी किए हैं। इसके अनुसार लखनऊ में अगस्त के दौरान 330.7 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 64 फीसदी अधिक है। अगस्त में शहर में सामान्य बारिश 202 मिमी मानी जाती है। इसके पहले साल 2024 में अगस्त माह में 338.7 मिमी और साल 2018 में 405.5 मिमी बारिश रिकार्ड की गई थी।